छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जनसेवा, स्वच्छता और सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। आगामी 17 सितंबर से जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' का आगाज होने जा रहा है, जो पूरे एक महीने यानी 17 अक्टूबर तक अनवरत चलेगा। इस महत्वाकांक्षी अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं को समाज के अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना और जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। जिला प्रशासन ने इस अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली है और सभी संबंधित विभागों को पुख्ता निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कलेक्टर ने ली उच्चस्तरीय बैठक, दिए सख्त निर्देश
अभियान को सफल और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। हाल ही में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक अहम बैठक की। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, सभी एसडीएम और अन्य जिलास्तरीय अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी तैयारियां समय सीमा से पहले पूरी कर ली जाएं। साथ ही, नियुक्त किए गए नोडल और सब-नोडल अधिकारियों कोसीमित समय में बेहतर समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि इस अभियान की गूं जिले के सबसे दूरदराज और अंतिम छोर के गांवों तक पहुंचे। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण और शहरी नागरिक इन आयोजनों का हिस्सा बन सकें।
17 सितंबर को 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम से होगा भव्य आगाज
एक महीने तक चलने वाले इस महाअभियान की शुरुआत 17 सितंबर की शाम को 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के साथ होगी। इस अनूठी शुरुआत में परिवारों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, पंचायत प्रतिनिधियों और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इन दीयों के वितरण की प्रक्रिया 13 से 15 सितंबर के बीच ही पूरी कर ली जाएगी। दीयों का यह वितरण राशन दुकानों, आरोग्य मंदिरों और गैस वितरण केंद्रों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे हर जरूरतमंद तक यह संदेश आसानी से पहुंच सके।
एक महीने में होंगी 12 प्रमुख और अनूठी पहलें
इस पूरे अभियान को बेहद सुनियोजित तरीके से डिजाइन किया गया है, जिसके तहत एक महीने के भीतर कुल 12 प्रमुख गतिविधियों और पहलों को जमीन पर उतारा जाएगा। इन गतिविधियों के केंद्र में जनसेवा, स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण, रक्तदान, शिक्षा, नवाचार और शासन की जनहितकारी योजनाएं रहेंगी। आइए जानते हैं इस एक महीने के दौरान कौन-कौन सी प्रमुख गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:
- मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा: इस कड़ी में 18 सितंबर को स्कूलों में चित्रकला प्रतियोगिता होगी, जबकि 19 सितंबर को चित्र प्रदर्शनी और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद इन्हें विकासखंड और जिला स्तर तक ले जाया जाएगा।
- नमो सेवा-अनकही कहानियां: 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक नुक्कड़ नाटक और नृत्य नाटिकाओं के माध्यम से गांवों और शहरों में जनजागरूकता फैलाई जाएगी।
- सेवा मेरा योगदान: 23 से 25 सितंबर तक नागरिक खुद आगे आकर स्वच्छता अभियानों, जल संरक्षण, पौधरोपण, रक्तदान और नदी-घाटों की सफाई जैसे श्रमदान कार्यों में हिस्सा लेंगे।
- सेवा के रंग, राष्ट्र के संग: 29 सितंबर को महाविद्यालयों में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन होगा और जिला मुख्यालय पर एक विशाल मानव रंगोली बनाई जाएगी।
- सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार: इसके तहत 10 से 15 गांवों का क्लस्टर बनाकर हर विकासखंड में कम से कम चार विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मौके पर ही हितग्राहियों को योजनाओं के स्वीकृति पत्र दिए जाएंगे और लंबित राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जाएगा।
- सेवा ज्योति कलश यात्रा: 7 अक्टूबर को अलग-अलग दिशाओं से पदयात्राएं, साइकिल और बाइक रैलियां निकलेंगी जो अंत में जिला मुख्यालय पर आकर मिलेंगी।
- सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज: 9 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के जरिए जिले के युवा विचारकों और नवाचारियों (Innovators) को अपनी प्रतिभा दिखाने और योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
- आंगन मिलन सेवा: 12 अक्टूबर से जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में मातृ संवाद और सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे।
- जल जन सेवा संकल्प: पूरे एक महीने तक जल संरक्षण और भूजल संवर्द्धन से जुड़ी जागरूकता गतिविधियां लगातार चलती रहेंगी।
- सेवा की कहानी: इस गतिविधि के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए आम लोगों की सफलता की कहानियों को समाज के सामने लाया जाएगा ताकि अन्य लोग भी उससे प्रेरणा ले सकें।
- समापन समारोह (सुशासन सेवा संवाद-जनसेवक महाकुंभ): इस एक महीने के महाअभियान का समापन 17 अक्टूबर को एक भव्य 'जनसेवक महाकुंभ' के साथ होगा, जहां सुशासन और सेवा पर विस्तृत संवाद किया जाएगा।
'विकसित भारत 2047' के संकल्प को मिलेगी मजबूती
बलरामपुर जिला प्रशासन का यह अभियान केवल प्रशासनिक अमले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी को सबसे ऊपर रखा गया है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे बढ़-चढ़कर इस अभियान से जुड़ें और विभिन्न आयोजनों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
प्रशासन का मानना है कि जब तक आम जनता खुद आगे आकर इन आयोजनों से नहीं जुड़ेगी, तब तक जनसेवा के प्रति सच्ची कृतज्ञता और देश के प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के सपनों को साकार नहीं किया जा सकता। यह अभियान बलरामपुर जिले के सामाजिक और प्रशासनिक परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। स्थानीय स्तर पर इसको लेकर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।