उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि राहुल गांधी देश की पुरानी और मजबूत वैचारिक नींव के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने शाह की ओर से लगाए गए घुसपैठियों के वोट बचाने के आरोपों को खारिज करते हुए उलटे पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की हालिया चुनावी अनियमितताओं का हवाला दिया और उस पर चर्चा करने की मांग की।
हाल ही में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे 'वोट चोरी' के मुद्दों को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला था। शाह ने दावा किया था कि देश लगातार भाजपा की सरकारों को चुन रहा है, लेकिन विपक्ष हार पचने में असमर्थ होकर कभी ईवीएम तो कभी वोट चोरी के बहाने ढूंढ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्ष वोट चोरी के इन बहानों के जरिए असल में घुसपैठियों के वोट बचाना चाहता है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस पार्टी के विभिन्न राज्यों के लंबे समय से चुनावी हार के आंकड़े भी गिनाए थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस गुजरात, उत्तर प्रदेश, बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में दशकों से सत्ता से बाहर है और मोदी सरकार के आने से पहले से ही इन राज्यों में उसकी लगातार हार होती रही है। शाह ने तंज कसते हुए कहा था कि नकारात्मक राजनीति के कारण वर्ष 2030 तक भी कांग्रेस की वापसी की कोई संभावना नहीं है। इसके अलावा उन्होंने विपक्ष पर यह भी आरोप लगाया था कि वे अपनी जीत वाले राज्यों में चुनाव आयोग, ईवीएम और न्यायपालिका को सही मानते हैं, जबकि हार मिलने पर उन्हीं संस्थानों पर सवाल उठाने लगते हैं।
इन तमाम बयानों और आरोपों का जवाब देते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीतिक विचारधारा कोई नई नहीं है, बल्कि यह महात्मा गांधी और आजादी के आंदोलन के समय से चली आ रही कांग्रेस की मूल विचारधारा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी न केवल कल थे, बल्कि आज भी मजबूती से मौजूद हैं और भविष्य में भी सक्रिय रहेंगे।
पीलीभीत सदर के मुद्दे पर चर्चा की मांग
गृह मंत्री के घुसपैठियों और वोट चोरी वाले आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आराधना मिश्रा ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पीलीभीत सदर में सत्तारूढ़ दल से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच कथित तौर पर बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं, जिन्हें चुनाव आयोग ने भी स्वीकार किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि गृह मंत्री को ऐसे मामलों का संज्ञान लेना चाहिए और इस पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने विपक्षी दलों और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों पर दोहरे मापदंड के आरोपों को भी निराधार बताया। राजनीतिक गलियारों में इन बयानों के बाद पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है, जहां एक तरफ भाजपा विपक्ष की चुनावी असफलताओं और नकारात्मक राजनीति को रेखांकित कर रही है, वहीं कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जमीनी अनियमितताओं के मुद्दों को जोर-शोर से उठा रही है।