आकाश में सफर करने वाले आम आदमी की जेब पर एक बार फिर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ने वाला है। अगर आप भी आने वाले दिनों में देश के किसी भी हिस्से की यात्रा फ्लाइट से करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। देश की सबसे बड़ी और प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो (Indigo Airlines) ने अपने हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। नई दरें 6 अक्टूबर से प्रभावी हो चुकी हैं, जिसके बाद से देश के तमाम घरेलू रूटों पर सफर करना महंगा हो गया है।
किराए में अचानक बढ़ोतरी की क्या है वजह?
हवाई यात्रा को महंगा करने के पीछे एयरलाइंस कंपनियों का तर्क है कि ऑपरेशनल कॉस्ट यानी परिचालन लागत में लगातार इजाफा हो रहा है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति ने एयरलाइंस के बजट को प्रभावित किया है। हालांकि, त्योहारी सीजन से ठीक पहले यात्रियों पर पड़े इस अतिरिक्त बोझ से आम जनता में निराशा साफ तौर पर देखी जा रही है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि अक्टूबर का महीना त्योहारी सीजन की शुरुआत का प्रतीक होता है। ऐसे में विमानन कंपनियों द्वारा किराए में इजाफा करना एक सोची-समझी व्यावसायिक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है, क्योंकि इस दौरान लोग छुट्टियों और त्योहारों के चलते बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं और डिमांड अपने चरम पर होती है।
किन रूटों पर और कितना असर पड़ेगा?
इंडिगो के इस फैसले का असर लगभग सभी घरेलू रूटों पर देखने को मिलेगा। चाहे आप महानगरों के बीच सफर कर रहे हों या फिर टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच उड़ान भर रहे हों, हर जगह टिकट की कीमतें बढ़ी हुई मिलेंगी।
- प्रमुख महानगर रूट: दिल्ली-मुंबई, बेंगलुरु-दिल्ली, और कोलकाता-चेन्नई जैसे व्यस्त रूटों पर किराए में औसतन 500 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- शॉर्ट-हॉल फ्लाइट्स: छोटे रूटों पर भी न्यूनतम किराए में इजाफा किया गया है, जिससे रोजमर्रा या बिजनेस के सिलसिले में सफर करने वाले यात्रियों का मासिक बजट गड़बड़ा सकता है।
- लास्ट-मिनट बुकिंग: जो यात्री अंतिम समय में टिकट बुक करते हैं, उनके लिए अब कीमतें आसमान छूती नजर आएंगी।
यात्रियों की जेब पर सीधा असर
मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए ट्रेन के एसी कोच के बाद फ्लाइट्स अब समय बचाने का सबसे प्रमुख जरिया बन चुकी हैं। लेकिन किराए में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी से कई लोग अब दोबारा सड़क मार्ग या अन्य विकल्पों के बारे में सोचने पर मजबूर हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यात्रियों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं, जहां लोग त्योहारी सीजन में इस प्रकार के दाम बढ़ाए जाने की आलोचना कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की सलाह: कैसे बचाएं पैसे?
अगर आपको इस महीने या आने वाले हफ्तों में यात्रा करनी ही है, तो कुछ बातों का ध्यान रखकर आप अपनी जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार को कुछ हद तक कम कर सकते हैं:
- एडवांस बुकिंग करें: अंतिम समय की टिकटों से बचें और कम से कम 15 से 30 दिन पहले अपनी टिकटें बुक करें।
- हफ्ते के बीच में सफर करें: मंगलवार और बुधवार के दिन सामान्यतः वीकेंड्स (शनिवार-रविवार) की तुलना में किराए कम होते हैं।
- कैशबैक और ऑफर्स का इस्तेमाल करें: विभिन्न क्रेडिट कार्ड्स और पेमेंट ऐप्स पर मिलने वाले ट्रैवल ऑफर्स का लाभ उठाएं।
कुल मिलाकर, 6 अक्टूबर से लागू हुई ये नई दरें यात्रियों के लिए किसी झटके से कम नहीं हैं। आने वाले दिनों में देखना यह होगा कि क्या अन्य विमानन कंपनियां (जैसे एयर इंडिया, अकासा एयर आदि) भी इंडिगो के नक्शेकदम पर चलते हुए अपने किराए में बढ़ोतरी करती हैं या पुरानी दरों पर ही टिके रहती हैं। तब तक के लिए यात्रियों को अपनी जेब ढीली करने के लिए तैयार रहना होगा।