बरसठी थाने में जन्माष्टमी की रौनक, जनसुनवाई हॉल का भव्य लोकार्पण
आज 4 सितंबर 2026 की शाम बरसठी थाना परिसर का दृश्य सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग था। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर पूरा थाना परिसर न केवल रंग-बिरंगी झालरों से जगमगा रहा था, बल्कि यहां एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार भी देखने को मिला। थाना परिसर के भीतर स्थित मंदिर में सुबह से ही भक्तिपूर्ण माहौल था, जहां भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकी सजाई गई थी। इसी उत्सव के बीच, क्षेत्र की जनता के लिए एक बड़ी राहत और सुविधा की शुरुआत हुई।
नवनिर्मित जनसुनवाई हॉल: जनता और पुलिस के बीच बढ़ेगा विश्वास
थाना परिसर में नवनिर्मित 'आगंतुक एवं जनसुनवाई हॉल' का औपचारिक उद्घाटन अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आतिश कुमार सिंह द्वारा फीता काटकर किया गया। यह हॉल न केवल थाने की सुंदरता में चार चांद लगाता है, बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि पुलिस प्रशासन आम जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कितनी गंभीर है।
उद्घाटन के दौरान एसपी ग्रामीण ने कहा कि एक व्यवस्थित जनसुनवाई हॉल होने से थाने आने वाले फरियादियों को अपनी बात रखने में संकोच नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग का असली उद्देश्य केवल अपराधियों पर नकेल कसना नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। जब कोई व्यक्ति थाने आता है, तो उसे एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए, और यह नया हॉल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
एसपी ग्रामीण आतिश कुमार सिंह की पुलिसकर्मियों को सीख
निरीक्षण के दौरान, एसपी ग्रामीण ने थाने पर तैनात नए और पुराने पुलिसकर्मियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल और पश्चिमांचल की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए पुलिसकर्मियों को स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए काम करने की आवश्यकता है।
- आपसी समन्वय: टीम वर्क ही पुलिसिंग की रीढ़ है। पुराने पुलिसकर्मियों को अपने अनुभव नए साथियों के साथ साझा करने चाहिए।
- संवेदनशीलता: हर फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुनना और उसका समयबद्ध निस्तारण करना ही बेहतर पुलिसिंग का पैमाना है।
- मेहनत और लगन: पुलिस की नौकरी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन अपनी कार्यशैली से एक अलग पहचान बनाना हर पुलिसकर्मी के हाथ में है।
थाना प्रभारी जयप्रकाश यादव की कार्यकुशलता की सराहना
एसपी ग्रामीण ने थाना प्रभारी जयप्रकाश यादव की पीठ थपथपाते हुए उनकी कार्यकुशलता की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि महज एक महीने के भीतर थाना परिसर में दूसरी बार किसी बड़े निर्माण कार्य का लोकार्पण होना, यह साबित करता है कि थाना प्रभारी अपने काम के प्रति कितने सक्रिय और समर्पित हैं। इस तरह के सकारात्मक बदलाव न केवल पुलिस विभाग की छवि को सुधारते हैं, बल्कि जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता भी बढ़ाते हैं।
खेल के प्रति जुनून और अनुशासन का संगम
पत्रकारों से बातचीत के दौरान आतिश कुमार सिंह का एक अलग ही व्यक्तित्व देखने को मिला। उन्होंने बताया कि पुलिस की व्यस्त नौकरी के बावजूद खेल के प्रति उनका जुनून आज भी बरकरार है। हाल ही में मुरादाबाद में संपन्न हुई 43वीं यूपी पुलिस वार्षिक बैडमिंटन एवं टेबल टेनिस प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर पांच स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदक जीते।
उन्होंने कहा कि खेल हमें अनुशासन, धैर्य और हार-जीत से ऊपर उठकर आगे बढ़ने की सीख देता है। उनका यह व्यक्तिगत प्रदर्शन न केवल पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जिले के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम में दिग्गजों की उपस्थिति
इस अवसर पर पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्राधिकारी विजय चौधरी, उपनिरीक्षक अंबरीश कुमार सिंह, अजय तिवारी, अनिल वर्मा, हेड कांस्टेबल उमाशंकर सिंह, पवित्र भूषण तिवारी, अखिलेश यादव, कमलेश और वकील चौहान समेत थाना बरसठी के समस्त स्टाफ ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
यह आयोजन साबित करता है कि यदि पुलिस प्रशासन और जनता के बीच का संवाद बेहतर हो, तो कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है। बरसठी थाने की यह पहल अन्य थानों के लिए भी एक मिसाल है, जो यह बताती है कि पुलिसिंग का चेहरा मानवीय और आधुनिक दोनों हो सकता है।