उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीपरपुर कोतवाली क्षेत्र के बरतला गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में विषाक्त पदार्थ के सेवन से एक विवाहिता की मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
बरतला गांव की घटना, अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीपरपुर कोतवाली क्षेत्र के मजरे अमयेमाफी स्थित बरतला गांव में रहने वाली सपना (विवाहिता) ने रविवार देर शाम अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। घर में मौजूद लोगों ने जब उसकी हालत खराब देखी, तो तुरंत उसे बचाने के प्रयास शुरू किए।
परिजनों ने आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेटुआ पहुंचाया। वहां के डॉक्टरों ने सपना की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे पहले सुलतानपुर और फिर संजय गांधी अस्पताल मुंशीगंज ले गए। हालात में कोई सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उसे असैदापुर के लिए रेफर किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
करीब 20 साल पहले हुई थी शादी
मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका सपना की शादी करीब बीस साल पहले बरतला गांव निवासी अरविंद कुमार उपाध्याय (पुत्र राघवराम उपाध्याय) के साथ हुई थी। सपना मूल रूप से प्रतापगढ़ जिले के कोहंडौर थाना क्षेत्र के लौली गांव की रहने वाली थी। वह स्वर्गीय सुरेश नारायण पाठक और रेशमी देवी पाठक की बेटी थी।
सपना अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गई है—जिनमें 16 वर्षीय बेटी आंचल और 13 वर्षीय बेटा आदर्श शामिल हैं। मां की अचानक इस तरह हुई मौत से दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के समय पंजाब में रहकर आजीविका चलाने वाला उसका पति अरविंद कुमार उपाध्याय तुरंत घर के लिए रवाना हो गया।
घटना के वक्त घर में कौन-कौन था मौजूद?
पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिस वक्त यह घटना घटी, उस समय घर का माहौल सामान्य था। मृतका की सास लीलावती घर से बाहर घास काटने गई हुई थीं। घर के अंदर केवल उसका देवर पवन और दोनों बच्चे (आंचल और आदर्श) मौजूद थे।
घटना के तुरंत बाद जब मायके पक्ष के लोगों को इसकी सूचना मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। मायके वालों का दावा है कि घर के आंगन में विषाक्त पदार्थ बिखरा हुआ मिला था, जिससे इस पूरी घटना पर गहरा संदेह पैदा होता है। उनका कहना है कि यह महज आत्महत्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे कुछ और ही सच्चाई है जिसकी तह तक जाना बेहद जरूरी है।
मायके पक्ष ने लगाए प्रताड़ना के गंभीर आरोप
मृतका के बड़े भाई पवन पाठक ने पुलिस को विधिवत सूचना दी है। उन्होंने अपनी बहन की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने और उसके शव का पोस्टमार्टम कराने की पुरजोर मांग की है। पवन पाठक और अन्य मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर सपना को लंबे समय से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है।
मायके पक्ष का कहना है कि यदि सब कुछ ठीक था, तो अचानक आंगन में जहर कैसे बिखरा और सपना को समय पर सही इलाज क्यों नहीं मिलने दिया गया। इन तमाम सवालों के जवाब पाने के लिए परिवार ने पुलिस प्रशासन से कठोर कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
पुलिस प्रशासन का पक्ष और आगे की कार्रवाई
मामले की जानकारी देते हुए पीपरपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस को डायल 112 के माध्यम से इस घटना की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पंचायतनामा भरवाया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसएचओ अरुण कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। इसके अलावा, मायके पक्ष द्वारा दी गई तहरीर और जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पुलिस हर एंगल से इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी हुई है। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और हर कोई पुलिस की जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार कर रहा है।