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वाराणसी की गणेशपुरी कॉलोनी में नरक जैसे हालात, जलभराव से लोग परेशान

वाराणसी की गणेशपुरी कॉलोनी में नरक जैसे हालात, जलभराव से लोग परेशान

वाराणसी के पॉश कहे जाने वाले इलाकों के पास बसी सुसुवाही क्षेत्र की गणेशपुरी कॉलोनी इन दिनों किसी नरक से कम नहीं दिख रही है। यहां के निवासियों के लिए हर दिन घर से बाहर निकलना किसी बड़े इम्तहान से गुजरने जैसा हो गया है। कॉलोनी की गलियों और मुख्य मार्गों पर महीनों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है, और थोड़ी सी बारिश होते ही हालात इतने बदतर हो जाते हैं कि सड़कों और तालाब में फर्क करना मुश्किल हो जाता है।

घुटने तक भरा पानी, चलना हुआ मुहाल

गणेशपुरी कॉलोनी की सड़कों पर जलभराव इस कदर बढ़ चुका है कि लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए घुटने भर गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि पैदल चलने वाले राहगीर इन सड़कों पर छिपे हुए गहरे गड्ढों का शिकार होकर आए दिन चोटिल हो रहे हैं। पानी साफ न होने के कारण नीचे के गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिसकी वजह से बाइक और साइकिल सवार आए दिन फिसल कर गिर रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या को लेकर संबंधित विभागों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन सिवाय आश्वासनों के उन्हें कुछ नहीं मिला। महीनों से जमा इस पानी के कारण न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि भीषण दुर्गंध और मच्छरों के पनपने से गंभीर बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है।

स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें

इस विकट परिस्थिति का सबसे ज्यादा असर मासूम स्कूली बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। सुबह के वक्त जब बच्चों को स्कूल जाना होता है, तो उन्हें गंदे और दूषित पानी को पार करके निकलना पड़ता है। कई बार बच्चों की यूनिफॉर्म रास्ते में ही गंदी हो जाती है, जिसके कारण उन्हें वापस घर लौटना पड़ता है।

वहीं, बुजुर्गों और मरीजों के लिए तो यह स्थिति जानलेवा साबित हो रही है। यदि कॉलोनी में कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए, तो एम्बुलेंस तक का अंदर आना मुकिल हो जाता है। मरीजों को खाट या गोद में उठाकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ रहा है, क्योंकि चार पहिया वाहन इन जलमग्न और टूटी-फूटी सड़कों पर आ ही नहीं सकते।

जल निकासी की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं

कॉलोनीवासियों का आरोप है कि यहां प्लानिंग के तहत विकास कार्य नहीं किए गए। न तो पानी की निकासी के लिए सही ढंग से नालियों का निर्माण हुआ और न ही पुरानी नालियों की समय पर सफाई की गई। नतीजा यह है कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी सड़कों पर ही फैल रहा है। बारिश के दिनों में यह समस्या और भी ज्यादा विकराल रूप धारण कर लेती है, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाता है।

स्थानीय लोगों की प्रमुख परेशानियां:

  • सड़कों पर गड्ढे: पानी भरने के कारण सड़कों के गड्ढे नजर नहीं आते, जिससे हादसे बढ़ रहे हैं।
  • संक्रामक रोगों का खतरा: जलभराव और कचरे के कारण मलेरिया, डेंगू और वायरल फीवर का डर सता रहा है।
  • व्यापार और आवागमन ठप: स्थानीय दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है क्योंकि ग्राहक पानी के डर से कॉलोनी में आने से कतराते हैं।
  • प्रशासनिक उदासीनता: बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

स्थानीय प्रशासन से बड़ी उम्मीदें

गणेशपुरी कॉलोनी के लोग अब पूरी तरह से त्रस्त आ चुके हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस क्षेत्र का तुरंत निरीक्षण किया जाए और जल निकासी के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कराया जाए ताकि उन्हें इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके।

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रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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