गम्हरिया और आदित्यपुर लैम्पस के 650 बकायेदारों पर प्रशासनिक शिकंजा, दो सप्ताह के भीतर भुगतान न करने पर दर्ज होगी प्राथमिकी
जमशेदपुर के गम्हरिया और आदित्यपुर लैम्पस के प्रशासक बसंत कुमार सिंह ने पदभार संभालते ही बकाया ऋण की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है। दोनों लैम्पस के लगभग 650 बकायेदारों पर कुल 4.50 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। सहकारिता विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ऋण का भुगतान न करने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।
लैम्पस कामकाज की समीक्षा और ऋणधारकों की सूची का जायजा
पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद प्रशासक बसंत कुमार सिंह ने गम्हरिया और आदित्यपुर लैम्पस के कामकाज की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ऋणधारकों की सूची का गहराई से जायजा लिया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को वसूली अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के मुताबिक, बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद कई ऋणधारकों ने अब तक अपने बकाये का भुगतान नहीं किया है, जिसके चलते लैम्पस से जुड़े आम खाताधारकों को उनकी जमा राशि वापस पाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
किस लैम्पस पर कितना बकाया और भुगतान की व्यवस्था
उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गम्हरिया लैम्पस के लगभग 200 ऋणधारकों पर करीब दो करोड़ रुपये की देनदारी है। वहीं, आदित्यपुर लैम्पस के लगभग 450 ऋणधारकों के पास करीब 2.50 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस प्रकार दोनों संस्थानों को मिलाकर कुल 650 ऋणधारकों पर 4.50 करोड़ रुपये का कर्ज लंबित है।
सहकारिता विभाग ने सभी बकायेदारों को अपने बकाए का भुगतान करने के लिए दो सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। इस तय अवधि के दौरान ऋणधारक अपनी बकाया राशि निम्नलिखित बैंकों की शाखाओं में जमा करा सकते हैं:
- गम्हरिया लैम्पस की बकाया राशि बैंक ऑफ इंडिया की आसंगी शाखा में जमा होगी।
- आदित्यपुर लैम्पस की बकाया राशि पंजाब नेशनल बैंक की आदित्यपुर शाखा में जमा की जा सकती है।
एकमुश्त भुगतान पर छूट और किस्तों का विकल्प
प्रशासन ने बकायेदारों को राहत देते हुए उन्हें किस्तों में भुगतान करने का विकल्प भी दिया है। जो ऋणधारक अपना पूरा बकाया एकमुश्त (Lump sum) चुकाना चाहते हैं, उन्हें नियमानुसार छूट दिए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, जो लोग एक साथ पूरी रकम नहीं दे सकते, वे मासिक किस्तों के माध्यम से भी अपने बकाये का निपटान कर सकते हैं। प्रशासक ने चेतावनी दी है कि दी गई दो सप्ताह की मोहलत समाप्त होने के बाद भी जिन लोगों ने भुगतान नहीं किया, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की जाएगी।