देशभर में नवरात्रि के दौरान ऑटो सेक्टर में तेजी, इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में उल्लेखनीय उछाल
भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग के लिए इस साल का नवरात्रि का त्योहारी सीजन काफी मजबूत रहा। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों के भीतर देश भर में कुल 11,23,000 (11.23 लाख) से अधिक वाहनों की खुदरा बिक्री दर्ज की गई है। इस दौरान हर सेकंड एक से ज्यादा वाहन की बिक्री हुई, जो औसतन हर मिनट लगभग 78 वाहनों और रोजाना करीब 1.23 लाख वाहनों के बराबर बैठती है।
विभिन्न श्रेणियों में बिक्री के आंकड़े
FADA के अध्यक्ष सी.एस. साई गिरिधर द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, हालांकि पिछले साल के त्योहारी सीजन के रिकॉर्ड उच्च स्तर के मुकाबले इस बार नवरात्रि में कुल वाहनों की बिक्री में करीब 80,000 यूनिट्स की मामूली कमी आई है, फिर भी मांग का स्तर काफी ऊंचा बना हुआ है। पिछले साल नवरात्रि 10 दिनों के बजाय 11 दिनों की थी और उस दौरान जीएसटी से जुड़े बदलावों के कारण लंबे समय से रुकी हुई मांग एक साथ बाजार में आई थी, जिसके चलते इस साल की तुलना वह आंकड़ा अधिक दिखता है। इस बार पैसेंजर वाहनों (यात्री वाहनों) की बिक्री में 10 प्रतिशत से अधिक और दोपहिया वाहनों की बिक्री में 32 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती स्वीकार्यता
इस त्योहारी सीजन की सबसे खास बात इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रति उपभोक्ताओं का तेजी से बढ़ता रुझान रहा है। नवरात्रि के दौरान देश में 1,17,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन बिके। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इस साल ईवी की मांग में करीब 26.78 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही, कुल त्योहारी वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 10.5 प्रतिशत हो गई है, जो एक साल पहले लगभग 7.7 प्रतिशत थी। यह इस बात का संकेत है कि भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव अब स्वतः गति पकड़ चुका है और उपभोक्ताओं का भरोसा इस सेगमेंट पर लगातार मजबूत हो रहा है।
आगे का बाजार और आगामी त्योहारी सीजन
FADA का मानना है कि उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति मजबूत बनी हुई है और लोगों की आकांक्षाएं ऑटो सेक्टर को लगातार गति दे रही हैं। धनतेरस से लेकर दिवाली तक के आगामी दौर में प्रवेश करते हुए ऑटो डीलर्स और उद्योग जगत सतर्कता के साथ सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं। ऑटो रिटेल का यह प्रदर्शन देश की आर्थिक वृद्धि की निरंतरता को दर्शाता है।