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चंदौली में कर्मनाशा नदी किनारे दिखा मगरमच्छ, ग्रामीणों में खौफ

चंदौली में कर्मनाशा नदी किनारे दिखा मगरमच्छ, ग्रामीणों में खौफ

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां कंदवा थाना क्षेत्र के अरंगी गांव के पास स्थित लिफ्ट कैनाल के नजदीक कर्मनाशा नदी में मगरमच्छ की मौजूदगी ने स्थानीय ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। बुधवार की शाम को नदी के पानी में तैरते हुए इस खतरनाक जलीय जीव को देखकर आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। दिन ढलने के साथ ही इस खबर ने पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैलकर दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

छठ घाट के पास भी पहले आ चुका है नजर

ग्रामीणों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में मगरमच्छ देखा गया हो। इससे पहले भी कर्मनाशा नदी के छठ घाट के पास मगरमच्छ की हलचल देखी जा चुकी है। उस दौरान ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम हरकत में आई थी और लगभग दो घंटे तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया गया था। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद वह मगरमच्छ वन विभाग की पकड़ में नहीं आ सका था और नदी की गहराई में कहीं ओझल हो गया था। दोबारा उसी इलाके में मगरमच्छ के दिखने से लोगों का डर और अधिक बढ़ गया है।

मवेशियों को पानी पिलाना और खेतों में जाना हुआ मुश्किल

नदी के किनारे खेती करने वाले और अपने मवेशियों को चराने वाले किसानों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई है। गांव के निवासी अजीत सिंह, गुलाब सिंह, मुन्ना सिंह, टप्पू सिंह, सुजीत सिंह, बबलू पांडेय और अख्तर अली ने बताया कि इस विशालकाय जीव के खौफ की वजह से अब किसी की भी हिम्मत नदी के आसपास जाने की नहीं हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है:

  • मवेशियों का संकट: रोजमर्रा की तरह मवेशियों को नदी के पास ले जाकर पानी पिलाना अब जान जोखिम में डालने जैसा लग रहा है।
  • खेती-किसानी प्रभावित: नदी के पास स्थित खेतों में काम करने वाले किसान डरे हुए हैं कि कहीं पानी के पास काम करते वक्त कोई अनहोनी न हो जाए।
  • बच्चों की सुरक्षा: ग्रामीण अपने बच्चों को भी घर से बाहर अकेले निकलने से मना कर रहे हैं, क्योंकि नदी रिहायशी इलाके के काफी करीब है।

प्रशासन और वन विभाग की चेतावनी

घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। वन विभाग के दरोगा मनोज श्रीवास्तव ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय लोगों और आसपास के गांवों के बाशिंदों के लिए सख्त हिदायत जारी की है।

"कर्मनाशा नदी के पास इस वक्त सुरक्षा कारणों से जाना खतरनाक हो सकता है। हमने ग्रामीणों से अपील की है कि वे फिलहाल नदी के घाटों या किनारों की तरफ बिल्कुल न जाएं और पूरी तरह सतर्क रहें। वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही इस मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने के लिए एक बार फिर से बड़ा अभियान चलाया जाएगा।" - मनोज श्रीवास्तव, वन दरोगा

एहतियात बरतने की सख्त जरूरत

प्रशासन की ओर से नदी किनारे मुनादी कराने और लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। गर्मियों और बरसात के दिनों में जलीय जीवों का नदी के उथले पानी या किनारों की तरफ आना स्वाभाविक माना जाता है, लेकिन रिहायशी इलाकों के इतने करीब इनका बार-बार दिखना एक गंभीर विषय है। जानकारों का मानना है कि पानी के स्तर में बदलाव और भोजन की तलाश में ये जीव अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों के पास आ जाते हैं।

फिलहाल, चंदौली के कंदवा क्षेत्र के लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। हर कोई यही दुआ कर रहा है कि वन विभाग की टीम जल्द से जल्द इस मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ ले, ताकि आम जनजीवन एक बार फिर से सामान्य हो सके और किसानों का डर दूर हो सके।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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