उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर रायबरेली का सियासी पारा गर्म है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इन दिनों अपने दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र में मौजूद हैं। सांसद चुने जाने के बाद यह उनका आठवां दौरा है, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के प्रति कितने सक्रिय और गंभीर हैं। दौरे के दूसरे दिन उन्होंने भुएमऊ गेस्ट हाउस में एक विशाल जनता दरबार लगाया, जहां सुबह से ही आम जनता का तांता लग गया।
भुएमऊ गेस्ट हाउस में उमड़ी भारी भीडबुधवार की सुबह भुएमऊ गेस्ट हाउस किसी महाकुंभ जैसा नजर आ रहा था। दूर-दराज से आए लोगों की लंबी-लंबी कतारें इस बात की गवाही दे रही थीं कि जनता को अपने सांसद से कितनी उम्मीदें हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच एक-एक करके लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी गई। राहुल गांधी ने बड़े ही धैर्य के साथ हर एक शख्स की बात सुनी और उनकी समस्याओं को नोट किया। इस दौरान आम जनता के साथ-साथ स्थानीय समाजवादी पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने भी राहुल गांधी से मुलाकात की और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के जनसंपर्क कार्यक्रम जनता और जनप्रतिनिधि के बीच की दूरी को कम करते हैं। पिछले कुछ महीनों में राहुल गांधी ने रायबरेली में अपनी जमीनी पकड़ को और मजबूत किया है, जिसका सीधा असर जनता के बीच उनके प्रति बढ़ते विश्वास में साफ तौर पर देखा जा सकता ह3 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगातअपने इस दो दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में राहुल गांधी रायबरेली की जनता को बड़ा तोहफा देने जा रहे हैं। वह अपनी सांसद निधि से लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन विकास कार्यों से क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।
इसके बाद, दोपहर करीब 12 बजे वह बचत भवन पहुंचेंगे, जहां वह 'जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति' (DISHA) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में जिले में चल रहे केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।सर्राफा कारोबारियों की पीड़ा, संसद में आवाज उठाने का भरोसा
इस दौरे के दौरान राहुल गांधी का एक अलग ही रूप देखने को मिला जब वह व्यवसायियों के बीच पहुंचे। मंगलवार की रात उन्होंने शहर के प्रभु टाउन इलाके में पहुंचकर जाने-माने सर्राफा व्यवसायी फाना त्रिवेदी के आवास पर जिले के तमाम सर्राफा कारोबारियों के साथ एक लंबी बैठक की।
व्यापारियों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए राहुल को बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा केवल जरूरत भर का सोना-चांदी खरीदने की अपील के बाद से उनके कारोबार पर ब्रैक लग गया है। सर्राफा कारोबारियों का दावा है कि इस बयान और बढ़े हुए जीएसटी के चलते उनकी बिक्री में लगभग 50 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरा व्यापार संकट के दौर से गुजर रहा है। व्यापारियों की इस पीड़ा को गंभीरता से सुनते हुए राहुल गांधी ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह इस मुद्दे को आगामी संसद सत्र में पूरी ताकत के साथ उठाएंगे और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ेलखनऊ एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसारायबरेली पहुंचने से पहले मंगलवार को राहुल गांधी के सफर में एक डरावना पल भी आया। दिल्ली से लखनऊ आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट (संख्या AI-1717) जब लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंड करने वाली थी, तब तकनीकी कारणों से पायलट को विमान की लैंडिंग रद्द करनी पड़ी।
विमान रनवे के बेहद करीब पहुंच चुका था, लेकिन पायलट को स्थिति सुरक्षित नहीं लगी, जिसके चलते विमान को अचानक 'गो-अराउंड' कराना पड़ा। इस अचानक हुई गतिविधि से विमान में बैठे यात्रियों की सांसे थम गईं और एक तेज झटका महसूस हुआ। हालांकि, पायलट की सूझबूझ और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के तालमेल से हवा में करीब 25 मिनट तक चक्कर काटने के बाद विमान को दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतार लिया गया, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।सक्रियता से बदल रही है राजनीतिक फिजा
वर्ष 2024 के आम चुनावों में भारी जीत दर्ज करने के बाद से राहुल गांधी लगातार रायबरेली का दौरा कर रहे हैं। मई महीने में अपने एक दौरे के दौरान उन्होंने बछरावां में सांसद निधि से बने मैरिज हॉल का उद्घाटन किया था और देश की आर्थिक नीतियों पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने तब चेतावनी दी थी कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर माध्यम और गरीब वर्ग पर पड़ेगा।
आज जिस प्रकार से रायबरेली की जनता अपने सांसद के स्वागत के लिए सड़कों पर उतर रही है और अपनी समस्याएं खुलकर साझा कर रही है, वह उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा संदेश दे रही है। जनता दरबार, विकास कार्यों की सौगात और व्यापारियों से सीधा संवाद—यह सब इस बात का संकेत है कि राहुल गांधी ने अपने इस पारंपरिक गढ़ में अपनी जड़ें और गहरी कर ली हैं।