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रक्षाबंधन पर सोना-चांदी खरीदने वालों की मौज, भाव में भारी गिरावट

रक्षाबंधन पर सोना-चांदी खरीदने वालों की मौज, भाव में भारी गिरावट

भारतीय संस्कृति में पर्व और त्योहारों का सिलसिला केवल उमंग और उल्लास तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि यह देश के आर्थिक और व्यापारिक परिदृश्य को भी एक नई दिशा देता है। जब बात रक्षाबंधन जैसे बड़े और पवित्र त्योहार की हो, तो बाजार की रौनक देखने लायक होती है। बहन और भाई के पवित्र रिश्ते के इस उत्सव पर अमूमन बाजारों में उपहारों और कीमती धातुओं की खरीदारी का दौर अपने चरम पर होता है। लेकिन, इस बार रक्षाबंधन के मौके पर बाजार से एक बेहद दिलचस्प और राहत भरी खबर सामने आई है, जिसने आभूषण प्रेमियों और निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।

आज यानी 28 अगस्त 2026 को एक तरफ जहां शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ निवेशकों और आम जनता के लिए बेहद पसंदीदा पीली धातु यानी सोना और सफेद धातु चांदी कीमतों के मोर्चे पर काफी नीचे आ गए हैं। त्योहारी सीजन के दौरान अक्सर ऐसा कम ही देखने को मिलता है जब कीमतों में इस तरह का बड़ा करेक्शन आया हो। आइए विस्तार से जानते हैं कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) से लेकर स्थानीय सर्राफा बाजार और अंतर्राष्ट्रीय बुलियन मार्केट तक में सोने और चांदी के क्या ताजा भाव चल रहे हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बड़ी गिरावट

घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज कारोबार की शुरुआत के साथ ही दबाव साफ नजर आया। सत्र के दौरान सोने की कीमतों में करीब 1,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते MCX पर सोना फिसलकर 1,58,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के आसपास ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया।

सोने के साथ-साथ चांदी ने भी निवेशकों को चौंकाया है। चांदी के अनुबंधों में आज बिकवाली का दबाव ज्यादा देखने को मिला, जिससे इसके दाम में करीब 1,600 रुपये से अधिक की बड़ी गिरावट आई। इन तमाम उतार-चढ़ावों के बीच, एमसीएक्स पर चांदी फिलहाल 2,39,574 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती हुई नजर आ रही है। जानकारों का मानना है कि वायदा बाजार में इस तरह की सुस्ती तकनीकी कारणों और वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असर है।

घरेलू बुलियन और सर्राफा बाजार का हाल

वायदा बाजार के अलावा अगर देश के हाजिर यानी सर्राफा बाजारों की स्थिति पर नजर डालें, तो वहां भी कीमतों में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जानकारों के मुताबिक, पिछले कुछ सत्रों से चांदी की कीमतों में जो मंदी का रुख बना हुआ था, वह आज भी पूरी तरह हावी रहा। घरेलू हाजिर बाजार में चांदी 2.39 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में कारोबार कर रही है। वहीं, हाजिर सोना भी 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है।

विभिन्न कैरेट के आधार पर सर्राफा बाजारों से जो आंकड़े सामने आए हैं, वे ग्राहकों के लिए काफी राहत देने वाले हैं:

  • 24 कैरेट सोना (Pure Gold): इसमें सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुड रिटर्न्स के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 3,160 रुपये की भारी गिरावट के साथ घटकर 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।
  • 22 कैरेट सोना (Standard Gold): आमतौर पर आभूषणों की खरीद के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के दाम भी नीचे आए हैं। इसमें 2,900 रुपये की कमी आई है और यह अब 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
  • 18 कैरेट सोना (Affordable Gold): हल्के गहनों और कड़े आदि में प्रयुक्त होने वाले 18 कैरेट सोने की कीमत में 2,370 रुपये की कमी दर्ज की गई है, जिसके बाद यह 1,19,870 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।
  • चांदी (Silver - Bullion Market): हाजिर सर्राफा बाजार में चांदी की चमक फीकी पड़ी है और इसके भाव में सीधे 5,000 रुपये की जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। इस बड़ी गिरावट के बाद खुदरा बाजार में चांदी की कीमत 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार (Comex) पर मंदी का साया

घरेलू बाजारों में आई इस सुस्ती की मुख्य वजह वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेत हैं। अंतर्राष्ट्रीय बुलियन मार्केट यानी Comex पर आज सोने और चांदी दोनों ही कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव साफ देखा गया।

Comex पर उपलब्ध ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना करीब 0.53% तक लुढ़क गया है, जिसके चलते इसकी कीमत घटकर 4,639.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, औद्योगिक और निवेश मांग कमजोर रहने के कारण चांदी की कीमतों में भी 0.64 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी फिलहाल 68.990 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही है। वैश्विक विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव के कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशक इन कीमती धातुओं से फिलहाल थोड़ा दूर हट रहे हैं, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ रहा है।

खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आई यह गिरावट उन लोगों के लिए एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है जो लंबे समय से सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे थे। त्योहारी सीजन के दौरान अमूमन कीमतें आसमान छूती हैं, ऐसे में कीमतों में करेक्शन आना खरीदारों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का यह भी सुझाव है कि चूंकि वैश्विक बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है, इसलिए किसी भी तरह के बड़े निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें और बाजार के तकनीकी पहलुओं को भली-भांति समझ लें।

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काव्या त्रिपाठी

काव्या त्रिपाठी

Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

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