बिहार के ऐतिहासिक शहर गयाजी में इन दिनों एनसीसी (NCC) के युवाओं का जोश और अनुशासन देखने लायक है। मंगलवार को गया ग्रुप मुख्यालय के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर देबकुमार सेन ने शहर के चंदौती स्थित बाजार समिति परिसर में चल रहे संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का औचक और विस्तृत निरीक्षण किया। उनके कैंप पहुंचते ही वहां का माहौल पूरी तरह से सैन्य अनुशासन और ऊर्जा से भर गया। अनुशासित एनसीसी कैडेटों ने अपने सम्मानित कमांडर को बेहद भव्य और शानदार 'गार्ड ऑफ ऑनर' प्रदान किया, जिसे देखकर हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
कमांडिंग ऑफिसर ने की अगवानी, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर देबकुमार सेन के कैंप परिसर में कदम रखते ही 27 बिहार बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल भूपेश पठानिया ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी अगवानी की। इसके बाद ब्रिगेडियर सेन ने शिविर के चप्पे-चप्पे का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कैंप कार्यालय, कैडेटों की आवासीय व्यवस्था, भोजन कक्ष (मेस) और चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का गहन जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शिविर के अन्य अधिकारियों से कैडेटों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की और किसी भी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद ब्रिगेडियर सेन ने सीधे कैडेटों के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने युवाओं से उनके अब तक के कैंप के अनुभवों, सीखने की प्रक्रिया और आने वाली चुनौतियों के बारे में बातचीत की। कैडेटों ने भी पूरे उत्साह के साथ अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे यह कैंप उनके अंदर एक नया आत्मविश्वास जगा रहा है।
फील्ड क्राफ्ट और बैटल क्राफ्ट के प्रदर्शन ने मोहा सबका मन
शिविर के नौवें दिन का मुख्य आकर्षण एनसीसी कैडेटों द्वारा प्रस्तुत किया गया फील्ड क्राफ्ट और बैटल क्राफ्ट का डेमो रहा। कैडेटों ने सैन्य प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई अपनी बारीकियों, युद्ध कौशल, रणनीतिक समझ, टीमवर्क और अचूक अनुशासन का ऐसा बेहतरीन प्रदर्शन किया कि वहां मौजूद सभी वरिष्ठ अधिकारी दंग रह गए। कैडेटों के इस उच्च स्तर के आत्मविश्वास और कौशल को देखकर ब्रिगेडियर देबकुमार सेन ने उनकी जमकर प्रशंसा की और उनकी पीठ थपथपाई।
"एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण हासिल करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं में अनुशासन, मजबूत नेतृत्व क्षमता, अटूट आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना कूट-कूट कर भरने का सबसे सशक्त मंच है।" - ब्रिगेडियर देबकुमार सेन
कठिन परिस्थितियों में धैर्य और राष्ट्रसेवा का संदेश
कैडेटों को संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर सेन ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविर युवाओं को जीवन की हर कठिन परिस्थिति में धैर्य और संयम बनाए रखने की सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ काम करना और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाना ही एक अच्छे नागरिक की पहचान है। उन्होंने सभी कैडेटों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, समर्पण और कड़ी मेहनत के साथ इस प्रशिक्षण को पूरा करें ताकि भविष्य में देश के एक जिम्मेदार और सशक्त नागरिक बन सकें।
रचनात्मकता और कला ने जीता सबका दिल
सैन्य कौशल के अलावा गयाजी के इस एनसीसी कैंप में कैडेटों की कलात्मक प्रतिभा का भी अद्भुत नजारा देखने को मिला। ब्रिगेडियर सेन ने कैडेटों द्वारा अपने हाथों से बनाई गई आकर्षक कलाकृतियों और सुंदर रंगोलियों का अवलोकन किया। उन्होंने युवाओं की इस रचनात्मकता, कलात्मक सोच और उनके द्वारा दिए जा रहे सामाजिक संदेशों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कला व्यक्ति के समग्र व्यक्तित्व विकास और आंतरिक भावनाओं को व्यक्त करने का एक बेहद सशक्त माध्यम होती है।
कार्यक्रम में इनकी रही विशेष उपस्थिति
इस भव्य और सफल निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान सेना और बटालियन के कई गणमान्य अधिकारी और प्रशिक्षक मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से सूबेदार मेजर सरदारी लाल, ऑनरेरी कैप्टन आरबी शर्मा, एएनओ मुकेश वर्मा, पुरुषोत्तम पांडे, रंजय कुमार रश्मि, बिनेश कुमार, लेफ्टिनेंट प्रो. पमपम कुमारी, सूबेदार सूरज सोरेन, सूबेदार एकदेव थापा, सीएचएम देवराज, हवलदार जगदीश, नील प्रसाद गुरुंग, अभय पाठक, सीएचएम राम किशोर कम, देशपाल, सुरेंद्र, प्रभात कुमार तिवारी, पवन, वीरेंद्र, हेड क्लर्क उमेश कुमार, संजय कुमार मंडल, संतोष कुमार झा, लक्ष्मण कुमार, धीरज कुमार और मिंटू कुमार शामिल रहे। इन सभी के मार्गदर्शन में कैंप का संचालन बेहद अनुशासित ढंग से आगे बढ़ रहा है।
बिहार के गया में आयोजित यह एनसीसी कैंप न केवल युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बना रहा है, बल्कि उनमें देश के प्रति कुछ कर गुजरने का जज्बा भी पैदा कर रहा है। ब्रिगेडियर देबकुमार सेन के इस दौरे ने कैडेटों के हौसलों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।