बिहार में पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे मतदाताओं और संभावित प्रत्याशियों के लिए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने साफ किया है कि राज्य में पंचायत चुनाव की तारीखों का निर्धारण राज्य सरकार या पंचायती राज विभाग नहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाएगा।
सासाराम में एक निजी होटल के उद्घाटन समारोह में शामिल होने पहुंचे पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिहार पंचायत चुनाव से जुड़े सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव की समय-सारणी तय करने का पूरा अधिकार और दायित्व चुनाव आयोग के पास है। विभाग के स्तर पर तारीखों की घोषणा को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता है।
परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तय होगी रूपरेखा
मंत्री दीपक प्रकाश ने जानकारी दी कि निर्वाचन आयोग वर्तमान में पंचायतों के परिसीमन (Delimitation) से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुटा हुआ है। परिसीमन का यह कार्य कब तक पूरी तरह संपन्न होगा, इसकी सटीक जानकारी भी चुनाव आयोग ही दे सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद ही पंचायत चुनाव के संपूर्ण कार्यक्रम को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इसके बाद ही मतदान की तारीखों और चरणों के संबंध में औपचारिक निर्णय लिया जा सकेगा।
संभावित उम्मीदवारों की नजरें आयोग पर टिकीं
मंत्री के इस बयान के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आगामी चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों की निगाहें पूरी तरह से चुनाव आयोग के अगले कदमों पर टिक गई हैं। गांवों में चुनाव को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है, लेकिन आधिकारिक कार्यक्रम सामने आने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल यही निर्देश है कि पंचायत चुनाव से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी और अपडेट के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक घोषणाओं का ही इंतजार किया जाना चाहिए। परिसीमन का कार्य समाप्त होने के पश्चात ही चुनावी प्रक्रिया के अगले चरणों का मार्ग प्रशस्त होगा।