उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक परिदृश्य में मातृशक्ति की भूमिका को सर्वोपरि रखते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में वाराणसी के पिंडरा क्षेत्र में एक बेहद खास और प्रेरणादायी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बाबतपुर-पिंडरा स्थित आशा एजुकेशन ग्रुप परिसर में आयोजित ‘कामकाजी महिला सम्मान समारोह’ के दौरान समाज की रीढ़ कही जाने वाली महिलाओं को मंच पर सम्मानित किया गया। इस भव्य आयोजन में दूर-दूर से आईं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, रसोइयों, सफाई मित्रों और आशा वर्करों ने हिस्सा लिया, जिनकी कड़ी मेहनत के बल पर जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाएं सफल होती हैं।
काशी की पावन भूमि पर मातृशक्ति का अभिनंदन
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद ऊर्जावान माहौल में हुई। भारी संख्या में उपस्थित महिलाओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को एक जन-उत्सव का रूप दे दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की ‘आधी आबादी’ को वास्तविक सम्मान और उनके योगदान का पूरा एहसास कराना ही सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। उन्होंने काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि आज यह प्राचीन नगरी वैश्विक पटल पर एक नई पहचान बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि काशी के विकास के लिए पिछले कुछ वर्षों में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं और करीब एक लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य इस बात की गवाही देते हैं कि शहर का कायाकल्प किस गति से हो रहा है।
आर्थिक स्वावलंबन और स्वयं सहायता समूहों की ताकत
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं के आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने पर सबसे ज्यादा जोर दिया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आज उत्तर प्रदेश में लगभग 28 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) के माध्यम से विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं और समाज को एक नई दिशा दे रही हैं।
इस दिशा में गेम-चेंजर साबित हो रही योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:
- बीसी सखी योजना: ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुंचाने में महिलाओं की भूमिका बढ़ी है।
- ड्रोन दीदी योजना: कृषि के आधुनिकीकरण में महिलाएं तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं।
- अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र: आज की नारी केवल चूल्हे-चौके तक सीमित नहीं है, बल्कि स्पेस टेक्नोलॉजी, खेलकूद और सेना में भी अपनी धाक जमा रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूंजी या पैसों के अभाव में राज्य की किसी भी बेटी या महिला का कोई भी सपना अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा, सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
कल्याणकारी योजनाओं से बदली करोड़ों जिंदगियां
बीते कुछ वर्षों में महिलाओं और बेटियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए शुरू की गई योजनाओं की फेरहिस्त गिनाते हुए सीएम योगी ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, और उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन से धुएं और असुरक्षा के अंधेरे को दूर किया है।
इसके साथ ही:
- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के जरिए बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा तक का आर्थिक मार्ग सुगम किया गया है।
- सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता को दूर किया गया है।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के जरिए गर्भवती महिलाओं और माताओं को पोषण के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों के लिए विशेष प्रावधान
शिक्षा के मोर्चे पर सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल आवासीय विद्यालयों में आधी सीटें बेटियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित कर दी गई हैं। इसके अलावा, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों का दायरा बढ़ाकर बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे छात्राओं का आत्मविश्वास और गतिशीलता दोनों बढ़ी हैं।
ओडीओपी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से मिल रहा रोजगार को बल
स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि वाराणसी की विश्व प्रसिद्ध हस्तकला, बनारसी साड़ियों से लेकर फिरोजाबाद के कांच उद्योग तक को इस योजना ने वैश्विक बाजार उपलब्ध कराया है। बेहतर सड़कों, फ्लाईओवर्स, हाइवे, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट जैसी आधुनिक बुनियादी संरचनाओं (Infrastructure) के विकास से व्यापार और आवागमन आसान हुआ है, जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए द्वार खुले हैं।
कार्यक्रम में दिग्गजों की रही मौजूदगी
पिंडरा के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी बड़ी उपस्थिति रही। पिंडरा के विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य राय धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ. सुनील पटेल सहित मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि ज़मीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं को जब शासन-प्रशासन का संबल मिलता है, तो वे पूरे प्रदेश और देश के विकास की धुरी बन जाती हैं।