वाराणसी जोन में 10 दिवसीय ‘मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0’ का सफल समापन हुआ है, जिसके तहत सार्वजनिक स्थलों पर 5598 महिला चौपालों का आयोजन कर 87 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए संचालित इस विशेष अभियान का वाराणसी जोन में व्यापक प्रभाव देखने को मिला। अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन नवीन अरोरा के निर्देशन में यह 10 दिवसीय अभियान 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक चलाया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के समन्वय से कई जनहित और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विभिन्न चरणों में चला जागरूकता और राहत का सिलसिला
अभियान के पहले दिन पुलिस विभाग की महिला कर्मियों और छात्राओं ने 97 टोलियों में पैदल मार्च निकाला, जिसमें 3512 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 853 लघु फिल्मों का प्रदर्शन करने के साथ ही 932 पोस्टर-बैनर और 4670 प्रचार सामग्री वितरित की गई। दूसरे दिन विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 907 महिलाओं एवं बालिकाओं को सम्मानित किया गया। तीसरे दिन महिला पुलिसकर्मियों और एनसीसी कैडेट्स ने यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाई, जबकि चौथे दिन 18 नारी संरक्षण एवं आश्रय गृहों में 642 महिलाओं और बालिकाओं को आगामी त्योहारों से संबंधित सामग्री एवं खाद्य सामग्री बांटी गई।
पांचवें दिन 75 स्कूल-कॉलेजों में 14,060 छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए करियर मार्गदर्शन देने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए गए। छठे दिन परिवार परामर्श केंद्रों के माध्यम से 1053 पारिवारिक मामलों का सफल निस्तारण किया गया और 1827 परिजनों को सम्मानित कर आपसी सुलह-समझौते के महत्व पर जोर दिया गया।
त्वरित समाधान और कुरीतियों के खिलाफ प्रहार
अभियान के तहत आयोजित ‘पिंक समाधान दिवस’ एवं ‘मिशन शक्ति तहसील दिवस’ के 47 आयोजनों में 168 महिलाओं की समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया गया। आठवें दिन नुक्कड़ नाटकों और लघु फिल्मों के माध्यम से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाई गई, जिसमें 7157 बच्चों और बालिकाओं ने भाग लिया। नवमी के दिन एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं को विशेष रूप से आमंत्रित कर प्रोत्साहित किया गया तथा उनके मुकदमों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रयास किया गया।
अंतिम दिन सभी जनपदों में एक-एक मॉडल मिशन शक्ति केंद्र विकसित किया गया, जहां 959 महिलाओं को सुरक्षा, सशक्तीकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
सख्त कानूनी कार्रवाई और एंटी रोमियो अभियान
जागरूकता के साथ-साथ पुलिस ने कानून व्यवस्था के मोर्चे पर भी कड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान सड़कों पर स्टंटबाजी करने वाले 44 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 4211 वाहनों का चालान किया गया और 257 वाहन सीज किए गए। एंटी रोमियो स्क्वॉड ने 37,142 मनचलों और परेशान करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
महिला पुलिसकर्मियों ने अपने-अपने बीट क्षेत्रों में जाकर महिलाओं को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर माहौल देने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रखे जाएंगे।