मुनाफावसूली और बिकवाली से भारतीय शेयर बाजारों में दर्ज की गई सुस्ती, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दिखा दबाव
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान कमजोरी का रुख देखने को मिला। बाजार में लगातार रही हालिया तेजी के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली और चुनिंदा प्रमुख क्षेत्रों में हुई बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 251.89 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,781.89 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 99.25 अंक यानी 0.44 प्रतिशत टूटकर 22,622.70 के स्तर पर सिमट गया।
सेक्टरवार मिलाजुला प्रदर्शन
बुधवार के कारोबार में विभिन्न सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली और ये सभी एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए। इसके अलावा निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मेटल, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी कंजप्शन इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए।
दूसरी ओर, बाजार के कुछ हिस्सों में खरीदारी का समर्थन भी मिला। निफ्टी एनर्जी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी पीएसई, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी मीडिया और निफ्टी इंडिया डिफेंस सेक्टर हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे।
व्यापक बाजार और प्रमुख शेयरों का हाल
इस गिरावट का असर केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट पर भी साफ नजर आया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 62.60 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,384.80 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 50.10 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ 59,409.10 के स्तर पर आ गया।
सेंसेक्स के30 शेयरों में से इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचयूएल, एनटीपीसी, एचसीएल टेक, बीईएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। इसके विपरीत, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, इंडिगो, सन फार्मा, एलएंडटी, टाइटन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील और एसबीआई के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया और ये गिरावट के साथ बंद हुए।
बाजार विशेषज्ञों की राय और आर्थिक कारक
बाजार के जानकारों के अनुसार, हाल ही में बाजार में आई जोरदार तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा सुरक्षित करना उचित समझा, जिसके कारण पूरे सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव बना रहा। हालांकि, इंट्राडे के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, भारतीय रिजर्व बैंक के विदेशी मुद्रा संबंधी उपायों के बाद रुपये में आई मजबूती और दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर (LTCG) व प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) की संभावित समीक्षा को लेकर लगाई जा रही उम्मीदों से बाजार को कुछ हद तक निचले स्तरों पर समर्थन मिला।
इसके साथ ही, घरेलू स्तर पर थोक महंगाई के आंकड़े अनुमान से थोड़े अधिक रहने के कारण बॉन्ड यील्ड में तेजी दर्ज की गई। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति को फिलहाल सख्त बनाए रख सकते हैं, जिसका प्रत्यक्ष असर ऑटोमोबाइल, निजी बैंकों और मेटल सेक्टर पर देखने को मिला। वहीं दूसरी ओर, आईटी, एफएमसीजी और पीएसयू बैंकिंग क्षेत्रों से आए कुछ सकारात्मक कारोबारी अपडेट्स के चलते मजबूत बुनियादी वित्तीय स्थिति वाली कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।