बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। पतोर थाना क्षेत्र के एक गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में 16 वर्षीय एक किशोरी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका अपनी बुआ के घर रहकर पढ़ाई और रह रही थी, लेकिन एक रात में ऐसा क्या हुआ कि उसकी जिंदगी का अंत हो गया, यह सवाल अब पुलिस और परिवार वालों के जेहन में सबसे बड़ा रहस्य बन गया है। इस घटना के बाद से मृतका की मंझली बहन का पति यानी उसका जीजा रहस्यमय तरीके से फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
बुआ के घर रह रही थी किशोरी, ऐसे शुरू हुई पूरी कहानी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की बुआ के पति और उनके दोनों बेटे रोजी-रोटी के सिलसिले में परदेस में रहकर मजदूरी करते हैं। घर पर बुआ अकेली रहती थीं, और अकेलेपन व कामकाज में मदद के वास्ते उन्होंने अपनी इस 16 वर्षीय भतीजी को गत 22 सितंबर को अपने पास बुला लिया था। मृतका अकसर अपने मोबाइल फोन के जरिए अपनी मंझली बहन के पति राहुल यादव से बातचीत किया करती थी। राहुल दरभंगा के पंडासराय इलाके में एक गैरेज में बतौर मैकेनिक काम करता था। दोनों के बीच बातचीत का यह सिलसिला इस खौफनाक मोड़ तक पहुंच जाएगा, इसका अंदाजा शायद ही किसी ने लगाया होगा।
घटनाक्रम के मुताबिक, बीते 1 अक्टूबर की शाम राहुल अचानक अपनी साली से मिलने बुआ के घर जा पहुंचा। इसके बाद दोनों ने केवटी के बाढ़ पोखर के पास आयोजित प्रसिद्ध इंद्र पूजा का मेला घूमने का प्लान बनाया। बाइक पर सवार होकर दोनों रातभर मेला घूमते रहे और अगले दिन यानी शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे वापस बुआ के घर लौटे। किसी को यह अंदेशा नहीं था कि यह मेला घूमना उस किशोरी की जिंदगी का आखिरी सफर साबित होने वाला है.
मेले से लौटने के बाद क्या हुआ?
शुक्रवार की सुबह मेले से लौटने के बाद बुआ ने दोनों को घर पर ही छोड़ा और खुद घर से करीब एक किलोमीटर दूर, कमला नदी की धार के पार स्थित अपने बथान (मवेशी रखने की जगह) की ओर चली गईं। वहां वह अपने मवेशियों की देखरेख में व्यस्त हो गईं। दिनभर बीतने के बाद शाम के करीब पांच बजे किशोरी ने राहुल के ही मोबाइल फोन से बुआ को फोन किया और यह सुनिश्चित किया कि वह बथान पर ही हैं या नहीं। इसके महज दो घंटे बाद जब बुआ वापस अपने घर लौटीं, तो नजारा पूरी तरह डरावना था।
घर के एस्बेस्टस वाले कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जब बुआ ने खिड़की या अन्य माध्यम से अंदर झांककर देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। 16 वर्षीय किशोरी का शव कमरे की छत में लगे बांस के बल्ले से दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटका हुआ था। इस खौफनाक मंजर को देखकर बुआ के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना फोन पर राहुल यादव को दी।
जीजा की संदिग्ध हरकतें और ग्रामीणों का शक
सूचना मिलते ही राहुल अपने एक दोस्त के साथ कार लेकर फौरन वहां पहुंचा। उसने कमरे की खिड़की पर रखी ईंट को हटाया और अंदर दाखिल हुआ। इसके बाद उसने फंदे से लटके शव को नीचे उतारा और आनन-फानन में कार में रखकर वहां से निकलने की कोशिश करने लगा। राहुल की इस जल्दबाजी और संदिग्ध हरकतों को देखकर आसपास के स्थानीय ग्रामीणों को गंभीर आशंका हुई। ग्रामीणों को लगा कि शव को कहीं दूर ले जाकर ठिकाने लगाने की साजिश रची जा रही है।
ग्रामीणों ने जब कड़ा विरोध किया और कहा कि वे भी उसके साथ चलेंगे, तो स्थिति बिगड़ती देख राहुल ने बुआ के दरवाजे पर ही शव को वापस उतारा और अपनी कार लेकर मौके से फरार हो गया। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया और सनसनी फैल गई।
पुलिस की एंट्री और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही पतोर थाना की पुलिस तत्काल हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) भेज दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतका की बुआ ने पुलिस को घटना से जुड़ी तमाम कड़ियों और ब्योरे से अवगत कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर एक पहलू पर बारीकी से तफ्तीश कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है। इसके साथ ही, फरार चल रहे जीजा राहुल यादव की भूमिका की जांच के लिए पुलिस उससे पूछताछ करना चाहती है, जिसके लिए उसकी तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
थानाध्यक्ष का बयान
इस पूरे मामले पर पतोर थानाध्यक्ष चंद्रभूषण कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को एक किशोरी की संदिग्ध स्थिति में मौत की सूचना मिली थी, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अभी तक मृतका के परिवार या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। पुलिस को जैसे ही आधिकारिक आवेदन प्राप्त होगा, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और तेज कर दी जाएगी। फिलहाल, इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और हर कोई इस गुत्थी के सुलझने का इंतजार कर रहा है।