छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक अत्यंत सनसनीखेज और झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां नशे की लत और बिरयानी खाने के लिए पैसे जुटाने की सनक में चार नाबालिगों समेत पांच आरोपियों ने एक व्यक्ति की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
यह खौफनाक वारदात रायगढ़ जिले के जूटमिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास आधी रात को अंजाम दी गई। मृतक की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष के बीच आंकी जा रही है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक उसकी आधिकारिक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी हुई है ताकि मृतक के परिजनों का पता लगाया जा सके।
घटना का विवरण और लूट का विरोध
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब एक बजे आरोपी नशे की हालत में थे। इसी दौरान उनमें से कुछ को बिरयानी खाने की तीव्र इच्छा हुई, लेकिन जेब में पर्याप्त पैसे नहीं थे। पैसे की इसी जरूरत को पूरा करने के लिए आरोपी योजना बनाकर ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड पहुंचे। वहां सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति को सोते हुए देखकर आरोपियों ने उसकी जेब टटोलनी शुरू कर दी ताकि नकदी और मोबाइल चुराए जा सकें।
अचानक नींद खुलने पर पीड़ित ने जब इस हरकत का कड़ा विरोध किया, तो आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने अपने पास रखे चाकू से पीड़ित के सीने, पीठ, कंधे और जांघ पर ताबड़तोड़ कई वार किए। अत्यधिक खून बह जाने और गंभीर चोटें आने के कारण पीड़ित ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद आरोपी उसकी जेब से 70स्ट रुपये लूटकर वहां से फरार हो गए।
पुलिस की जांच और एफएसएल टीम की कार्रवाई
शनिवार को स्थानीय पुलिस को ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। मृतक के शरीर पर सीने, कंधे और अन्य हिस्सों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे।
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तुरंत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की पहचान के लिए अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
गिरफ्तारियां और आपराधिक पृष्ठभूमि
जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि इस जघन्य वारदात को 15 से 16 वर्ष के कुछ किशोरों ने अंजाम दिया है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने रायगढ़ के मिट्ठूमुड़ा, बजरंगपारा और सांगीतराई इलाकों में ताबड़तोड़ दबिश दी। पुलिस ने इस मामले में 19 वर्षीय राजेश्वर सारथी उर्फ समारू के साथ-साथ चार अन्य नाबालिगों को भी हिरासत में लिया है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे सभी नशे के आदी हैं और पहले भी छोटी-मोटी चोरियों व कबाड़ चोरी में संलिप्त रहे हैं। आरोपी अक्सर रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और सुनसान जगहों पर रात के समय अकेले आने-जाने वाले लोगों, बुजुर्गों तथा नशे में धुत व्यक्तियों को अपना निशाना बनाते थे। वे पीड़ितों के मोबाइल फोन और नकदी लूटकर उस पैसे को खाने-पीने और अपनी अय्याशी में खर्च करते थे।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस अपराध में इस्तेमाल किए गए धारदार चाकू, खून से सने कपड़े और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी आरोपियों को उनके कृत्यों के अनुसार सख्त सजा मिले।