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बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 3 वरिष्ठ नेताओं को मीटिंग में लगाई फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 3 वरिष्ठ नेताओं को मीटिंग में लगाई फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

भारतीय जनता पार्टी के भीतर इन दिनों अनुशासनात्मक मामलों को लेकर सख्ती अपने चरम पर है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को बुलाई गई एक अहम बैठक के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं को सबके सामने फटकार लगाई। यह मामला किसी राजनीतिक बयानबाजी या नीतिगत मतभेद से नहीं, बल्कि एक बेहद संवेदनशील सामाजिक-राजनीतिक कार्यक्रम में शिरकत करने से जुड़ा हुआ है।

युवा संवाद की बैठक में अचानक उठा यह गंभीर मुद्दा

शनिवार को पार्टी मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी, जिसकी अध्यक्षता खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन कर रहे थे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर मंथन करना, उनके साथ संवाद और संपर्क को और अधिक मजबूत करने के लिए एक अचूक चुनावी व सांगठनिक रणनीति तैयार करना था। बैठक में पार्टी के कई दिग्गज नेता और मंत्री मौजूद थे, जिनमें केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, कमलेश पासवान, रवि किशन, गुरु प्रकाश पासवान, हेमांग जोशी, राजू बिस्टा, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूनम महाजन जैसे नाम शामिल थे।

सूत्रों से मिल रही अंदरखाने की जानकारियों के मुताबिक, जब बैठक अपने तय एजेंडे पर आगे बढ़ रही थी, तभी पार्टी अध्यक्ष ने संगठन में अनुशासन और वैचारिक प्रतिबद्धता के मुद्दे पर अपनी बात रखी और सीधे तौर पर कुछ नेताओं के हालिया कदमों पर गहरी नाराजगी जताई।

किन तीन नेताओं पर गिरी गाज?

बैठक के दौरान जिन तीन वरिष्ठ नेताओं को अध्यक्ष की नाराजगी का सामना करना पड़ा, उनके नाम सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। जिन नेताओं को फटकार लगाई गई उनमें:

  • कमलजीत सहरावत (वरिष्ठ भाजपा नेता)
  • रामवीर बिधूड़ी (दिग्गज भाजपा नेता)
  • योगेंद्र चंदोलिया (प्रमुख भाजपा नेता)

इन तीनों नेताओं को पार्टी अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में हिदायत दी और उनके इस कदम को संगठन की रीति-नीति के विपरीत करार दिया।

क्या था पूरा विवाद? शोक समारोह में जाने से क्या है कनेक्शन

आखिर ऐसा क्या हुआ कि पार्टी अध्यक्ष इतने नाराज हो गए? सूत्रों के अनुसार, यह पूरा विवाद एक शोक समारोह में शामिल होने से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि ये तीनों वरिष्ठ नेता कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार के किसी शोक समारोह या निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।

सज्जन कुमार का राजनीतिक इतिहास और उससे जुड़े संवेदनशील मामले जनता के बीच जगजाहिर हैं। ऐसे में, पार्टी के जिम्मेदार और वरिष्ठ पदों पर बैठे नेताओं का इस प्रकार के आयोजनों में शिरकत करना राजनीतिक रूप से पार्टी की छवि पर सवाल खड़े कर सकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से यह अपेक्षा की जाती है कि वे हर कदम पर पार्टी की लाइन और उसकी वैचारिक गरिमा का विशेष ध्यान रखें।

पार्टी में अनुशासन को लेकर कड़ा संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नबीन का यह सख्त रुख इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में पार्टी अनुशासनहीनता या वैचारिक विचलन को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। भले ही यह मामला व्यक्तिगत संवेदनाओं या सामाजिक शिष्टाचार से जुड़ा हुआ क्यों न माना जा रहा हो, लेकिन सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं के लिए प्रतीकों और मंचों का चुनाव बेहद मायने रखता है।

बैठक में मौजूद अन्य वरिष्ठ नेताओं के सामने इस तरह की सार्वजनिक फटकार से साफ हो गया है कि संगठन के भीतर शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है। अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद पार्टी के अन्य नेता अपने सार्वजनिक संपर्कों और कार्यक्रमों को लेकर कितने सतर्क रहते हैं।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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