04 सितंबर 2026, शुक्रवार की शाम जौनपुर के डोभी क्षेत्र स्थित खुज्झी मोड़ पर एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी। महिलाओं और युवतियों के सपनों को पंख देने के उद्देश्य से संचालित 'अतुल्य वेल्फेयर ट्रस्ट' की 45 दिवसीय निशुल्क सौंदर्य प्रशिक्षण कार्यशाला का आज भव्य समापन हुआ। यह आयोजन केवल प्रमाण पत्र वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उन महिलाओं की जीत थी, जिन्होंने अपनी आर्थिक आजादी की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाया है।
हुनर से आत्मनिर्भरता का सफर
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ भाजपा जिलाध्यक्ष मछलीशहर डॉ. अजय कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस कार्यशाला में भाग लेने वाली महिलाओं और बच्चियों ने न केवल सौंदर्य प्रसाधन की बारीकियों को सीखा, बल्कि अपने भीतर छिपे आत्मविश्वास को भी पहचाना। ट्रस्ट की अध्यक्ष उर्वशी सिंह ने इस अवसर पर कहा कि संस्था का प्राथमिक लक्ष्य समाज के वंचित और मध्यम वर्गीय परिवारों की महिलाओं को उस मुकाम पर पहुंचाना है, जहाँ वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
डॉ. अजय कुमार सिंह का आह्वान: 'हुनरमंद महिलाएं ही समाज की नींव'
मुख्य अतिथि डॉ. अजय कुमार सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि, 'जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है, तो पूरा परिवार आर्थिक रूप से सशक्त होता है।' उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि अतुल्य वेल्फेयर ट्रस्ट जैसी संस्थाएं आज के दौर में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और सामाजिक संगठनों का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने ट्रस्ट को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया ताकि भविष्य में ब्लॉक और तहसील स्तर पर ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें।
प्रतियोगिता में दिखा प्रतिभागियों का कौशल
समापन समारोह को रोमांचक बनाने के लिए प्रशिक्षणार्थियों के बीच एक कौशल प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने 45 दिनों के कठिन परिश्रम का प्रदर्शन किया। जजों ने बारीकी से मेकअप, हेयर कट, हेयर डू और स्किन केयर तकनीकों का मूल्यांकन किया।
- बेस्ट मेकअप: गुंजन
- बेस्ट हेयर कट: नेहा
- बेस्ट हेयर डू: मोनी
- बेस्ट स्किन केयर: आंचल
- एडवांस श्रेणी: स्नेहा ने शानदार प्रदर्शन के लिए विशेष सम्मान प्राप्त किया।
विजेताओं को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साह देखते ही बन रहा था।
प्रशिक्षण के पीछे की मेहनत
इस 45 दिवसीय सफर को सफल बनाने में प्रशिक्षक सरोज गुप्ता, ज्योति कुमारी, ज्योति गुप्ता और डॉली मौर्या का विशेष योगदान रहा। इन प्रशिक्षकों ने न केवल तकनीकी ज्ञान दिया, बल्कि व्यवसाय प्रबंधन की बारीकियां भी समझाईं। ट्रस्ट की महासचिव राधिका सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
क्यों जरूरी है ऐसी पहल?
आज के समय में केवल शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल विकास (Skill Development) ही रोजगार की असली चाबी है। जौनपुर जैसे क्षेत्रों में जहां महिलाएं अक्सर सीमित संसाधनों के चलते अपने हुनर को दबा देती हैं, 'अतुल्य वेल्फेयर ट्रस्ट' जैसी संस्थाएं उन्हें एक मंच प्रदान कर रही हैं। यह कार्यशाला इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मार्गदर्शन मिले, तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं।
भविष्य की राहें
कार्यक्रम में मौजूद अन्य सदस्यों में मीरा अग्रहरि, जटाशंकर सिंह, क्षमा सिंह, मनोरमा सिंह और शहजादी गुप्ता ने भी प्रशिक्षणार्थियों का हौसला बढ़ाया। उपस्थित महिलाओं ने साझा किया कि अब वे अपना खुद का ब्यूटी पार्लर खोलने या घर से ही काम शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह पहल न केवल व्यक्तिगत विकास है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की एक पुनीत कोशिश भी है।
समापन समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों के चेहरे पर खुशी और भविष्य के प्रति स्पष्टता साफ झलक रही थी। अतुल्य वेल्फेयर ट्रस्ट का यह प्रयास जौनपुर की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुका है, जो अन्य सामाजिक संगठनों को भी ऐसे कल्याणकारी कार्यों के लिए प्रेरित करेगा।