छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद शर्मनाक और अनुशासन को तार-तार करने वाला मामला सामने आया है। शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाले एक शिक्षक की करतूत ने सबको हैरान कर दिया है। कोटा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले अनुदान प्राप्त विद्यामंदिर प्राथमिक शाला, बेहरामुड़ा में पदस्थ सहायक शिक्षक चतरपाल सिंह राज के खिलाफ प्रशासन ने अत्यंत कठोर कदम उठाया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय की प्रबंध समिति को तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
वायरल वीडियो और शिकायतों के बाद जागा प्रशासन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला 3 अक्टूबर का है। आरोपी शिक्षक चतरपाल सिंह राज पर आरोप है कि उसने विद्यालयीन समय के दौरान नशे की हालत में न केवल स्कूल परिसर में प्रवेश किया, बल्कि वहां ऐसा अमर्यादित और अभद्र आचरण किया जो एक शिक्षक की गरिमा को पूरी तरह से तार-तार कर देता है। स्कूल के बच्चों और अन्य स्टाफ के सामने शिक्षक का यह रूप देखकर सभी स्तब्ध रह गए।
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया। मामले की नजाकत को भांपते हुए प्रशासनिक अमला हरकत में आया और तुरंत प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए।
प्रधानमंत्री पर की गई थी आपत्तिजनक टिप्पणी
मामले की जांच रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। शासकीय हाई स्कूल बेहरामुड़ा के प्राचार्य और संकुल शैक्षणिक समन्वयक द्वारा सौंपे गए संयुक्त जांच प्रतिवेदन में इस बात की पुष्टि की गई है कि आरोपी शिक्षक ने नशे की हालत में देश के प्रधानमंत्री के संबंध में भी बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था।
जापान, अमेरिका या दुनिया के किसी भी कोने में शिक्षक को समाज का निर्माता माना जाता है, लेकिन जब इस तरह के पद पर बैठा व्यक्ति ही सरेआम इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करे, तो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होना लाजिमी है।
जिला शिक्षा अधिकारी का कड़ा निर्देश: 24 घंटे के भीतर दें रिपोर्ट
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पत्र के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम को शिक्षक की गरिमा, निर्धारित शासकीय आचरण नियमों के विपरीत और शिक्षण संस्थान की प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य माना गया है।
चूंकि संबंधित विद्यालय एक अनुदान प्राप्त संस्था है और इसका प्रबंधन विद्यालय प्रबंध समिति के अधीन आता है, इसलिए डीईओ कार्यालय ने सीधे तौर पर समिति के अध्यक्ष और सचिव को निर्देश दिया है कि वे:
- आरोपी सहायक शिक्षक चतरपाल सिंह राज को तत्काल प्रभाव से निलंबित करें।
- कारਵਾਈ पूरी करने के बाद महज 24 घंटे के भीतर इसका अनुपालन प्रतिवेदन (Action Taken Report) जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें।
वेतन रोकने की दी गई कड़ी चेतावनी
प्रशासन ने इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने से साफ इंकार कर दिया है। डीईओ के पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित 24 घंटे की समयावधि के भीतर प्रबंध समिति द्वारा कार्रवाई का प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो विद्यालय के समस्त स्टाफ और संस्था के वेतन भुगतान की प्रक्रिया पर रोक लगा दी जाएगी।
इस पूरी लापरवाही या देरी की जवाबदेही सीधे तौर पर विद्यालय प्रबंध समिति की होगी। प्रशासन के इस रुख से साफ है कि शिक्षा विभाग स्कूलों में अनुशासनहीनता और इस तरह की हरकतों को बिल्कुल बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश
इस घटना के सामने आने के बाद बेहरामुड़ा और आसपास के इलाकों के अभिभावकों में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जब शिक्षक ही इस तरह का आचरण करेंगे, तो बच्चों के भविष्य का क्या होगा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल निलंबन ही नहीं, बल्कि ऐसे शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच बिठाकर स्थायी बर्खास्तगी की कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई दूसरा शिक्षक ऐसी हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके।
फिलहाल, जिला शिक्षा अधिकारी के इस कड़े निर्देश के बाद स्कूल प्रबंधन समिति एक्शन मोड में आ गई है और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। आने वाले घंटों में इस मामले पर और भी बड़ी विभागीय गाज गिर सकती है।