प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी यानी काशी को लेकर सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को अपने दो दिवसीय काशी दौरे के दूसरे दिन भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययनपीठ में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने देश के भविष्य यानी जेन-जी (Gen-Z) पीढ़ी के साथ खुलकर बातचीत की और उनकी उम्मीदों, आकांक्षाओं और चुनौतियों को गहराई से समझा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी 'उत्तम प्रदेश' बनाने की दिशा में युवाओं से सीधे सुझाव प्राप्त करना था।
काशी में आईटी सेक्टर की अपार संभावनाएं, नोएडा-लखनऊ की तर्ज पर तैयारी
युवा संवाद के दौरान जब काशी को आधुनिक तकनीक और उद्योगों से जोड़ने की बात आई, तो नितिन नवीन ने साफ किया कि प्राचीन सांस्कृतिक नगरी काशी अब ग्लोबल टेक्नोलॉजी मैप पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी नोएडा ने आईटी सेक्टर में अपनी धाक जमाई है, ठीक उसी तरह ऐतिहासिक नगरी काशी को भी एक बड़े आईटी हब (IT Hub) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार के शीर्ष स्तर पर ठोस सुझाव रखे जाएंगे ताकि पूर्वांचल के युवाओं को पलायन न करना पड़े और उन्हें अपने ही शहर में हाई-टेक रोजगार के बेहतरीन अवसर मिल सकें।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले समय में भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का ग्लोबल पावरहाउस बनाना हमारी प्राथमिकता है। वर्तमान में तकनीक का परिदृश्य बहुत तेजी से बदल रहा है और इस पीढ़ी परिवर्तन (Generation Shift) को समझना बहुत जरूरी है। अमेरिका और चीन जैसी महाशक्तियों ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए टेक्नोलॉजी को ही अपना मुख्य हथियार बनाया है, और अब भारत भी इसी राह पर पूरी गति से आगे बढ़ रहा है।
युवा सिर्फ 'जॉब सीकर' नहीं, बल्कि 'जॉब गिवर' बनें
कार्यक्रम के दौरान हायर एजुकेशन (उच्च शिक्षा) और रोजगार के बीच की खाई को पाटने पर विशेष जोर दिया गया। काशी विद्यापीठ की तृतीय वर्ष की छात्रा सृष्टि दुबे ने उच्च शिक्षा को लेकर एक तीखा और प्रासंगिक सवाल उठाया था कि अक्सर डिग्रियां मिलने के बाद भी युवा खुद को इंडस्ट्री के लिए तैयार नहीं पाते। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अब शिक्षा प्रणाली को केवल भीड़ बढ़ाने या रटने तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे सीधे तौर पर भविष्य के रोजगार और स्किल डेवलपमेंट से जोड़ने की सख्त आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि देश में आज ढाई लाख से अधिक स्टार्टअप्स का फलना-फूलना इस बात का प्रमाण है कि भारत के युवाओं में रचनात्मकता की कोई कमी नहीं है। सरकार का मुख्य विजन यह है कि देश का युवा नौकरी की तलाश करने वाला (Job Seeker) यानी महज एक कर्मचारी बनकर न रहे, बल्कि वह अपनी मेहनत और सोच के दम पर दूसरों को रोजगार देने वाला (Job Giver) यानी उद्यमी (Entrepreneur) बने। मैनपावर को 'स्किल पावर' में बदलने के लिए सरकार लगातार जमीनी स्तर पर काम कर रही है।
पीढ़ीगत वर्गीकरण और राजनीतिक बयानों से परे हैं युवा
आजकल समाजशास्त्रियों और राजनीतिज्ञों द्वारा युवाओं को अल्फा, बीटा, गामा या अन्य आधुनिक शब्दावलियों में बांटने के ट्रेंड पर भी तीखी टिप्पणी की गई। छात्राओं से बात करते हुए नितिन नवीन ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि युवाओं को किसी भी प्रकार के कृत्रिम वर्गीकरण में फंसाने की कोई आवश्यकता नहीं है। युवा का मतलब केवल 'युवा' होता है, जो सीधे तौर पर भारत का भविष्य और उसकी ताकत को प्रदर्शित करता है। युवाओं के मन की भावनाएं बहुत सुलझी हुई होती हैं। वे आज किसी के प्रभाव में आकर आँख मूंदकर अपनी राय नहीं बनाते, बल्कि अपने निजी अनुभवों, तर्कों और आधुनिक सोच के आधार पर फैसले लेते हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस संवाद के दौरान जेन-जी के युवाओं द्वारा दिए गए सभी महत्वपूर्ण सुझावों को सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाया जाएगा, ताकि नीतिगत फैसलों में इन युवा विचारों को प्राथमिकता मिल सके।
फेक कंटेंट और सोशल मीडिया के जाल से सावधान रहें युवा
आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया की भूमिका और उसके दुष्प्रभावों पर भी गहन चर्चा हुई। युवाओं को आगाह करते हुए मुख्य वक्ता ने कहा कि सोशल मीडिया पर इन दिनों फेक कंटेंट, भ्रामक सूचनाएं और सनसनीखेज खबरें बहुत तेजी से परोसी जाती हैं। ऐसे में आज की जनरेशन को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी जानकारी को बिना उसकी सत्यता और प्रमाणिकता की जांच किए फॉरवर्ड करना या उस पर आँख मूंदकर विश्वास करना खतरनाक हो सकता है। डिजिटल साक्षरता और वैचारिक परिपक्वता ही आज के दौर की सबसे बड़ी मांग है।
युवा कोई वोट बैंक नहीं, बल्कि देश की प्रगति का इंजन हैं: पंकज चौधरी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए एक बहुत बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि राजनीति में अक्सर युवाओं को केवल एक 'वोट बैंक' के रूप में देखा जाता है, लेकिन हमारी सरकार और विचारधारा का मानना है कि युवा देश की प्रगति और बदलाव के असली 'इंजन' हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि पद चाहे कोई भी हो, असली मायने इंसान की सेवा की भावना और उसके समर्पण में होते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए एक नया मंत्र दिया — ‘वी विल डू इट’ (We Will Do It), यानी हर मुश्किल लक्ष्य को अपनी क्षमता से हासिल करना।
दौरे के दौरान काशी की संस्कृति का लुत्फ
राजनीतिक और वैचारिक मंथन से पहले, गुरुवार सुबह नितिन नवीन ने अपने काशी दौरे के तहत पूरी आस्था के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने शहर के प्रसिद्ध ताज होटल में स्थानीय विशिष्टजनों के साथ मिलकर बनारस की पारंपरिक और विश्व प्रसिद्ध जलेबी-कचौड़ी का आनंद लिया। यह दौरा न सिर्फ राजनीतिक दृष्टिकोण से बल्कि सांस्कृतिक और संवाद की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के विकास की धुरी काशी जैसे ऐतिहासिक शहरों से ही तय होने वाली है।