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चन्दौली पुलिस की अनूठी पहल: विश्व दृष्टि दिवस पर एसपी आकाश पटेल ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ बिताए खास पल

चन्दौली पुलिस की अनूठी पहल: विश्व दृष्टि दिवस पर एसपी आकाश पटेल ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ बिताए खास पल

खाकी का एक ऐसा चेहरा भी होता है जो अक्सर कानून और व्यवस्था की सख्ती के पीछे छिप जाता है, लेकिन जब यह चेहरा सामने आता है तो समाज में एक गहरी और सकारात्मक छाप छोड़ जाता है। उत्तर प्रदेश के चन्दौली जनपद में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। मौका था 'विश्व दृष्टि दिवस' का और कमान संभाली थी जनपद के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने। चन्दौली पुलिस लाइन परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ सुरक्षा का ही नहीं, बल्कि संवेदना और आत्मीयता का भी पर्याय है।

जब पुलिस लाइन गूंजी दृष्टिबाधित बच्चों के सुरों से

कार्यक्रम की शुरुआत किसी औपचारिक भाषण या कड़े प्रोटोकॉल के साथ नहीं हुई, बल्कि इसकी शुरुआत हुई उम्मीद और कला की उन धुनों से जिन्हें देखने के लिए आंखों की नहीं, बल्कि दिल की जरूरत होती है। मार्गदर्शी संस्था (अमर ज्योति सेवा केन्द्र, रवैहेरा) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के कोने-कोने से दृष्टिबाधित बच्चे पहुंचे थे।

जैसे ही इन विशेष बच्चों ने मंच पर आकर अपनी सुरीली आवाज में स्वागत गीत प्रस्तुत किया, पूरा पुलिस लाइन परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बच्चों के चेहरे पर दिख रही चमक और उनकी बेफिक्र मुस्कान ने वहां मौजूद हर एक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी को भावुक कर दिया। यह इस बात का प्रमाण था कि अगर हौसला बुलंद हो, तो शरीर की कोई भी सीमा आपके सपनों के आड़े नहीं आ सकती।

एसपी आकाश पटेल ने बच्चों के साथ बांटी खुशियां

चन्दौली के पुलिस अधीक्षक श्री आकाश पटेल ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत नहीं की, बल्कि वे इन बच्चों के एक अभिभावक और मित्र की भूमिका में नजर आए। उन्होंने न सिर्फ बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बड़े गौर से देखा, बल्कि एक-एक बच्चे के पास जाकर उनके हाल-चाल भी पूछे।

एसपी आकाश पटेल ने बच्चों के साथ बैठकर आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, उनके शौक, उनके हुनर और सबसे अहम उनके भविष्य के सपनों के बारे में विस्तार से बातचीत की। बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के पुलिस अधीक्षक को अपनी दिनचर्या और अपनी पसंद के बारे में बताया। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर जो खुशी और अपनापन था, वह किसी भी प्रशासनिक कार्यक्रम से कहीं ज्यादा सुकून देने वाला था।

'Love Your Eyes, Save Your Sight' और नेत्रदान का संदेश

इस संवेदनशील आयोजन के पीछे का मुख्य उद्देश्य समाज में आंखों की सुरक्षा और नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस वर्ष के वैश्विक थीम 'Love Your Eyes, Save Your Sight' को ध्यान में रखते हुए वक्ताओं ने आंखों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:

  • आंखों की सुरक्षा: नियमित जांच और डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी गई।
  • दृष्टिबाधितों के प्रति संवेदनशीलता: समाज में इन विशेष बच्चों और व्यक्तियों के प्रति दया नहीं, बल्कि समानता और सम्मान का भाव रखने की अपील की गई।
  • नेत्रदान महादान: पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की कि वे मृत्यु के बाद अपने नेत्रदान का संकल्प लें ताकि किसी अंधेरे जीवन में रोशनी लौट सके।

समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश

चन्दौली पुलिस द्वारा उठाया गया यह कदम महज़ एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह समाज के नाम एक बड़ा संदेश था। अक्सर हम उन लोगों की अनदेखी कर देते हैं जो प्रकृति के किसी नियम के कारण दुनिया को अपनी आंखों से नहीं देख पाते। लेकिन ऐसे आयोजनों से न केवल उन बच्चों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि समाज के अन्य सक्षम लोगों को भी यह प्रेरणा मिलती है कि वे आगे आएं और इन विशेष बच्चों के जीवन में खुशियां भरने का माध्यम बनें।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस परिवार की ओर से सभी बच्चों को उपहार और मिष्ठान वितरित किए गए। बच्चों की खुशी और उनके खिलखिलाते चेहरे इस बात की गवाही दे रहे थे कि यह दिन उनके लिए बेहद खास और यादगार बन गया है। चन्दौली पुलिस की यह पहल आने वाले समय में जिले में सामाजिक सरोकारों की एक नई मिसाल कायम करेगी।

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रोली सिंह

रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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