मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के मूंदी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जामनिया में एक 18 वर्षीय युवक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है, लेकिन इस मातम के बीच सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठ खड़ा हुआ है। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर अस्पताल में डॉक्टर मिल जाते, तो उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी। अस्पताल में इलाज न मिलने और डॉक्टर की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला है, जिसके बाद मौके पर हंगामा भी हुआ।
तालाब में नहाने के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मंगलवार शाम करीब 4 बजे की है। मृत 18 वर्षीय युवक की पहचान अयान (पिता रियाज कुरैशी) के रूप में हुई है, जो कि ग्राम जामनिया का ही रहने वाला था। शाम के वक्त अयान अपने कुछ दोस्तों के साथ गांव के पास स्थित एक तालाब में नहाने के लिए गया था। गर्मी के दिनों में या सामान्य दिनों में दोस्तों के साथ तालाब में उतरना आम बात होती है, लेकिन किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह हँसी-खुशी का पल एक भयानक त्रासदी में बदल जाएगा।
नहाने के दौरान अचानक अयान का पैर फिसला या वह अंदाज न मिलने के कारण गहरे पानी में चला गया। पानी का गहराई अधिक होने और तैरने के दौरान संतुलन बिगड़ने से वह डूबने लगा। अयान को डूबता देख उसके साथ मौजूद दोस्तों के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने तुरंत शोर मचाया और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।
ग्रामीणों ने की मशक्कत, तुरंत पहुंचे अस्पताल
शोर शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण और अयान के परिजन तुरंत मौके की तरफ दौड़े। बिना एक भी पल गंवाए ग्रामीणों ने तालाब में उतरकर अयान की तलाश शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला गया। जब उसे बाहर निकाला गया, तब परिजनों के मुताबिक उसकी सांसे हल्की-फुल्की चल रही थीं और शरीर में हलचल थी। तुरंत उसे बचाने के लिए ग्रामीण और परिजन बिना किसी एम्बुलेंस का इंतजार किए निजी वाहन से उसे तुरंत मूंदी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर भागे।
परिजनों का गंभीर आरोप: 'अस्पताल में नहीं था एक भी डॉक्टर'
अयान के परिजनों और साथ आए लोगों का आरोप है कि जब वे गंभीर हालत में अयान को लेकर मूंदी अस्पताल पहुंचे, तो वहां इमरजेंसी सेवाओं का बुरा हाल था। परिजनों का दावा है कि अस्पताल के अंदर प्रवेश करने के बाद भी अयान को देखने के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के भीतर तैनात एक नर्स उस वक्त कथित तौर पर मोबाइल फोन पर व्यस्त थी और उसने मरीज की गंभीरता को नजरअंदाज कर दिया। जब काफी देर तक कोई डॉक्टर सामने नहीं आया और अयान की हालत लगातार बिगड़ने लगी, तो परिजन उसे आनन-फानन में किसी अन्य निजी चिकित्सक या अस्पताल की तरफ लेकर भागे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। निजी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद अयान को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद निराश परिजन उसके शव को वापस मूंदी शासकीय अस्पताल लेकर लौटे।
अस्पताल परिसर में हंगामा और पूर्व विधायक का पहुंचना
शासकीय अस्पताल में डॉक्टर के न मिलने और समय पर इलाज न होने के कारण अयान की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा होने लगी। परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया।
मामले की गंभीरता को भांपते हुए क्षेत्र के पूर्व विधायक ठाकुर राजनारायण सिंह भी तुरंत मूंदी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर तीखे सवाल उठाए। पूर्व विधायक ने मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध होता, तो इस युवा की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
पोस्टमार्टम को लेकर अड़ गए परिजन
युवक की मौत से गुस्साए परिजन इस बात पर अड़ गए कि वे शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। उनका कहना था कि जब शासन-प्रशासन इलाज ही नहीं दे पाया, तो अब औपचारिकताएं पूरी करने का क्या फायदा। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अमले ने परिजनों को काफी समझाया-बुझाया। पुलिस ने उन्हें निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए और कानूनी प्रक्रिया के तहत शव का पोस्टमार्टम कराया जा सका।
पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और यह जांच शुरू कर दी है कि घटना के समय अस्पताल में डॉक्टर ड्यूटी पर क्यों नहीं थे और क्या वाकई लापरवाही बरती गई थी। इस पूरी घटना ने एक बार फिर ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है, जहां जरा सी लापरवाही किसी हंसते-खेल्ते परिवार का चिराग बुझा देती है।