अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने इस्तीफा दिया। डेमोक्रेटिक लीडर हाकीम जेफ्रीज बन सकते हैं पहले अश्वेत स्पीकर।
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी हार के बाद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर माइक जॉनसन ने अपने पद से हटने का निर्णय लिया है। उनके इस फैसले की पुष्टि उनके आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा एएफपी को दी गई है।
54 वर्षीय माइक जॉनसन अक्टूबर 2023 से हाउस के स्पीकर के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्होंने बुधवार सुबह अपने कार्यालय के स्टाफ को अपने इस कदम की जानकारी दी। इस चुनाव परिणाम के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों पर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है। माइक जॉनसन के पद छोड़ने के बाद अब रिपब्लिकन खेमे में स्टीव स्कालीस और जिम जॉर्डन के बीच मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माइक जॉनसन के कार्यकाल की सराहना करते हुए स्पष्ट किया है कि वे उनके उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
हाकीम जेफ्रीज बन सकते हैं अमेरिका के पहले अश्वेत हाउस स्पीकर
इस राजनीतिक उलटफेर के बीच डेमोक्रेटिक लीडर हाकीम जेफ्रीज हाउस स्पीकर के पद के लिए सबसे आगे चल रहे हैं। 56 वर्षीय न्यूयॉर्क से सांसद हाकीम जेफ्रीज आगामी जनवरी माह में नए कांग्रेस सत्र की शुरुआत के साथ ही अमेरिकी इतिहास के पहले अश्वेत हाउस स्पीकर बन सकते हैं। वे पिछले चार वर्षों से हाउस डेमोक्रेट्स का नेतृत्व कर रहे हैं। जेफ्रीज ने अपने सहयोगियों को एक पत्र लिखकर किफायती जीवन, प्रशासनिक जवाबदेही और अमेरिकी मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है।
उन्होंने अपने संबोधन और पत्रों में इस बात पर जोर दिया है कि हाउस अब किसी भी प्रशासन की कठपुतली के रूप में कार्य नहीं करेगा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा की लागत, टैरिफ और ईरान युद्ध जैसे तमाम अहम मुद्दों पर ठोस कार्रवाई करने का वादा किया है।
हाकीम जेफ्रीज का राजनीतिक सफर
ब्रुकलिन में जन्मे हाकीम जेफ्रीज का संबंध एक मध्यवर्गीय पृष्ठभूमि से है। राजनीति में आने से पहले वे कॉरपोरेट वकील के रूप में कार्य कर चुके हैं और न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वे वर्ष 2012 से लगातार कांग्रेस के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। अमेरिकी संसद के इतिहास में उनका यह संभावित मुकाम एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।