कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी अनुषंगी कंपनियों के वेतन बोर्ड के गैर-अधिकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों के मकान किराया भत्ता (एचआरए) की दरों में बढ़ोतरी करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। संशोधित दरें एक सितंबर 2026 से प्रभावी होंगी।
धनबाद से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोल इंडिया के मानव संसाधन विभाग ने इस संबंध में 22 अक्टूबर को औपचारिक आदेश जारी किया है। नई दरों के लागू होने से विभिन्न श्रेणियों के शहरों में तैनात कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वित्तीय लाभ मिलेगा।
शहरों की श्रेणी के अनुसार तय हुई नई दरें
कोल इंडिया प्रबंधन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, कर्मचारियों को मिलने वाले मकान किराया भत्ते को शहरों के वर्गीकरण के आधार पर तीन श्रेणियों (एक्स, वाई और जेड) में बांटा गया है। नई व्यवस्था के तहत:
- एक्स श्रेणी के शहर: यहां मकान किराया भत्ते की दर को 24 प्रतिशत से बढ़ाकर मूल वेतन का 27 प्रतिशत कर दिया गया है।
- वाई श्रेणी के शहर: इस श्रेणी के शहरों में एचआरए की दर 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है।
- जेड श्रेणी के शहर: इन शहरों में तैनात कर्मचारियों के लिए भत्ते की दर आठ प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत कर दी गई है।
यह संशोधित दरें पात्र गैर-अधिकारी कर्मचारियों के मूल वेतन के आधार पर लागू की जाएंगी। किस कर्मचारी को किस शहर की श्रेणी के अनुसार लाभ मिलेगा, यह संबंधित शहर के आधिकारिक वर्गीकरण और कंपनी के निर्धारित नियमों पर निर्भर करेगा।
क्यों बढ़ाई गई एचआरए की दरें?
कर्मचारियों के मकान किराया भत्ते में इस संशोधन का मुख्य आधार परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) में हुई वृद्धि है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, एक सितंबर 2026 से गैर-अधिकारी कर्मचारियों का परिवर्तनीय महंगाई भत्ता बढ़कर 26.8 प्रतिशत हो गया है, जो कि निर्धारित 25 प्रतिशत की सीमा से अधिक है।
महंगाई भत्ते में इस बढ़ोतरी के बाद, 11वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते (NCWA-XI) के तय प्रावधानों के तहत ही मकान किराया भत्ते की इन नई दरों को लागू करने का निर्णय लिया गया है। कोल इंडिया प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि एचआरए की पात्रता और उसके भुगतान से जुड़ी अन्य सभी पुरानी नियम एवं शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी, जिनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।