मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फील्ड में रहने के दिए निर्देश, प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव की तैयारियां दुरुस्त रखने को कहा गया
उत्तर प्रदेश में चक्रवात ‘अर्णब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए राज्य शासन और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 से 31 अक्टूबर तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इसे गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और खराब मौसम के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
राहत आयुक्त कार्यालय ने जारी की एडवाइजरी
संभावित आपदा और खराब मौसम के मद्देनजर राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से विस्तृत सतर्कता एडवाइजरी जारी कर दी गई है। इसके तहत सभी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को जमीनी स्तर पर मुस्तैद रहने को कहा गया है। मौसम की हर गतिविधि और स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि यदि मौसम ज्यादा बिगड़ता है और निचले या जोखिम वाले इलाकों में जलभराव या अन्य संकट पैदा होता है, तो तुरंत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
किसानों की फसल और पशुधन सुरक्षा पर जोर
इस चक्रवाती प्रभाव के दौरान किसानों की फसलों और पशुधन को संभावित नुकसान से बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि और पशुपालन से जुड़े अधिकारियों को भी एडवाइजरी के अनुरूप कदम उठाने को कहा गया है ताकि ग्रामीण इलाकों में किसानों को उचित समय पर सहायता और मार्गदर्शन मिल सके। आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के दौरान आम जनता से भी अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और पूरी तरह सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
जनहानि रोकने के लिए प्रशासनिक अमला मुस्तैद
शासन का मुख्य उद्देश्य खराब मौसम के इस दौर में किसी भी प्रकार की जनहानि को रोकना है। इसके लिए आपदा प्रबंधन टीमों, पुलिस और स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह समन्वय के साथ काम करने के लिए कहा गया है। संवेदनशील जिलों में राहत सामग्री, चिकित्सा दलों और बचाव उपकरणों की उपलब्धता पहले से पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।