जलस्तर घटने के बाद मूल स्थान पर लौटी विश्व प्रसिद्ध आरती, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर गंगा नदी का जलस्तर सामान्य होने के बाद दैनिक मां गंगा की भव्य आरती एक बार फिर अपने मूल और पारंपरिक स्थान पर सुचारू रूप से शुरू हो गई है। गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद से ही घाटों पर स्थानीय लोगों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की आवाजाही सामान्य होने लगी थी। बुधवार को आयोजित इस संध्या आरती के अलौकिक दर्शन के लिए घाट पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरे प्रांगण में आस्था का भारी जनसैलाब देखने को मिला।
आरती के बाद बढ़ा भीड़ का दबाव
संध्या बेला में वैदिक मंत्रोच्चार, डमरو की गूंज और विशाल दीपों के साथ हुई आरती का संपूर्ण अनुष्ठान संपन्न होने के बाद एक साथ भारी संख्या में श्रद्धालुओं के घाट से बाहर निकलने की स्थिति बनी। मुख्य मार्गो और सीढ़ियों पर एक साथ लोगों के आने के कारण अचानक भीड़ का दबाव काफी बढ़ गया। इस दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या भगदड़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आया।
पुलिस प्रशासन की सक्रियता और प्रबंधन
विशाल जनसमूह और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी स्वयं मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने अपनी देखरेख में भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करवाया और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से घाट से बाहर निकलने के मार्गों पर निर्देशित किया। तैनात पुलिसकर्मी लगातार कतारबद्ध तरीके से भीड़ को व्यवस्थित करने और रास्तों को सुचारू रखने में जुटे रहे, जिससे भारी भीड़ के बावजूद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी रही।
प्रशासन की इस सक्रियता और बेहतर भीड़ प्रबंधन के चलते लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुरक्षित रूप से गंगा आरती के दर्शन किए और बिना किसी व्यवधान के अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। त्योहारों और विशेष दिनों से इतर सामान्य दिनों में भी दशाश्वमेध घाट पर उमड़ने वाली इस भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने भविष्य के आयोजनों के लिए भी अपनी तैयारियों को पुख्ता कर लिया है।