धमतरी शहर में समाज को एकजुट करने और आपसी रिश्तों को सहेजने की दिशा में एक बेहद अहम कदम उठाया गया है। रविवार को रत्नाबांधा रोड स्थित सिन्हा समाज भवन में सिन्हा कलार समाज की एक भव्य और महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में न केवल समाज के आंतरिक मामलों और आय-व्यय पर मंथन हुआ, बल्कि कई ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा हुई जो सीधे तौर पर पारिवारिक और सामाजिक ताने-बाने से जुड़े हुए हैं।
आठ बड़े सामाजिक मामलों का आपसी सहमति से समाधान
बैठक का सबसे मुख्य आकर्षण और महत्वपूर्ण हिस्सा विभिन्न सामाजिक प्रकरणों का निपटारा रहा। पदाधिकारियों की मौजूदगी में कुल आठ मामलों को सामने रखा गया, जिन पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इनमें सबसे प्रमुख मामले पति-पत्नी के बीच उपजे मनमुटाव और विवादों से संबंधित थे।
अदालत के चक्कर काटने के बजाय पारिवारिक और दांपत्य जीवन की गाड़ी को दोबारा पटरी पर लाने के लिए समाज के वरिष्ठजनों ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई। दोनों पक्षों को बैठाकर समझाइश दी गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। कई मामलों में आपसी गिले-शिकवे दूर कर जोड़े को एक साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। समाज के इस कदम की हर तरफ सराहना हो रही है।
मंडलेश्वर संतोष सिन्हा और जिला अध्यक्ष के विचार
बैठक की अध्यक्षता कर रहे मंडलेश्वर संतोष सिन्हा ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि समाज की असली ताकत उसकी एकता में निहित है। उन्होंने कहा कि आज के समय में पारिवारिक और सामाजिक उप-विवादों को थाने या कचहरी तक ले जाने के बजाय यदि समाज के स्तर पर ही सुलझा लिया जाए, तो इससे आपसी रिश्तों की मिठास बनी रहती है और अनावश्यक तनाव से बचा जा सकता है।
जिला अध्यक्ष चंद्रहास सिन्हा ने भी समाज के सभी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन को धरातल पर और अधिक मजबूत बनाने के लिए हर एक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में समाज के उत्थान के लिए कई और रचनात्मक कार्य शुरू किए जाएंगे, जिसके लिए एक रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
अंतर्जातीय विवाह और सामाजिक परंपराओं पर मंथन
बैठक के दौरान एक अन्य गंभीर विषय पर भी लंबी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने समाज में अंतर्जातीय विवाह की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने और इस संबंध में समाज के युवाओं तथा परिवारों के बीच जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि अपनी संस्कृति, रीति-रिवाजों और पारंपरिक मान्यताओं को बचाए रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से अपील की कि वे अपनी पारंपरिक जड़ों से जुड़े रहें और किसी भी परिस्थिति में आपसी सहयोग की भावना को कमजोर न होने दें। समाज की परंपराओं का निर्वहन करते हुए नई पीढ़ी को भी संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया गया।
पारदर्शिता और आगामी गतिविधियों की समीक्षा
बैठक में केवल विवादों के निपटारे तक ही बात सीमित नहीं रही, बल्कि वित्तीय पारदर्शिता का भी पूरा ध्यान रखा गया। समाज के आय-व्यय का ब्योरा सबके सामने रखा गया, जिसे उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से सराहा। इसके अलावा, विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सामाजिक विकास कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी कार्ययोजना के लिए सभी से सुझाव आमंत्रित किए गए।
बैठक में प्रमुख रूप से इनकी रही उपस्थिति:
- जिला अध्यक्ष: चंद्रहास सिन्हा
- महामंत्री: गणराज सिन्हा
- मंडलेश्वर: संतोष सिन्हा
- कोषाध्यक्ष: हेमशंकर सिन्हा
- सचिव: सुरेश सिन्हा
- पूर्व सचिव: यशवंत सिन्हा
- पूर्व महामंत्री: दयाराम सिन्हा, अभिमन्यु सिन्हा
- प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य: रामसेवक सिन्हा
- जिला कार्यकारिणी सदस्य: सोहन सिन्हा, रामजी सिन्हा
- संरक्षक धमतरी मंडल: परमेश्वरी सिन्हा, किरण सिन्हा
- समाजसेवक: निखिल सिन्हा
इन तमाम प्रमुख चेहरों के अलावा बड़ी संख्या में ग्राम प्रमुख, क्षेत्राधिकारी और दूर-दराज से आए सामाजिकजन इस महत्वपूर्ण बैठक के गवाह बने।
रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि सिन्हा कलार समाज आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आयोजनों के क्षेत्र में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा। समाज के गरीब और जरूरतमंद मेधावी छात्रों को सहायता प्रदान करने तथा युवाओं को सही दिशा दिखाने के लिए विशेष मार्गदर्शन शिविर आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
कुल मिलाकर, धमतरी में हुई यह बैठक सिन्हा कलार समाज के लिए एक मील का पत्थर साबित होती दिख रही है, जहाँ एक तरफ टूटे हुए रिश्तों को जोड़ा गया, वहीं दूसरी तरफ भविष्य के लिए एक मजबूत और संगठित समाज की नींव को और अधिक पुख्ता किया गया।