वाराणसी के हुकुलगंज इलाके में अवैध शराब का काला कारोबार बेनकाब
उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र वाराणसी में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर के लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हुकुलगंज इलाके में इन दिनों अवैध शराब के कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। हालात यह हैं कि आम जनता अब अपराधियों के खिलाफ सड़कों पर उतरने और पुलिस प्रशासन से गुहार लगाने को मजबूर हो चुकी है।
इलाके की एक जागरूक निवासी अनिता देवी ने थाने के प्रभारी निरीक्षक को एक लिखित पत्र सौंपकर इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस शिकायती पत्र के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस प्रशासन पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं कि आखिर पुलिस की नाक के नीचे यह अवैध धंधा कैसे फल-फूल रहा है।
जेल से छूटकर आया आरोपी, फिर शुरू कर दी अवैध तस्करी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हुकुलगंज स्थित रामजी टेंट हाउस वाली गली के पास रहने वाला डब्बू नाम का व्यक्ति अपने पूरे परिवार के साथ मिलकर अवैध रूप से शराब की तस्करी का संचालन कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि डब्बू पहले भी अवैध शराब के मामलों में पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है और जेल की हवा खा चुका है।
लेकिन कानून का खौफ न होने के कारण, जेल से बाहर आते ही उसने अपने पुराने और अवैध धंधे को फिर से सुचारू रूप से शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद इन अपराधियों के तेवर और ज्यादा आक्रामक हो गए हैं, जिससे पूरे मोहल्ले में असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।
चार अक्टूबर की शाम हुआ बड़ा खुलासा
यह पूरा मामला तब खुलकर सामने आया जब 4 अक्टूबर 2026 की शाम लगभग 9:30 बजे हुकुलगंज इलाके में एक संदिग्ध घटना घटी। डब्बू के मकान में किराए पर रहने वाले एक अनजान व्यक्ति को स्थानीय लोगों ने एक संदिग्ध बोरे के साथ पकड़ लिया। जब उस बोरे की जांच की गई, तो उसके भीतर से भारी मात्रा में देशी शराब बरामद हुई।
जैसे ही इस बात की भनक डब्बू के परिवार को लगी, स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि डब्बू के घर की महिलाएं और लड़कियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं और पकड़ी गई शराब को जबरन वापस अपने घर ले गईं। इसके बाद उन्होंने न केवल साक्ष्य छिपाने की कोशिश की, बल्कि पूरी गली में सरेआम गाली-गलौज और भारी विवाद भी खड़ा कर दिया।
गिरोह की धमकियां: 'झूठे मुकदमों में फंसाकर बर्बाद कर देंगे जिंदगी'
अवैध शराब के कारोबार का विरोध करने वाले स्थानीय नागरिक अब खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। शिकायतकर्ता अनिता देवी और अन्य मोहल्लेवासियों का गंभीर आरोप है कि शराब तस्करों का यह गिरोह विरोध करने वालों को खुलेआम डरा-धमका रहा है।
आरोपियों की ओर से यह चेतावनी दी जा रही है कि यदि किसी ने भी उनके इस अवैध कारोबार में दखल देने की कोशिश की या पुलिस में शिकायत जारी रखी, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। तस्करों का कहना है कि वे विरोधियों को किसी बड़े और झूठे मामले में फंसाकर उनकी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देंगे। इस तरह की धमकियों ने आम जनता की रातों की नींद उड़ा दी है।
मोहल्ले वासियों की हुंकार, प्रशासन से लगाई सख्त कार्रवाई की गुहार
अपराधियों के बढ़तेौसलों और पुलिस की कथित उदासीनता से त्रस्त होकर अब हुकुलगंज के तमाम स्थानीय निवासी एकजुट हो चुके हैं। लोगों ने साफ शब्दों में कह दिया है कि वे इस अवैध कारोबार को अब अपने इलाके में और अधिक बर्दाश्त नहीं करेंगे।
- मुख्य मांग 1: अवैध शराब के इस अड्डे पर तुरंत और स्थायी रूप से रोक लगाई जाए।
- मुख्य मांग 2: मुख्य आरोपी डब्बू और उसके सहयोगियों पर बिना किसी देरी के कठोर कानूनी शिकंजा कसा जाए।
- मुख्य मांग 3: धमकियां देने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ आईपीसी की प्रासंगिक धाराओं के तहत सख्त एक्शन लिया जाए।
- मुख्य मांग 4: इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
पुलिस प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा
यह पूरा प्रकरण वाराणसी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती और अग्निपरीक्षा बन चुका है। जनता ने अपनी लिखित शिकायत के जरिए पुलिस के सामने सारे सुराग रख दिए हैं। अब यह देखना बेहद दिलचस्प और अहम होगा कि स्थानीय पुलिस थाना इस मामले में कितनी तेजी से और कितनी सख्ती से कार्रवाई करती है।
यदि समय रहते इन अपराधियों पर नकेल नहीं कसी गई, तो यह छोटा सा विवाद किसी बड़ी और अप्रिय घटना का रूप ले सकता है। फिलहाल, क्षेत्र के लोग पुलिस की अगली कार्रवाई पर अपनी नजरें गड़ाए बैठे हैं और न्याय की आस लगाए हुए हैं।