भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बढ़ा तनाव, अरुणाचल के अग्रिम इलाकों में चीनी सैनिकों की गतिविधियां तेज
भारत-चीन सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के कई हिस्सों में एक बार फिर दोनों देशों के सैनिकों के बीच आमना-सामना होने की खबरें सामने आई हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने इस बात की पुष्टि की है कि अरुणाचल प्रदेश सहित सीमा के विभिन्न इलाकों में भारतीय सुरक्षा बलों और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के जवानों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। उनके अनुसार, जुलाई महीने से ही कई स्थानों पर इस तरह का आमना-सामना देखा जा रहा है और कुछ क्षेत्रों में यह गतिरोध अब भी पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है।
LAC के पास चीनी सैनिकों द्वारा तंबू लगाने का दावा
ITBP प्रमुख ने सीमा के अग्रिम क्षेत्रों में चीनी सैनिकों की तैनाती और हरकतों का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के असाफिला और तवांग सेक्टर के तक्षिंग क्षेत्र के पास चीनी PLA के जवानों ने भारत की एलएसी संबंधी धारणा से लगभग 6 से 7 किलोमीटर की दूरी पर अपने सैन्य तंबू स्थापित किए हैं। इस उकساवे और संभावित अतिक्रमण की कोशिशों का जवाब देने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों ने भी अपनी अग्रिम तैनाती को मजबूत किया है ताकि सामरिक स्थिति पर पूरी पकड़ बनाई रखी जा सके और सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पारंपरिक सैन्य क्षमता के अंतर को पाटने के लिए ड्रोन तकनीक पर जोर
आधुनिक युद्धक प्रणालियों और रणनीतियों पर चर्चा करते हुए ITBP महानिदेशक ने इस बात को रेखांकित किया कि चीन ने अपनी सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण में बहुत भारी निवेश किया है। ऐसे में पारंपरिक तरीकों और सैन्य बलों के सहारे सीधे तौर पर उसका मुकाबला करना भारत के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकता है। इस अंतर को पाटने के लिए उन्होंने मानवरहित प्रणालियों यानी ड्रोन तकनीक के विकास और इस्तेमाल पर विशेष बल दिया। रूस-यूक्रेन संघर्ष और ईरान-अमेरिका तनाव का हवाला देते हुए उन्होंने समझाया कि आज के दौर में ड्रोन और आधुनिक तकनीक छोटे देशों या रक्षात्मक ताकतों को भी बड़ी सैन्य ताकतों के सामने टिकने का प्रभावी जरिया मुहैया कराती हैं। इस दौरान उन्होंने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर कुछ सैनिकों के हताहत होने के आंकड़े भी रखे, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
कूटनीतिक वार्ताओं के बावजूद सीमा विवाद और चुनौतियां कायम
ज्ञात हो कि ITBP भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चीन के साथ लगी लंबी सीमा की सुरक्षा का जिम्मा संभालती है। LAC के संरेखण को लेकर भारत और चीन के बीच धारणाएं अलग-अलग हैं, जिसके कारण लंबे समय से सीमा विवाद चला आ रहा है। दोनों सरकारों के बीच उच्च स्तर पर कई दौर की सैन्य, राजनयिक और कूटनीतिक बातचीत हो चुकी है, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों से तनाव कम किया जा सके। इसके बावजूद, मैदानी स्तर पर सैनिकों की आवाजाही, तंबू लगाने की घटनाएं और क्षेत्रीय दावों को लेकर कायम मतभेद इस बात को दर्शाते हैं कि द्विपक्षीय संबंधों के सामने सीमा सुरक्षा की चुनौती अभी भी बनी हुई है।