आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में अगर किसी का फोन चोरी हो जाए या गुम हो जाए, तो सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं होता, बल्कि पर्सनल डेटा के खोने का डर भी सताने लगता है। इस बीच उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। जीआरपी (GRP) और जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से एक ऐसा अभियान चलाया है, जिसने सैकड़ों लोगों के चेहरे पर फिर से मुस्कान बिखेर दी है। पुलिस ने करोड़ों रुपये के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं। इसके साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी पुलिस ने कड़ी शिकंजा कसा है।
जीआरपी गोरखपुर की बड़ी सफलता: 1.30 करोड़ के मोबाइल बरामद
मंगलवार को जीआरपी गोरखपुर अनुभाग ने मोबाइल धारकों को एक बड़ी खुशखबरी दी। एसपी रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन और सीओ रेलवे बलिया सवि रत्न गौतम व सीओ रेलवे गोरखपुर अशोक कुमार सिंह के निकट पर्यवेक्षण में पुलिस ने एक मिसाल कायम की है। जीआरपी अनुभाग की सर्विलांस सेल टीम और थानों की पुलिस ने पिछले तीन महीनों में कड़ी मेहनत करते हुए कुल 510 खोए हुए मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और अन्य प्रांतों से ढूंढ निकाले हैं।
बरामद किए गए इन मोबाइलों में अधिकांश की कीमत 25 से 30 हजार रुपये के बीच है, जबकि कुछ प्रीमियम आईफोन और महंगे एंड्रॉइड फोन की कीमत 80 हजार रुपये तक है। इन सभी 505 एंड्रॉइड फोन और 5 आईफोंस की कुल अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपये आंकी गई है। एसपी रेलवे कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सुरक्षित सुपुर्द किया गया।
एक साल में 1,810 से ज्यादा मोबाइल वापस
खास बात यह है कि एसपी रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के नेतृत्व में सर्विलांस सेल टीम ने मई 2025 से अब तक 1,810 से अधिक मोबाइलों को सफलतापूर्वक बरामद किया है और उन्हें उनके मालिकों तक पहुंचाया है। इस बेहतरीन और सराहनीय कार्य के लिए एसपी रेलवे ने सर्विलांस सेल टीम और जीआरपी थाना गोरखपुर की पुलिस टीम को नकद पुरस्कार से सम्मानित भी किया। टीम को 2 हजार और 1 हजार रुपये का इनाम देकर उनका हौसला बढ़ाया गया।
जिला पुलिस का कमाल: CEIR पोर्टल से 1.49 करोड़ के फोन बरामद
केवल जीआरपी ही नहीं, बल्कि गोरखपुर जिला पुलिस ने भी गुम और चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी के इस महा-अभियान में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पुलिस लाइन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एसपी सिटी निमिष पाटील ने मीडिया को जानकारी दी कि भारत सरकार के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद से पुलिस ने एक और चरण में 826 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 49 लाख 1 हजार 394 रुपये है। इस प्रेसवार्ता में सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस भी विशेष रूप से मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद के विभिन्न थानों के माध्यम से लगातार CEIR पोर्टल पर गुमशुदगी की सूचनाएं दर्ज कराई जाती हैं।
कैसे काम करता है CEIR पोर्टल?
तकनीक का इस्तेमाल कर किस तरह अपराधियों और गुमशुदा सामानों को खोजा जा रहा है, इसका यह एक बेहतरीन उदाहरण है। एसपी सिटी ने विस्तार से समझाया कि जब पोर्टल के माध्यम से खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल की 'ट्रेसेबिलिटी डिटेल्स' मिलती है, तो फोन के दोबारा एक्टिव होने की लोकेशन और उसमें इस्तेमाल हो रहे नए सिम कार्ड नंबर का आसानी से पता चल जाता है। इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आती है और मोबाइल को सुरक्षित बरामद कर लिया जाता है।
सड़क सुरक्षा पर भी कड़ा पहरा: ट्रैफिक पुलिस का विशेष अभियान
मोबाइल बरामदगी के इन बड़े अभियानों के साथ-साथ गोरखपुर शहर में यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए भी ट्रैफिक पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश और एसपी ट्रैफिक अमित कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में यातायात पुलिस ने शहर के प्रमुख धर्मशाला चौराहे पर देर रात तक एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य दोपहिया-चारपहिया वाहनों की सघन जांच की गई। नियमों को ताक पर रखकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की गई।
- बिना नंबर प्लेट के वाहन: जांच के दौरान 4 ऐसे वाहन पकड़े गए जिन पर कोई नंबर प्लेट नहीं लगी थी। पुलिस ने इन वाहनों का चालान काटकर सीज करने की कार्रवाई की।
- अनफिट गाड़ियां: नियमों को दरकिनार कर सड़कों पर दौड़ रहे 11 ऐसे वाहन मिले जिनके पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं था। इन पर भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ा शिकंजा कसा गया।
- ड्रंक एंड ड्राइव: चेकिंग के दौरान शराब के नशे में वाहन चलाकर राहगीरों की जान जोखिम में डालने वाले एक चालक को भी पुलिस ने दबोचा। उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की गई।
सुरक्षा और सतर्कता का संदेश
अमित कुमार श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और सड़क पर अवैध अतिक्रमण करने वालों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। सड़क सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए इस तरह के विशेष अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।
गोरखपुर प्रशासन की यह दोहरी सफलता—एक तरफ करोड़ों के मोबाइल उनके मालिकों तक पहुंचाना और दूसरी तरफ सड़कों पर कानून व्यवस्था दुरुस्त करना—यह साबित करती है कि यदि तकनीकी और प्रशासनिक इच्छाशक्ति का सही तालमेल हो, तो आम जनता को त्वरित न्याय और राहत मिल सकती है। यदि आपका भी मोबाइल कभी गुम हो, तो तुरंत CEIR पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि पुलिस समय रहते आपकी मदद कर सके।