सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत आने वाले करोड़ों नागरिकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ के खाद्य विभाग ने राज्य के सभी पात्र राशन कार्डधारियों के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए एक साथ दो महीने का खाद्यान्न आवंटन जारी कर दिया है। अब प्रदेश के नागरिकों को सितंबर और अक्टूबर महीने का चावल एक साथ प्राप्त होगा, जिससे उन्हें बार-बार राशन दुकानों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी। राज्य शासन की इस विशेष व्यवस्था से आम जनता को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है, खासकर उन परिवारों को जिन्हें अपने रोजमर्रा के भरण-पोषण के लिए सरकारी राशन पर निर्भर रहना पड़ता है।
राज्यभर की उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न का भंडारण शुरू
प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में फैली कुल 14,186 उचित मूल्य दुकानों के लिए सितंबर और अक्टूबर दोनों महीनों का खाद्यान्न भेज दिया गया है। विभाग की कड़ी निगरानी और प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते अब तक राज्य की करीब 9,356 उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न का सुचारू भंडारण भी पूरा किया जा चुका है। प्रतिशत के लिहाज से देखा जाए तो यह आंकड़ा लगभग 66 प्रतिशत बनता है। जिन दुकानों में खाद्यान्न पूरी तरह पहुंच चुका है, वहां स्थानीय नागरिकों और कार्डधारियों को वितरण का कार्य भी आरंभ कर दिया गया है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि शेष बची हुई उचित मूल्य दुकानों पर भी युद्ध स्तर पर खाद्यान्न पहुंचाने की प्रक्रिया चल रही है। आने वाले कुछ ही दिनों में राज्य के हर कोने तक दोनों महीनों का राशन सुगमता से पहुंच जाएगा, ताकि किसी भी पात्र हितग्राही को मायूस होकर वापस न लौटना पड़े।
30 सितंबर तक ले सकेंगे दो महीने का इकट्ठा राशन
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों के तहत मिलने वाले इस दोहरे लाभ के लिए सरकार ने एक निश्चित समयसीमा तय की है। पात्र लाभार्थी आगामी 30 सितंबर तक अपनी संबंधित उचित मूल्य दुकान पर जाकर सितंबर और अक्टूबर महीने का चावल प्राप्त कर सकते हैं। एक साथ दो महीनों का राशन मिलने से कई तरह की सहूलियतें पैदा हुई हैं:
- समय और धन की बचत: बार-बार दुकान के फेरे लगाने से ईंधन और समय दोनों की बर्बादी होती थी, जिससे अब छुटकारा मिलेगा।
- बेहतर घरेलू प्रबंधन: एक साथ खाद्यान्न उपलब्ध होने से परिवार अपने पूरे महीने के बजट और भोजन की योजना अधिक बेहतर ढंग से बना सकते हैं।
- भीड़ से राहत: तय समयसीमा के भीतर अपनी सुविधा अनुसार कभी भी राशन उठाया जा सकता है, जिससे दुकानों पर अचानक लगने वाली लंबी कतारों से बचा जा सकता है।
दुकान पर जाने से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यान
चूंकि सभी 14 हजार से अधिक दुकानों पर एक साथ भंडारण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है, इसलिए खाद्य विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपनी संबंधित राशन दुकान की स्थिति की पहले पुष्टि अवश्य कर लें। जिन इलाकों में खाद्यान्न पहुंच चुका है, वहां वितरण निरंतर जारी है। वहीं, जिन दुकानों पर अभी तक गाड़ी नहीं पहुंची है, वहां अगले कुछ घंटों या दिनों में स्टॉक उपलब्ध होते ही वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
"विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के किसी भी अंतिम छोर पर बैठे गरीब से गरीब व्यक्ति को उसका हक समय पर मिले। खाद्यान्न के इस संयुक्त आवंटन से वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और गति दोनों आई हैं।"
— खाद्य विभाग, छत्तीसगढ़ शासन
पारदर्शिता और सुगमता के साथ हो रहा है वितरण
डिजिटल युग और आधुनिक पीरडीएस प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। बायोमेट्रिक सत्यापन और ई-पॉस् मशीनों के जरिए पात्र हितग्राहियों को उनका निर्धारित कोटा दिया जा रहा है। राशन कार्डधारकों से अपील की गई है कि वे तय तिथि यानी 30 सितंबर से पहले अपने नजदीकी केंद्र पर जाएं और अपना दो महीने का हक सुरक्षित करें। यदि किसी दुकान पर खाद्यान्न वितरण को लेकर किसी प्रकार की अनियमितता या आनाकानी की जाती है, तो नागरिक तुरंत संबंधित जिला खाद्य अधिकारी या टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।