बीकानेर नगर निगम चुनाव: अनिल कल्ला और सुरेंद्र सिंह में कड़ा मुकाबला आज
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बीकानेर नगर निगम चुनाव: अनिल कल्ला और सुरेंद्र सिंह में कड़ा मुकाबला आज

बीकानेर नगर निगम चुनाव: अनिल कल्ला और सुरेंद्र सिंह में कड़ा मुकाबला आज

राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों सरगर्मी अपने चरम पर है। बात चाहे ग्रामीण इलाकों की हो या शहरी निकायों की, हर तरफ सियासी सुगबुगाहट तेज है। इसी कड़ी में आज यानी रविवार, 20 सितंबर 2026 को बीकानेर नगर निगम के महापौर पद को लेकर राजनीतिक तापमान काफी बढ़ा हुआ है। बहुप्रतीक्षित महापौर चुनाव के लिए आज सुबह से ही प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल शुरू हो चुकी है। राज्य के इस अहम राजनीतिक केंद्र में कौन बैठेगा सत्ता की कुर्सी पर, इसका फैसला आज कुछ ही घंटों में हो जाएगा।

कड़ा मुकाबला: अनिल कल्ला बनाम सुरेंद्र सिंह शेखावत

बीकानेर नगर निगम के इस प्रतिष्ठित चुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने वार्ड संख्या 73 से निर्वाचित पार्षद अनिल कल्ला को अपना आधिकारिक महापौर प्रत्याशी घोषित किया है। राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो अनिल कल्ला जाने-माने कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे हैं, जिससे इस चुनाव का वजन और अधिक बढ़ जाता है।

दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा ने वार्ड संख्या 13 से पार्षद सुरेंद्र सिंह शेखावत (सुरेंद्र सिंह) को अपना महापौर पद का उम्मीदवार बनाया है। दोनों ही प्रत्याशी अपने-अपने दलों की साख बचाने और जीत का परचम लहराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

सियासी समीकरण और अंकों का खेल

बीकानेर नगर निगम का कुल सदन 80 सदस्यीय है। यदि पिछले परिणामों और गणित पर नजर डालें, तो सत्ता की सीढ़ी चढ़ने के लिए जादुई आंकड़ा काफी महत्वपूर्ण है। 80 सीटों वाले इस बोर्ड में कांग्रेस पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 42 वार्डों पर जीत दर्ज की थी और स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के खाते में 27 सीटें आई थीं। इसके अलावा, अन्य और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 11 सीटों पर कब्जा जमाया था, जो इस चुनाव में किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं।

चुनाव की घोषणा के बाद से ही दोनों ही प्रमुख दलों ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। कुछ दिन पहले तक कांग्रेस के भीतर बागी तेवर भी देखने को मिले थे, जब नवरतन डागा ने उम्मीदवारी पेश की थी। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में हुई सुलह और वार्ताओं के बाद शुक्रवार को नवरतन डागा ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। इसके बाद अब मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय न रहकर पूरी तरह से कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा हो गया है。

बाड़ेबंदी और निर्दलीय पार्षदों का समर्थन

राजनीति में 'साम, दाम, दंड, भेद' की नीति अक्सर चुनाव से पहले देखने को मिलती है। बीकानेर में भी इसका पूरा असर दिखा। मतदान से ठीक पहले दोनों ही दलों ने अपने-अपने पार्षदों और समर्थक पार्षदों को सुरक्षित रखने के लिए बाड़ेबंदी (Resort Politics) का सहारा लिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही कागजों पर कांग्रेस के पास बहुमत का आंकड़ा (42 सीटें) मौजूद है, लेकिन क्रॉस वोटिंग और निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल करने के दावे दोनों तरफ से किए जा रहे हैं।

भाजपा शिविर का दावा है कि उन्हें कुछ निर्दलीय और अन्य पार्षदों का अंदरखाने समर्थन प्राप्त है, जिससे चुनावी परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं। वहीं, कांग्रेस पार्टी अपने स्पष्ट बहुमत के दम पर अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है। इन तमाम दावों और प्रतिदावों की वास्तविक और जमीनी हकीकत आज मतदान के बाद ही पूरी तरह से साफ हो पाएगी।

मतदान और मतगणना की पूरी समय सारणी

प्रशासन की ओर से चुनाव को लेकर सुरक्षा और शांति व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के तय कार्यक्रम के अनुसार:

  • मतदान का समय: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक मतदान प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
  • मतगणना और परिणाम: मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद वोटों की गिनती शुरू होगी और आज ही दोपहर के बाद महापौर पद के परिणाम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
  • उप महापौर का चुनाव: महापौर के चुनाव के ठीक बाद, आगामी 22 सितंबर को उप महापौर पद के लिए चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।

22 सितंबर को उप महापौर के लिए होगी प्रक्रिया

महापौर के चुनाव के बाद राजनीतिक दलों को चैन की सांस लेने का मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि 22 सितंबर को उप महापौर का चुनाव होना तय है। इसके लिए तय किए गए शेड्यूल के अनुसार, सुबह 10 बजे बैठक शुरू होगी, सुबह 11 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 11:30 बजे नामांकन पत्रों की वैध-अवैध जांच (Scrutiny) होगी। दोपहर 2 बजे तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि आवश्यकता पड़ी, तो दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक मतदान कराया जाएगा और इसके तुरंत बाद मतगणना कर उप महापौर के नाम की भी घोषणा कर दी जाएगी।

स्थानीय राजनीति और जनता की उम्मीदें

बीकानेर नगर निगम का यह चुनाव केवल दो दलों की राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई नहीं है, बल्कि इससे शहर के विकास कार्यों की गति भी जुड़ी हुई है। स्थानीय नागरिकों और मतदाताओं की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नया महापौर शहर की बुनियादी समस्याओं—जैसे पेयजल, सीवरेज, साफ-सफाई और सड़कों की स्थिति—से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

फिलहाल, आज का दिन बीकानेर के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा पन्ना जोड़ने जा रहा है। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले मतदान ने शहर की हवा में सिहरन पैदा कर दी है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कांग्रेस अपना बहुमत बचाने में कामयाब रहती है या भाजपा कोई राजनीतिक उलटफेर कर बाजी अपने नाम करती है। कुछ ही घंटों में मतपेटियां खुलेंगी और बीकानेर के नए प्रथम नागरिक का नाम सबके सामने आ जाएगा।

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रोली सिंह

रोली सिंह

Writer (स्थानीय खबरें)

रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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