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वाराणसी में विश्वकर्मा जयंती पर 350 कारीगरों को मिली टूलकिट, युवाओं को मिला ऋण

वाराणसी में विश्वकर्मा जयंती पर 350 कारीगरों को मिली टूलकिट, युवाओं को मिला ऋण

वाराणसी में पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देने के लिए कुल 350 लाभार्थियों को मुफ्त टूलकिट वितरित की गई, जबकि मुख्यमंत्री युवा अभियान योजना के तहत युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऋण सहायता के चेक भी सौंपे गए। इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

समारोह में दिग्गजों की रही मौजूदगी

आयोजन के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक त्रिभुवन राम, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, अपर आयुक्त उद्योग हरिश प्रताप सिंह और संयुक्त आयुक्त उद्योग मोहन कुमार शर्मा समेत कई गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

विभिन्न योजनाओं के तहत बांटी गईं टूलकिट

कारगरों और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दो प्रमुख योजनाओं के तहत यह सामग्रियां वितरित की गईं:

  • विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना: इसके तहत कुल 150 लाभार्थियों को टूलकिट प्रदान की गई। इनमें 100 दर्जी और 50 हलवाई शामिल थे, जिन्हें उनके काम को और बेहतर बनाने के उपकरण दिए गए।
  • एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना: इस योजना के अंतर्गत 200 लाभार्थियों को टूलकिट दी गई। इसमें 100 सिल्क उत्पाद से जुड़े कारीगर, 50 वुडेन लेकरवेयर एंड टॉयज (लकड़ी के खिलौने) के कारीगर और 50 प्रसिद्ध गुलाबी मीनाकारी शिल्पकार शामिल रहे।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री युवा अभियान योजना के दो पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही ऋण सहायता के चेक प्रदान किए गए, जिससे वे अपने कारोबार को और विस्तार दे सकें।

महिलाओं के स्वावलंबन और सम्मान पर जोर

समारोह को संबोधित करते हुए श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार महिलाओं के आत्मसम्मान और उनके पूर्ण स्वावलंबन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीते कुछ वर्षों के दौरान जनकल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाया गया है ताकि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सीधे योजनाओं का लाभ पहुंच सके। सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोड़ना है।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 की विस्तृत जानकारी

कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0' के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस संशोधित और उन्नत योजना के अंतर्गत कुल 27 ट्रेडों को शामिल किया गया है, जिनमें 18 पारंपरिक और 9 आधुनिक ट्रेड शामिल हैं।

किन ट्रेडों को मिल रहा है लाभ?

इस योजना के दायरे में आने वाले प्रमुख कार्यों और व्यवसायों की सूची काफी लंबी है:

  • बढ़ई (कार्पेंटर)
  • दर्जी (टेलर)
  • लोहार और सुनार
  • हलवाई
  • मोची (चर्मकार)
  • राजमिस्त्री और मूर्तिकार
  • नाई
  • प्लंबर, मोबाइल और कंप्यूटर मरम्मत
  • सोलर इंस्टॉलेशन
  • डिजिटल फोटोग्राफी

निशुल्क प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता के प्रावधान

राज्यमंत्री ने योजना की विशेषताओं को गिनाते हुए बताया कि इसके तहत लाभार्थियों को कई स्तरों पर आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जाती है:

  • निशुल्क प्रशिक्षण: कारीगरों को उनके हुनर को निखारने के लिए 10 दिनों का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • प्रशिक्षण भत्ता: प्रशिक्षण अवधि के दौरान लाभार्थियों को 5,000 रुपये का मानदेय भी दिया जाता है।
  • मुफ्त टूलकिट: काम शुरू करने के लिए 15,000 रुपये तक के उपकरण निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।
  • ब्याज मुक्त ऋण: कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए बिना किसी गारंटी और बिना ब्याज के 10 लाख रुपये तक की ऋण सहायता का प्रावधान है।
  • सब्सिडी का लाभ: इस ऋण पर 15 प्रतिशत तक की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी जाती है, जिससे चुकाने का बोझ कम होता है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

वाराणसी अपने पारंपरिक हस्तशिल्प, सिल्क साड़ियों और गुलाबी मीनाकारी के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इस प्रकार की योजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल पैतृक कला को नया जीवन मिल रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के युवा भी पारंपरिक व्यवसायों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वितरण समारोहों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और हुनरमंद लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

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रोली सिंह

रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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