होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद दो तेल टैंकरों में विस्फोट। सऊदी अरब और यूएई ने घटना की निंदा की।
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के बीच रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा संकट मंडराता नजर आ रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के अनुसार, इस संवेदनशील जलमार्ग से गुजर रहे दो तेल टैंकर—जिनमें एक विशाल सुपरटैंकर भी शामिल है—संदिग्ध नौसैनिक बारूदी सुरंगों (नेवल माइन्स) से टकराकर भीषण विस्फोट का शिकार हो गए।
ईरानी नौसेना के जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में दावा किया गया है कि इन दोनों जलपोतों ने नेविगेशन और पहचान प्रणालियों (आइडेंटिफिकेशन सिस्टम्स) को पूरी तरह से बंद कर रखा था। इसके अलावा, प्रतिबंधित और अनधिकृत रास्तों का इस्तेमाल न करने को लेकर दी गई बार-बार की चेतावनियों को भी नजरअंदाज किया गया। ईरानी दावों के मुताबिक, निषेध क्षेत्र से गुजरने के दौरान हुए जोरदार धमाके के बाद इनमें से एक टैंकर में भयंकर आग लग गई।
अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों और यूकेएमटीओ की चेतावनी
इस बीच, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी इस रणनीतिक जलमार्ग में एक व्यापारिक जहाज पर हमले की पुष्टि की है। UKMTO द्वारा 1 नवंबर को जारी की गई चेतावनी के अनुसार, उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य में लगभग 1509 UTC पर एक अप्रिय घटना घटने की सूचना मिली थी। समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि एक व्यापारिक जहाज के कैप्टन ने VHF चैनल 16 के जरिए 'मेडे' (Mayday) कॉल करके यह जानकारी दी थी कि किसी अज्ञात वस्तु के टकरा जाने से एक अन्य जहाज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना के बाद UKMTO ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों को अत्यधिक सतर्कता बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए हैं, जबकि संबंधित अधिकारी पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं।
सऊदी अरब और यूएई की तीखी प्रतिक्रिया
घटना के सामने आने के बाद क्षेत्रीय देशों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। सऊदी अरब ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए अरब की खाड़ी में 'अल मायदा' (Al Mayeda) नामक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) कैरियर को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। यह प्रभावित जहाज 'कतर गैस ट्रांसपोर्ट कंपनी' का है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी अपने बयान में सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समुद्री आवाजाही और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करती हैं। मंत्रालय ने इस संकट के समय कतर के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त की और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सख्ती से पालन कराने के लिए तत्काल वैश्विक कदम उठाने का आह्वान किया है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी अरब की खाड़ी में कतरी एलएनजी कैरियर पर हुए इस हमले की तीखे शब्दों में भर्त्सना की है।
ओमान तट के पास हुए पिछले हमले का संदर्भ
होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्रों में जहाजों को निशाना बनाए जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे कुछ दिन पहले ही UKMTO ने ओमान के खसाब शहर से लगभग 25 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में एक अन्य टैंकर पर हुए हमले की रिपोर्ट जारी की थी। उस घटना का विवरण देते हुए एजेंसी ने बताया था कि एक छोटी संदिग्ध नाव जहाज के बेहद करीब आई थी और उसने जलपोत के बाहरी ढांचे (हल) पर पानी की सतह के ठीक ऊपर दो विस्फोटक उपकरण फिट कर दिए थे। इस सुनियोजित हमले के कारण टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई थी और वह कुछ समय के लिए पूरी तरह निष्क्रिय हो गया था। हालांकि, राहत की बात यह रही कि उस घटना में चालक दल के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित बताए गए और पर्यावरण पर भी किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव दर्ज नहीं किया गया।