यदि आप आने वाले दिनों में अपने सपनों का आशियाना या जमीन का टुकड़ा खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। छत्तीसगढ़ में संपत्ति की खरीद-फरोख्त को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कई बड़े और अहम कदम उठाए हैं। इन बदलावों के बाद अब प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदना न केवल आसान हो गया है, बल्कि जेब पर पड़ने वाला बोझ भी काफी हद तक कम हो गया है। खास तौर पर अगर आप अपनी पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाते हैं, तो आपको स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क में भारी रियायत मिल रही है।
त्योहारी सीजन में प्रापर्टी बाजार में जबरदस्त तेजी
सितंबर 2026 का यह हफ्ता छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बेहद खास रहने वाला है। गणेश चतुर्थी से लेकर दिवाली और छठ तक का त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है। भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में इन शुभ अवसरों पर जमीन, मकान, और वाहन खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी के बाद से ही पंजीयन कार्यालयों में खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। इस साल त्योहारी सीजन के दौरान लोगों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर भी पुख्ता तैयारियां की गई हैं। कई जिलों में तो विशेष छुट्टियों के दिन भी रजिस्ट्री कार्यालय खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शुभ मुहूर्तों में लोग बिना किसी रुकावट के अपनी संपत्तियों का पंजीयन करा सकें।
रजिस्ट्री के आंकड़ों में आया ऐतिहासिक उछाल
छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट कारोबार तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है। सरकारी आंकड़ों पर अगर नजर डालें, तो वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से लेकर 8 सितंबर तक कुल 1 लाख 60 हजार 981 संपत्तियों की रजिस्ट्री हो चुकी है। अगर इसकी तुलना पिछले साल की इसी अवधि से की जाए, तो पिछले वर्ष 1 लाख 42 हजार 187 दस्तावेज ही पंजीकृत हुए थे। यानी इस बार सीधे तौर पर 18 हजार 794 अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है, जो पिछले साल के मुकाबले 13.2 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी को दर्शाता है।
खासतौर पर गर्मियों के बाद से बाजार में लगातार तेजी देखी जा रही है। जुलाई के महीने में ही रजिस्ट्री में 30 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई थी, वहीं अगस्त 2026 की अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 38 प्रतिशत तक पहुंच गया। इससे साफ जाहिर होता है कि आम नागरिकों के साथ-साथ बड़े निवेशक भी छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट मार्केट में खुलकर पैसा लगा रहे हैं।
महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर मिल रही 50 फीसदी की छूट
इस पूरी तेजी और रजिस्ट्री के बढ़ते आंकड़ों के पीछे सबसे बड़ा कारण सरकार द्वारा लाई गई नई और लोकलुभावन नीतियां हैं। मई 2026 में राज्य सरकार ने एक क्रांतिकारी बदलाव करते हुए महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर पंजीयन शुल्क में पूरे 50 प्रतिशत की भारी छूट देने का प्रावधान किया था। इस योजना के लागू होने के महज चार महीनों के भीतर ही इसके अद्भुत परिणाम सामने आए हैं। इन चार महीनों के दौरान ही महिलाओं के नाम पर 40 हजार 886 से अधिक पंजीयन दस्तावेज दर्ज किए जा चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि लोग इस छूट का भरपूर लाभ उठा रहे हैं और महिलाओं के नाम पर संपत्तियां खरीदकर उन्हें समाज में आर्थिक मजबूती दे रहे हैं।
दानपत्र, हकत्याग और बंटवारे पर भी राहत
सरकार ने केवल खरीद-बिक्री ही नहीं, बल्कि पारिवारिक मामलों में भी नागरिकों को बड़ी राहत दी है। परिवार के भीतर होने वाले दानपत्र (Gift Deed), हकत्याग पत्र (Relinquishment Deed) और पैतृक संपत्ति के बंटवारे जैसे जरूरी दस्तावेजों पर लगने वाले पंजीयन शुल्क को घटाकर मात्र 500 रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा देश की रक्षा करने वाले सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी वीर नारियों (विधवाओं) के लिए स्टाम्प शुल्क में विशेष तौर पर 25 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। इन तमाम अलग-अलग प्रावधानों के जरिए राज्य के नागरिकों को अब तक लगभग 1,100 करोड़ रुपए की पंजीयन शुल्क संबंधी भारी-भरकम रियायतें दी जा चुकी हैं।
घर बैठे रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण की सुविधा
पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ते हुए पिछले ढाई सालों में संपत्ति पंजीयन की पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और तकनीकी रूप से उन्नत बनाया गया है। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलने लगी है। कई जगहों पर घर बैठे रजिस्ट्री कराने की आधुनिक सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
इसके साथ ही सबसे बड़ी समस्या यानी 'नामांतरण' (Mutation) को रजिस्ट्री के साथ ही जोड़ दिया गया है। पहले जमीन खरीदने के बाद नामांतरण के लिए महीनों तक तहसीलों और दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब रजिस्ट्री होते ही स्वतः ही नामांतरण की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। छत्तीसगढ़ में इस नई तकनीक के माध्यम से अब तक 2.78 लाख से अधिक स्वतः नामांतरण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, जिससे आम जनता का समय और पैसा दोनों बच रहा है।
पंजीयन कार्यालयों को दिए गए विशेष निर्देश
त्योहारी सीजन में बढ़ने वाले काम के दबाव को देखते हुए महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक कार्यालय की ओर से सभी जिला पंजीयन कार्यालयों को पहले ही स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए जा चुके हैं। सर्वर डाउन होने या अन्य किसी भी तकनीकी बाधा से बचने के लिए आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है ताकि खरीदारों और स्टाम्प वेंडरों को किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
संक्षेप में कहें तो, यदि आप आने वाले दिनों में कोई भी प्लॉट, मकान या कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए सबसे मुफीद है। सरकारी छूट का दायरा और त्योहारी सीजन के शुभ मुहूर्त मिलकर आपके निवेश को दोगुना फायदेमंद बना सकते हैं।