कैलिफोर्निया में संघीय अधिकारियों की कार्रवाई से अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले कई प्रवासी गंभीर कानूनी संकट में फंस गए हैं।
अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में इस सप्ताह संघीय अधिकारियों द्वारा कथित मतदाता धोखाधड़ी के मामले में जिन प्रवासियों को निशाना बनाया गया है, उनमें से अधिकांश ने अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया था। अब इन सभी पर नागरिकता के फॉर्म भरने या साक्षात्कार के दौरान झूठी जानकारी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यदि वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें लंबी जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है और उनकी अमेरिकी नागरिकता हासिल करने की सभी उम्मीदों पर पानी फिर सकता है।
इस कानूनी कार्रवाई की चपेट में आईं अमनदीप कौर पिछले आठ वर्षों से अमेरिका में रह रही हैं और अमेरिकी नागरिक बनने की प्रक्रिया से गुजर रही हैं। उनके पति कुलविंदर सिंह ने इस पूरी स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी पत्नी ने साल 2024 में अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया था। अंग्रेजी भाषा में परेशानी होने के कारण उन्होंने मोटर वाहन विभाग (डीएमवी) में हिंदी भाषा में लिखित परीक्षा दी थी। कुलविंदर सिंह के अनुसार, उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उस प्रक्रिया के दौरान उनकी पत्नी का नाम मतदाता के रूप में दर्ज हो गया था या नहीं।
कुलविंदर सिंह ने आगे बताया कि उनकी पत्नी को साल 2024 में एक मतपत्र प्राप्त हुआ था, जिसे उन्होंने भरकर वापस भेज दिया था, लेकिन उस समय दोनों को यह लगा था कि वह केवल एक साधारण मतदाता पंजीकरण फॉर्म है। अब इस कानूनी शिकंजे के सामने आने के बाद अमनदीप कौर बेहद तनाव में हैं। अमेरिकी नागरिक कुलविंदर सिंह ने दुख जताते ہوئے कहा कि उनकी पत्नी लगातार रोती रहती हैं और यह स्थिति उनके परिवार के लिए बेहद दिल तोड़ने वाली है।
लंबे समय से रह रहे स्थायी निवासी भी आए जद में
इस कार्रवाई के दायरे में केवल हालिया आवेदक ही नहीं, बल्कि दशकों से अमेरिका में रह रहे लोग भी शामिल हैं। आरोपियों में 42 वर्षीय जोस एंटोनियो बान्युएलोस-डियाज भी हैं, जो पिछले 40 वर्षों से अमेरिका में रह रहे हैं। अपनी पूरी वयस्क जिंदगी कानूनी स्थायी निवासी के तौर पर बिताने के बाद उन्होंने अक्टूबर 2025 में अमेरिकी नागरिकता के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन किया था।
संघीय सरकार द्वारा दायर आरोपपत्र में कहा गया है कि उन्होंने साल 2007 में मतदाता के रूप में पंजीकरण कराते समय खुद को अनुचित तरीके से अमेरिकी नागरिक बताया था और बाद में आव्रजन दस्तावेजों में भी इसी बात को दोहराते हुए झूठी जानकारी दी थी। हालांकि, सरकार की ओर से उन पर प्रत्यक्ष रूप से मतदान करने का कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
बान्युएलोस-डियाज ने 'एसोसिएटेड प्रेस' को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया कि सोमवार को लॉस एंजिलिस स्थित उनके घर के बाहर गिरफ्तार किए जाने से ठीक पहले तक उन्हें इस बात का बिल्कुल आभास नहीं था कि उनका नाम किसी मतदाता सूची में दर्ज है। उन्हें केवल इतना याद है कि उन्होंने साल 2007 के आसपास अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया था। ध्यातव्य है कि कैलिफोर्निया में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय लोगों को मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का विकल्प दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि उन्हें भली-भांति पता है कि वे इसके पात्र नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उस समय कोई प्रशासनिक गलती हुई भी थी, तो अधिकारियों को उन्हें तुरंत रोकना चाहिए था, न कि पूरे 20 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद इस तरह की कार्रवाई करनी चाहिए। गिरफ्तारी के बाद हालांकि उन्हें हिरासत से रिहा कर दिया गया है, लेकिन दोषी साबित होने पर उन्हें पांच साल तक की कैद हो सकती है।
कार्रवाई का दायरा और कानूनी प्रावधान
संघीय अधिकारियों ने सोमवार को कैलिफोर्निया में 24 से अधिक कानूनी स्थायी प्रवासियों की पहचान कर उनके खिलाफ अवैध रूप से मतदान करने या इसके लिए पंजीकरण कराने के मामलों में कार्रवाई शुरू की। बृहस्पतिवार सुबह तक सरकार कुल 28 में से 10 मामलों में अपने औपचारिक आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर चुकी है। इन दस्तावेजों से यह उजागर हुआ है कि कैसे अधिकारियों ने मतदाता पंजीकरण के आंकड़ों का विश्लेषण कर आव्रजन स्थिति से जुड़े व्यापक आपराधिक आरोप लगाने की यह प्रक्रिया अपनाई है।
कैलिफोर्निया में इन आरोपों का सामना कर रहे अधिकांश प्रवासी कम से कम पांच वर्षों से अमेरिका की धरती पर रह रहे हैं, जबकि कुछ ऐसे भी हैं जो पिछले कई दशकों से वहां निवास कर रहे हैं। नागरिकता के आवेदन के दौरान झूठ बोलने का दोषी पाए जाने पर इन सभी प्रवासियों को देश से निर्वासित (डिपोर्ट) भी किया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों और सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अवैध रूप से मतदान करने की तुलना में आव्रजन संबंधी फॉर्मों में झूठ बोलना कहीं अधिक गंभीर अपराध माना जाता है और इसके लिए सजा का प्रावधान भी कड़ा है। अमेरिका में अवैध रूप से मतदान करने के दोषी पाए जाने वाले प्रवासियों को अधिकतम एक साल तक की जेल हो सकती है, जबकि अमेरिकी नागरिकता हासिल करने के आवेदन में झूठ बोलने के दोषियों को दस साल तक की कैद भुगतनी पड़ सकती है।
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कुल मामलों में से छह लोगों पर गैर-अमेरिकी नागरिक होने के बावजूद मतदान करने का आरोप तय किया जाएगा, जो कि एक मामूली अपराध की श्रेणी में आता है। इसके विपरीत, अन्य 22 लोगों पर कई गंभीर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से नागरिकता आवेदन, साक्षात्कार या मतदाता पंजीकरण फॉर्म में जानबूझकर झूठी जानकारी देना शामिल है।