अघोर पीठ रामगढ़ में इन दिनों भक्ति और अध्यात्म की एक अनोखी ही लहर देखने को मिल रही है। मौका था महान संत और अघोर पंथ के प्रेरणास्रोत बाबा कीनाराम के 427वें जन्मोत्सव का। इस पावन अवसर पर देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा का परिचय दिया। पूरा परिसर बाबा कीनाराम के जयकारों और भक्तिमय धुनों से गूंज उठा। आयोजन को लेकर भक्तों में इस तरह का उत्साह था कि सुबह से ही पीठ परिसर में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।

बच्चों की प्रस्तुतितियों ने मोहा मन
जन्मोत्सव के इस खास अवसर पर बाबा कीनाराम इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने अपनी कला और संस्कृति का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने बाबा के जीवन दर्शन और उनकी महिमा पर आधारित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कॉलेज के बच्चों द्वारा गाए गए पारंपरिक 'सोहर' गीतों ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से सुगम और आनंदमय बना दिया। सोहर की इन मधुर धुनों को सुनकर वहां मौजूद हर एक व्यक्ति भक्ति रस में सराबोर नजर आया। बच्चों का यह प्रयास न केवल सराहनीय था, बल्कि इसने आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम के दौरान सेवक मुकेश साहनी ने इस पूरे आयोजन की रूपरेखा और व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि बाबा कीनाराम का यह जन्मोत्सव केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह उन मूल्यों और आदर्शों को याद करने का दिन है जो बाबा ने मानवता की भलाई के लिए समाज को दिए थे।
भक्ति में विलीन हुए श्रद्धालु
बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। माहौल ऐसा था कि वहां मौजूद हर शख्स अपनी रोजमर्रा की दुनिया से दूर केवल और केवल भक्ति के सागर में गोता लगाता हुआ दिखा। लोग बाबा की भक्ति में इस कदर मग्न थे कि उनके चेहरों पर आनंद और शांति का एक अलग ही भाव साफ झलक रहा था। कई भक्त तो इस आध्यात्मिक आनंद में पूरी तरह से विलीन हो चुके थे, जहां उन्हें अपने आस-पास की सुधि ही नहीं रही।
अघोर पीठ रामगढ़ का ऐतिहासिक महत्व
रामगढ़ स्थित अघोर पीठ का यह स्थल अघोर साधना का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां समय-समय पर ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों का सिलसिला चलता रहता है, जो लोगों को आंतरिक शांति और समाज कल्याण की प्रेरणा देते हैं। बाबा कीनाराम का 427वां जन्मोत्सव इस बात का प्रमाण है कि आज के इस भागदौड़ भरे आधुनिक युग में भी लोग अपनी आध्यात्मिक जड़ों और संतों के दिखाए मार्ग से कितनी गहराई से जुड़े हुए हैं।
- भव्य आयोजन: बाबा कीनाराम का 427वां जन्मोत्सव अघोर पीठ रामगढ़ में भव्य रूप से संपन्न हुआ।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: इंटर कॉलेज के बच्चों द्वारा सोहर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।
- जनसैलाब: देश भर से पहुंचे हजारों भक्तों ने पीठ में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
- भक्तिमय माहौल: पूरा क्षेत्र बाबा कीनाराम की महिमा और भक्ति रस में डूबा नजर आया।
संतों और महापुरुषों के ऐसे जन्मोत्सव समाज में प्रेम, भाईचारा और सकारात्मकता का संचार करते हैं। अघोर पीठ रामगढ़ में आयोजित इस पावन उत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण से ही जीवन को आनंदित और सार्थक बनाया जा सकता है। यह आयोजन आने वाले कई दिनों तक क्षेत्र के लोगों की स्मृतियों में जीवंत रहेगा।