Breaking
► हरदोई में आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन, कर्मियों ने बांधी काली पट्टी ► वाराणसी: मिशन शक्ति 6.0 के तहत कैंट थाने में सम्मानित हुए सुलह करने वाले परिवार ► औरेया में अनोखा मामला: 75 साल के बुजुर्ग और 30 साल की युवती की शादी तय ► दुनिया में सबसे ज्यादा एसिड अटैक किस देश में होते हैं? जानें भारत और पाकिस्तान की स्थिति ► कनॉट प्लेस तिरंगा मार्च: दिल्ली में धारा 163 लागू, CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को नोटिस ► सीएम योगी बोले- साढ़े नौ साल में बदला यूपी का खेल परिवेश, मैदानों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छा रहीं बेटियां ► रिटायर्ड सैनिकों के लिए जरूरी खबर: DSP अकाउंट को तुरंत कराएं DPA में कन्वर्ट ► FASTag Annual Pass: ₹3,075 में एक साल का टोल पास, जानिए नियम और बचत का गणित ► गड़चिरोली में भेंडाला के किसानों का चक्काजाम, भूमि अधिग्रहण का विरोध ► छत्तीसगढ़ के तीन राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी बने आईएएस, केंद्र ने जारी की अधिसूचना ► हरदोई में आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन, कर्मियों ने बांधी काली पट्टी ► वाराणसी: मिशन शक्ति 6.0 के तहत कैंट थाने में सम्मानित हुए सुलह करने वाले परिवार ► औरेया में अनोखा मामला: 75 साल के बुजुर्ग और 30 साल की युवती की शादी तय ► दुनिया में सबसे ज्यादा एसिड अटैक किस देश में होते हैं? जानें भारत और पाकिस्तान की स्थिति ► कनॉट प्लेस तिरंगा मार्च: दिल्ली में धारा 163 लागू, CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को नोटिस ► सीएम योगी बोले- साढ़े नौ साल में बदला यूपी का खेल परिवेश, मैदानों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छा रहीं बेटियां ► रिटायर्ड सैनिकों के लिए जरूरी खबर: DSP अकाउंट को तुरंत कराएं DPA में कन्वर्ट ► FASTag Annual Pass: ₹3,075 में एक साल का टोल पास, जानिए नियम और बचत का गणित ► गड़चिरोली में भेंडाला के किसानों का चक्काजाम, भूमि अधिग्रहण का विरोध ► छत्तीसगढ़ के तीन राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी बने आईएएस, केंद्र ने जारी की अधिसूचना

शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 75 हजार के नीचे फिसला, निफ्टी भी धड़ाम

शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 75 हजार के नीचे फिसला, निफ्टी भी धड़ाम

भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 09 सितंबर 2026 को कारोबार की शुरुआत बेहद सुस्त और भारी बिकवाली के साथ हुई। बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली का ऐसा दबाव देखने को मिला कि निवेशकों की सांसें थम गईं। प्रमुख सूचकांक लाल निशान में गहरे उतरते चले गए। निवेशकों के लिए आज का शुरुआती सत्र काफी उथल-पुथल भरा रहा, जहाँ बाजार के दोनों मुख्य इंडेक्स—सेंसेक्स और निफ्टी—महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों को बचाए रखने के लिए संघर्ष करते नजर आए।

सेंसेक्स में जोरदार गोता, 75,000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर टूटा

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स आज सुबह 361.36 अंकों की कमजोरी के साथ 75,216.22 के स्तर पर खुला था। लेकिन खुलते ही बिकवाली का जो तूफान आया, उसने बाजार को झकझोर कर रख दिया। पहले ही मिनट में सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक लुढ़ककर 74,968.99 के स्तर पर आ गया, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।

हालांकि, इस भारी गिरावट के बाद निचले स्तरों पर निवेशकों और वैल्यू बायर्स ने थोड़ी लिवाली (Buying) की कोशिश की। इस सपोर्ट के चलते सेंसेक्स संभलने की कोशिश में आगे बढ़ा और शुरुआती आधे घंटे के भीतर उछलकर 75,220.88 के स्तर तक पहुँच गया। लेकिन यह राहत बहुत कम समय के लिए थी। बाजार में हावी हो चुके बिकवाल (Bears) पूरी तरह आक्रामक थे, जिसके कारण सूचकांक एक बार फिर औंधे मुंह गिर गया। शुरुआती एक घंटे का कारोबार पूरा होने तक सुबह 10:15 बजे सेंसेक्स 600.38 अंक यानी 0.79 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 74,977.20 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

निफ्टी ने भी तोड़े सपोर्ट लेवल्स, 23,400 के करीब पहुंचा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी का हाल भी कुछ अलग नहीं रहा। निफ्टी ने आज के दिन की शुरुआत 113.05 अंकों यानी 0.48 प्रतिशत की सुस्ती के साथ 23,522.05 के स्तर पर की। बाजार खुलते ही बिकवाली के भयंकर दबाव ने निफ्टी को भी अपनी चपेट में ले लिया और यह सूचकांक 150 अंक से ज्यादा फिसलकर 23,468.45 के स्तर पर आ गया।

सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी में भी निचले स्तरों पर खरीदारों ने एंट्री ली और इसे थोड़ा ऊपर खींचकर 23,536.50 के स्तर तक पहुँचाया। मगर ऊपरी स्तरों पर टिकना आज बाजार के लिए मुश्किल साबित हुआ। मुनाफावसूली और बिकवाली के दबाव के चलते निफ्टी की चाल फिर बिगड़ गई। सुबह 10:15 बजे तक निफ्टी 149.30 अंक यानी 0.63 प्रतिशत लुढ़ककर 23,485.80 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।

बाजार के अंदर का हाल: हरे और लाल निशान की जंग

आज के शुरुआती कारोबार के दौरान स्टॉक मार्केट में कुल 2,878 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग दर्ज की गई। अगर एडवांस और डिक्लाइन रेशियो (Advance-Decline Ratio) की बात करें, तो बाजार का मूड पूरी तरह नकारात्मक नजर आया:

  • हरे निशान में (मुनाफा कमाने वाले शेयर): 1,237 शेयर
  • लाल निशान में (नुकसान उठाने वाले शेयर): 1,641 शेयर

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से केवल 10 शेयर ही लिवाली के समर्थन से हरे निशान में टिके हुए थे, जबकि 20 दिग्गज शेयर बिकवाली के भारी दबाव के कारण लाल निशान में गोता लगा रहे थे। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी के 50 शेयरों में से सिर्फ 13 शेयरों में ही हरियाली दिखाई दी, जबकि 37 शेयर भारी दबाव के चलते नुकसान झेल रहे थे।

किन शेयरों में आई तेजी और किनको हुआ नुकसान?

शुरुआती एक घंटे के कारोबार के बाद जिन चुनिंदा दिग्गज कंपनियों ने बाजार को थोड़ा बहुत थामने की कोशिश की, उनमें मैक्स हेल्थकेयर, अदानी एंटरप्राइजेज, कोल इंडिया, लार्सन एंड टूब्रो (L&T) और एनटीपीसी शामिल हैं। इन शेयरों में 1.30 प्रतिशत से लेकर 4.23 प्रतिशत तक की मजबूती दर्ज की गई।

इसके विपरीत, जिन शेयरों ने आज बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया और जो सबसे ज्यादा टूटे, उनमें आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर के बड़े नाम शामिल रहे। इंफोसिस, एचडीएफसी लाइफ, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजी और टीसीएस (TCS) के शेयरों में 2.29 प्रतिशत से लेकर 3.60 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार का सेंटिमेंट कमजोर हो गया।

पिछले कारोबारी सत्र का दबाव आज भी जारी


व्यापारिक जानकारों का मानना है कि इस हफ्ते की शुरुआत से ही बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इसके ठीक पहले यानी पिछले कारोबारी दिन मंगलवार को भी घरेलू शेयर बाजार भारी कमजोरी के साथ बंद हुआ था। मंगलवार को सेंसेक्स 555.23 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,577.58 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 144.05 अंक यानी 0.61 प्रतिशत फिसलकर 23,635.10 के स्तर पर बंद हुआ था। आज का यह शुरुआती कारोबार उसी मंदी के सिलसिले को आगे बढ़ाता हुआ दिख रहा है।विशेषज्ञों की सलाह है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव भरे दौर में निवेशकों को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार में किसी भी तरह का बड़ा दांव लगाने से पहले ग्लोबल संकेतों और कंपनियों के फंडामेंटल्स पर गहरी नजर बनाए रखें, क्योंकि किसी भी वक्त बाजार का रुख बदल सकता है।

About the Author

काव्या त्रिपाठी

काव्या त्रिपाठी

Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →