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बिहार में आसमान से होगी अपराध और ट्रैफिक की निगरानी, खरीदे जाएंगे 50 हाईटेक ड्रोन

बिहार में आसमान से होगी अपराध और ट्रैफिक की निगरानी, खरीदे जाएंगे 50 हाईटेक ड्रोन

बिहार की कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को पूरी तरह से डिजिटल और हाईटेक बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में अब अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से निपटने के लिए आसमान से पैनी नजर रखी जाएगी। इसके लिए बिहार पुलिस ने कुल 50 उच्च क्षमता वाले अत्याधुनिक ड्रोन खरीदने का फैसला किया है। इस पूरी योजना पर लगभग 24 करोड़ 50 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी, जिसे गृह विभाग की आरक्षी शाखा से हरी झंडी मिल चुकी है।

पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत बड़ा कदम

वर्तमान समय में अपराध के तौर-तरीके बदल रहे हैं, ऐसे में पुलिस बल को भी आधुनिक तकनीक से लैस करना बेहद जरूरी हो गया था। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए पुलिस आधुनिकीकरण के तहत इस बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इस पूरी खरीद प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर फंडिंग कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 60 प्रतिशत राशि दी जा रही है, जबकि बाकी बची हुई 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार अपने खजाने से वहन करेगी। वित्तीय वर्ष 2026 के इन शुरुआती महीनों में इस योजना के धरातल पर उतरने से राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।

दो अलग-अलग श्रेणियों में खरीदे जाएंगे ड्रोन

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस बल की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने के लिए इन 50 ड्रोन को दो अलग-अलग कैटेगिरी में बांटा गया है। पहला हिस्सा सामान्य विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए है, जबकि दूसरा हिस्सा बेहद संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में नक्सल विरोधी अभियानों (Anti-Crime Operations) के लिए तय किया गया है। दोनों ही श्रेणियों के ड्रोन अपनी-अपनी खूबियों और अत्याधुनिक कैमरों से लैस होंगे, जो पुलिस मुख्यालय से सीधे मॉनिटर किए जाएंगे।

ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के लिए आएंगे 40 ड्रोन

बिहार के प्रमुख शहरों, खासकर राजधानी पटना में जाम की समस्या आम बात हो गई है। इसके अलावा आए दिन होने वाले विरोध-प्रदर्शनों, रैलियों, त्योहारों और बड़े मेलों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना स्थानीय पुलिस प्रशासन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता। इन समस्याओं का वैज्ञानिक और सटीक समाधान निकालने के लिए 45 लाख रुपये की कीमत वाले कुल 40 हाईटेक ड्रोन खरीदे जाएंगे।

  • जाम का सटीक विश्लेषण: पटना समेत अन्य बड़े शहरों के प्रमुख चौक-चौराहों, फ्लाइओवर और बाईपास पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम के कारणों का इन ड्रोन्स की मदद से रियल-टाइम एनालिसिस किया जाएगा।
  • विरोध-प्रदर्शनों पर नजर: किसी भी उपद्रव या विरोध-प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों की पहचान करने में यह तकनीक बेहद मददगार साबित होगी।
  • मेले और त्योहार: राज्य में आयोजित होने वाले बड़े धार्मिक मेलों और पर्व-त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ की लाइव मॉनिटरिंग सीधी कमांड यूनिट से की जाएगी।

माओवादी और पहाड़ी इलाकों के लिए 65 लाख के 10 अत्याधुनिक ड्रोन

मैदानी इलाकों के अलावा बिहार के कुछ हिस्सों में जंगली, दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र ऐसे हैं जहां पुलिस बलों को आपरेशन के दौरान भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। माओवाद प्रभावित इलाकों और अपराधियों के खिलाफ चलाए जाने वाले विशेष अभियानों को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए बेहद उन्नत तकनीक वाले 10 स्पेशल ड्रोन खरीदे जाएंगे।

इन विशेष ड्रोन की कीमत करीब 65 लाख रुपये प्रति यूनिट होगी। यानी इन 10 ड्रोन पर कुल साढ़े छह करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये ड्रोन नाइट विजन, थर्मल इमेजिंग और लंबी बैटरी बैकअप जैसी खासियतों से लैस होंगे, जो घने जंगलों या अंधेरे में छिपे अपराधियों और नक्सलियों की सटीक लोकेशन पुलिस तक पहुंचाएंगे। इससे ऑपरेशन्स के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

बिहार पुलिस की अपनी होगी डेडीकेटेड ड्रोन यूनिट

इन अत्याधुनिक उपकरणों के रख-रखाव और संचालन के लिए बिहार पुलिस के भीतर एक विशेष 'ड्रोन यूनिट' का गठन किया गया है। इस यूनिट में प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों और तकनीकी विशेषज्ञों को तैनात किया जाएगा, जो इन ड्रोन्स को ऑपरेट करेंगे। आने वाले प्रमुख पर्व-त्योहारों और आयोजनों के सीजन से पहले इस यूनिट को पूरी तरह एक्टिव कर दिया जाएगा।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से राज्य में पुलिस की कार्यप्रणाली में अभूतपूर्व सुधार आएगा। पारंपरिक पुलिसिंग के साथ जब आधुनिक सर्विलांस टेक्नोलॉजी जुड़ती है, तो अपराधियों के मन में इसका सीधा खौफ पैदा होता है। आने वाले दिनों में जब ये 50 हाईटेक ड्रोन बिहार के आसमान में उड़ेंगे, तो कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था का एक नया और सुरक्षित स्वरूप देखने को मिलेगा। आम जनता भी इस बात की उम्मीद लगाए बैठी है कि इस हाईटेक पहल से शहरी इलाकों में लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिलेगी और अपराधों पर समय रहते लगाम लगाई जा सकेगी।

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रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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