बिहार के दरभंगा जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जिले के बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत सूखे नशे यानी स्मैक के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर एक महिला समेत कुल पांच शातिर तस्करों को धर दबोचा है। इस कार्रवाई से इलाके के नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है।
छापेमारी अभियान में खुला ड्रग्स नेटवर्क का राज
हाल ही में बिरौल थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अनुमंडल क्षेत्र में स्मैक की खरीद-फरोख्त का अवैध धंधा तेजी से फल-फूल रहा है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) प्रभाकर तिवारी के मार्गदर्शन में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। इस टीम ने ताबड़तोड़ दबिश देते हुए एक के बाद एक कई आरोपियों को कानून के शिकंजे में ले लिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा मामला तब खुला जब 18 सितंबर 2026 को बिरौल स्थित एयरटेल टावर परिसर से पुलिस ने लावारिस हालत में 1.68 ग्राम स्मैक बरामद किया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर गहन छानबीन शुरू कर दी थी।
शुरुआती गिरफ्तारियां और कड़ियों का जुड़ना
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने सबसे पहले लाला पटेल और कामनी देवी नाम के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि, इस मामले के मुख्य तार दूर-दूर तक फैले हुए थे। इसी कांड में नामजद एक अन्य फरार आरोपी दीपू कमती की तलाश में पुलिस जुटी हुई थी।
मामले के अनुसंधानकर्ता पीएसआई सूरज कुमार ने तकनीकी और मानवीय खुफिया तंत्र का इस्तेमाल करते हुए 20 सितंबर को फरार आरोपी दीपू कमती को भी दबोच लिया। जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। दीपू ने स्वीकार किया कि वह प्रतिबंधित स्मैक को पड़ोसी जिले सहरसा के जलई थाना क्षेत्र अंतर्गत बधवा गांव निवासी निर्मल यादव से खरीदकर बिरौल में तस्करी के लिए लाता था।
चारपहिया वाहन के साथ धरे गए दो अन्य तस्कर
दीपक कमती से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया। अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और राजीव कुमार के नेतृत्व में एक संयुक्त छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर एक चारपहिया वाहन (पंजीयन संख्या BR 09 AB 6389) को रोका।
वाहन की जब सघन तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। तस्करों के पास से कुल 4.600 ग्राम उच्च क्वालिटी का स्मैक बरामद किया गया। इस दौरान मौके से दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शुभम कुमार मिश्र भी शामिल है। पूछताछ के दौरान शुभम कुमार मिश्र ने भी इस बात पर मुहर लगा दी कि वह सहरसा के बधवा गांव के रहने वाले निर्मल यादव से ही स्मैक की खेप मंगवाता था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने इस पूरे मामले में त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 21(ए), 25 और 29 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर सभी पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
- कुल गिरफ्तार आरोपी: 5 (एक महिला समेत)
- बरामद कुल स्मैक: 5.68 ग्राम से अधिक
- मुख्य सप्लायर का ठिकाना: बधवा गांव, जलई थाना, सहरसा जिला
- प्रमुख धाराएं: एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ए), 25 और 29
सहरसा से जुड़े हैं तस्करी के तार
इस पूरी कार्रवाई के बाद यह साफ हो चुका है कि दरभंगा और सहरसा के बीच अवैध नशीले पदार्थों की आपूर्ति का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि सहरसा का रहने वाला निर्मल यादव इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है या इसके पीछे कोई और बड़ा चेहरा छिपा है। पुलिस जल्द ही मुख्य सप्लायर निर्मल यादव की गिरफ्तारी के लिए भी विशेष छापेमारी दल भेजने की तैयारी कर रही है।
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि जिस तरह से युवा पीढ़ी स्मैक और अन्य सूखे नशों के दलदल में धंसती जा रही है, ऐसे में पुलिस की यह सख्ती सराहनीय कदम है। बहरहाल, पुलिस की इस कार्रवाई से नशा तस्करों में खौफ का माहौल है और प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।