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शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन हाहाकार, निवेशकों के डूबे 87 हजार करोड़ रुपये

शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन हाहाकार, निवेशकों के डूबे 87 हजार करोड़ रुपये

भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए यह हफ्ता बेहद उतार-चढ़ाव और निराशा भरा साबित हो रहा है। गुरुवार को हफ्ते के चौथे कारोबारी सत्र में बाजार ने एक बार फिर लाल निशान में गोता लगाया। मजबूत शुरुआत के बाद भी बाजार अपनी बढ़त को बरकरार नहीं रख पाया और लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। इस भारी उथल-पुथल के बीच निवेशकों को एक ही दिन में लगभग 87 हजार करोड़ रुपये का करारा झटका लगा है।

शानदार शुरुआत के बाद बाजार में हावी हुए बिकवाल

कारोबार की शुरुआत आज काफी जोश के साथ हुई थी। विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक, बाजार हरे निशान में खुला और शुरुआती आधे घंटे में ही खरीदारी के सपोर्ट से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने अच्छी तेजी दिखाई। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) हावी होने लगी और देखते ही देखते बिकवाल (Bears) पूरी तरह सक्रिय हो गए।

बिकवाली का दबाव इतना जबरदस्त था कि खरीदारों की तरफ से बाजार को संभालने की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुईं। इंट्रा-डे कारोबार के दौरान सेंसेक्स अपने ऊपरी स्तर से 770 अंक से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी में भी 150 अंकों से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़ों पर एक नजर

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स आज 154.60 अंकों की तेजी के साथ 76,724.95 के स्तर पर खुला था। शुरुआती लिवाली के दम पर यह जल्द ही 76,924.48 के उच्च स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद शुरू हुई बिकवाली ने पूरे दिन की कमाई पर पानी फेर दिया। अंत में सेंसेक्स 417.49 अंक यानी 0.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,152.86 के स्तर पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी का भी कमोबेश यही हाल रहा। निफ्टी ने 83.50 अंकों की बढ़त के साथ 23,997.95 पर कारोबार शुरू किया और शुरुआती दौर में 24,025.40 के स्तर को छुआ। लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिकने में नाकामयाब रहने के बाद, यह अंततः 41 अंक यानी 0.17 प्रतिशत टूटकर 23,873.45 पर बंद हुआ।

किन सेक्टर्स में रही चमक और कहां छाई मायूसियां?

आज के कारोबार में बाजार का रुख पूरी तरह से मिला-जुला रहा। चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली, तो वहीं कई प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों में जमकर बिकवाली हुई:

  • रियल्टी और मीडिया सेक्टर चमके: रियल्टी इंडेक्स में आज निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया, जिससे यह 2.50 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ बंद हुआ। वहीं, मीडिया इंडेक्स में भी 1.70 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
  • बैंकिंग और पीएसयू का साथ: बैंकिंग, कैपिटल गुड्स और पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज के शेयर भी हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे।
  • आईटी, ऑटो और एफएमसीजी में बिकवाली: दूसरी ओर, ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवालों का भारी दबाव देखा गया। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फार्मा, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी लाल निशान के साथ बंद हुए।

मिडकैप और स्मॉलकैप ने संभाला मोर्चा

मुख्य सूचकांकों में भले ही कमजोरी रही हो, लेकिन ब्रॉडर मार्केट में खरीदारी का सिलसिला जारी रहा। निफ्टी का मिडकैप इंडेक्स 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके अलावा, स्मॉलकैप इंडेक्स ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 1.20 प्रतिशत की शानदार तेजी के साथ आज के कारोबार का अंत किया, जिससे छोटे निवेशकों को कुछ राहत जरूर मिली।

निवेशकों की संपत्ति से कटे 87,000 करोड़ रुपये

बाजार में आई इस सुस्ती का सीधा असर निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ा। बीएसई (BSE) पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) आज घटकर 487.10 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) रह गया, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 487.97 लाख करोड़ रुपये था। एक ही दिन में मार्केट कैप में आई इस भारी गिरावट के चलते निवेशकों को लगभग 87,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

शेयरों की चाल: कौन रहा आगे, कौन पीछे?

एनएसई पर आज कुल 3,234 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग देखने को मिली। इनमें से 1,985 शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए, जबकि 1,249 शेयरों को नुकसान का सामना करना पड़ा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से केवल 7 शेयर तेजी के साथ और 23 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

टॉप गेनर्स (Top Gainers): आज के सत्र में अदानी पोर्ट्स (2.02%), एक्सिस बैंक (1.04%), एचडीएफसी बैंक (0.83%), टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (0.71%) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (0.70%) सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाले शेयरों में शामिल रहे।

टॉप लूजर्स (Top Losers): वहीं दूसरी ओर, बिकवाली के दबाव के चलते बजाज ऑटो (1.73%), टेक महिंद्रा (1.54%), ट्रेंट लिमिटेड (1.29%), सिप्ला (1.28%) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.25%) आज के सबसे बड़े नुकसानदेह शेयर रहे।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

वित्तीय जानकारों का मानना है कि मौजूदा समय में बाजार ऊंचे स्तर पर है, जिस कारण निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करना स्वाभाविक है। इसके अलावा वैश्विक संकेतों और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। जब तक बाजार में किसी बड़े ट्रिगर की एंट्री नहीं होती, तब तक उतार-चढ़ाव का यह दौर जारी रहने की पूरी संभावना है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही लंबी अवधि का निवेश करें।

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काव्या त्रिपाठी

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Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

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