चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने अग्निवीर योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब 75% अग्निवीरों को 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा, जिससे उनका कार्यकाल 6 साल होगा।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने अग्निपथ योजना के तहत सेवा दे रहे अग्निवीरों के कार्यकाल को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। इसके तहत अब अग्निवीर चार साल के बजाय कुल छह साल तक सेना में नौकरी कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार, तीनों सेनाओं में सेवारत करीब 3.18 लाख अग्निवीरों में से जो जवान पहले चरण में 25% की मेरिट सूची में जगह नहीं बना पाते थे, उन्हें अब दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। यह सेवा विस्तार उनकी आपसी सहमति पर आधारित होगा। इस दौरान उन्हें बढ़ी हुई सैलरी और भत्ते भी मिलेंगे।दिसंबर तक 18,300 अग्निवीरों का पूरा होना था कार्यकाल
आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2026 तक पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला था। यह संख्या पहले बैच में भर्ती हुए कुल 24,400 अग्निवीरों का लगभग 75% है। पूर्व निर्धारित योजना के तहत नवंबर के मध्य से इन जवानों को चरणबद्ध तरीके से सेवा से बाहर किया जाना था। अब इस नए निर्णय से इन प्रशिक्षित जवानों को दो साल का अतिरिक्त समय मिल जाएगा, जिससे सेना को उनके अनुभव का लाभ मिलता रहेगा।
स्थाई नौकरी और चयन प्रक्रिया के नियम
जून 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के मूल प्रावधानों के तहत हर बैच के 25% अग्निवीरों को चार साल बाद मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाता है। यह 25% स्थायीकरण का नियम यथावत रहेगा। इसके अलावा, शेष 75% अग्निवीरों को सहमति से मिलने वाले दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल के बाद भी नियमित सैनिक बनने का एक और अवसर मिलेगा, हालांकि यह चयन पूरी तरह से उनके प्रदर्शन और मेरिट के आकलन पर निर्भर करेगा।
हाल ही में वायुसेना ने अपने पहले अग्निवीर बैच के 2,850 रिक्रूट्स में से 712 को नियमित सेवा में बनाए रखने का निर्णय लिया था। वहीं, भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब शारीरिक दक्षता परीक्षा से पहले लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, सेवाकाल के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण और अनुभव के आधार पर जवानों को औपचारिक स्किल सर्टिफिकेट भी प्रदान किए जाएंगे।