पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में दुर्गापूजा के दौरान पंडालों में उमड़ने वाली भारी भीड़ का फायदा उठाकर दर्शनार्थियों के कीमती सामान चुराने वाले एक सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने गिरोह के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं।
दैनिक जागरण के कोलकाता संस्करण से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरोह दुर्गापूजा के अवसर पर पूजा पंडालों में अत्यधिक भीड़ का लाभ उठाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी इतनी शातिर तरीके से भीड़ में घुलमिल जाते थे कि आम लोगों या सुरक्षा में तैनात कर्मियों को उन पर किसी प्रकार का संदेह नहीं होता था।
भीड़ का फायदा उठाकर करते थे वारदात
जांच में सामने आया है कि जब दर्शनार्थी पूरी श्रद्धा और ध्यान के साथ देवी प्रतिमा के दर्शन और पूजा-अर्चना में व्यस्त होते थे, तब ये शातिर अपराधी उनके आस-पास मंडराते रहते थे। दर्शनार्थियों का ध्यान भटकते ही ये लोग गले से सोने की चेन, हाथ की घड़ियां और महंगे मोबाइल फोन पलक झपकते ही गायब कर देते थे। पंडालों में भारी भीड़ और गहमागहमी होने के कारण पीड़ितों को तुरंत यह पता भी नहीं चल पाता था कि उनका सामान किसने और कब चुराया है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
स्थानीय पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह के तार अन्य किन राज्यों या जिलों से जुड़े हैं। पुलिस यह भी खंगालने का प्रयास कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने इससे पहले भी पश्चिम बंगाल या अन्य राज्यों में अन्य धार्मिक उत्सवों या पूजा मंडपों में चोरी की ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है।
हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए सभी 13 आरोपियों के नाम, उनके पास से बरामद सामान का सटीक विवरण तथा अब तक कुल कितनी चोरियों को अंजाम दिए जाने की पुष्टि आधिकारिक तौर पर साझा नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद इस मामले में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।