अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वैश्विक अनिश्चितताओं और खंडित दृष्टिकोण के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक अपडेट जारी किया है। वैश्विक वित्तीय संस्था ने वर्ष 2027-28 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।
इससे पहले जुलाई के अपने आकलन में आईएमएफ ने इस अवधि के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने की संभावना जताई थी। ताजा संशोधन के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर वैश्विक स्तर पर भरोसे का माहौल मजबूत हुआ है, हालांकि संस्थान ने दुनिया भर के बाजारों में सुस्त और खंडित होते वैश्विक आर्थिक माहौल को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी भी दी है।
खंडित वैश्विक दृष्टिकोण पर चिंता
एक तरफ जहां भारत जैसे कुछ विकासशील देशों में मजबूत आर्थिक गतिविधियों के संकेत मिल रहे हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने व्यापक वैश्विक परिदृश्य में आ रही बाधाओं का जिक्र किया है। वैश्विक स्तर पर व्यापारिक दूरियां, भू-राजनीतिक तनाव और वित्तीय बाजारों में अस्थिरता के कारण दृष्टिकोण खंडित बना हुआ है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश प्रवाह पर पड़ सकता है।
भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति
संशोधित आंकड़ों के अनुसार भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले देशों में शामिल है। चालू और आगामी वित्त वर्षों के लिए विभिन्न वैश्विक संस्थाओं द्वारा भारत के विकास अनुमानों में लगातार फेरबदल किया जा रहा है। आईएमएफ के इस ताज़ा अनुमान से नीति निर्माताओं और निवेशकों को आगामी आर्थिक नीतियों को तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है, हालांकि वैश्विक जोखिमों से निपटने के लिए घरेलू स्तर पर सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है।