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दिल्ली के सत्य निकेतन में ढही इमारत: बेसमेंट की खुदाई बनी काल, हादसे पर सीएम ने दी कड़ी चेतावनी

दिल्ली के सत्य निकेतन में ढही इमारत: बेसमेंट की खुदाई बनी काल, हादसे पर सीएम ने दी कड़ी चेतावनी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के व्यस्त और छात्रों से आबाद रहने वाले सत्य निकेतन इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ रविवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। इस भीषण हादसे में अब तक तीन लोगों की जान जाने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि मलबे के नीचे अभी भी कई मासूम छात्रों और अन्य लोगों के दबे होने की आशंका बनी हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले के साथ-साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने खुद वहां मौजूद रहकर राहत और बचाव कार्यों की मॉनिटरिंग की और स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर काफी समय बिताया और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए इस पूरी त्रासदी की असली वजह का खुलासा किया।

बेसमेंट की खुदाई बनी तबाही की मुख्य वजह

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह हादसा किसी प्राकृतिक आपदा का परिणाम नहीं, बल्कि मानवीय लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने बताया कि इस पुरानी इमारत के बेसमेंट में निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बेसमेंट की खुदाई के दौरान इमारत का एक मुख्य पिलर अपनी जगह से खिसक गया, जिसके कारण पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह भवन का मालिक हो या फिर नियमों की अनदेखी करने वाला कोई अधिकारी, कानून अपना काम करेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित की जाएगी।

PG के रूप में हो रहा था इमारत का इस्तेमाल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बहुमंजिला इमारत का उपयोग पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में किया जा रहा था। हादसे के वक्त इस बिल्डिंग के अंदर कई छात्र मौजूद थे, जो पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के सिलसिले में दिल्ली में रहते हैं। अचानक हुए इस हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत राहत कार्य शुरू किया, जिसके बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राहत कार्यों की जानकारी देते हुए बताया, 'अब तक मलबे से 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। मैं खुद अस्पताल जा रही हूं ताकि घायलों की स्थिति का जायजा ले सकूं और उन्हें बेहतरीन चिकित्सा मिल सके, यह सुनिश्चित कर सकूँ।'

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, प्राथमिकता जिंदगियां बचाना

प्रशासन के लिए इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य बचाव दल मलबे को हटाने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। संकरी गलियां होने के कारण भारी मशीनों को घटनास्थल तक लाने में कुछ दिक्कतों का सामना जरूर करना पड़ रहा है, लेकिन बचाव कर्मियों का जज्बा कम नहीं हुआ है।

  • घटनास्थल: सत्य निकेतन, नई दिल्ली
  • हादसे का कारण: बेसमेंट में अवैध या लापरवाही से की जा रही खुदाई और पिलर खिसकना
  • वर्तमान स्थिति: राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
  • हताहत: 3 लोगों की मौत, 11 सुरक्षित निकाले गए, कई अन्य के दबे होने की आशंका

सुरक्षा मानकों पर फिर उठे बड़े सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में चल रहे अवैध निर्माण और कमर्शियल गतिविधियों के नाम पर चल रहे पीजी (PG) संचालन की पोल खोल दी है। आवासीय क्षेत्रों में नियमों को ताक पर रखकर बिना इंजीनियर की देखरेख के बेसमेंट की खुदाई करना और इमारतों में मनमाने बदलाव करना आम बात हो गई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाता, जिसका खामियाजा बेकसूर छात्रों और आम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है।

बहरहाल, मुख्यमंत्री ने यह भरोसा दिलाया है कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और दिल्ली भर में ऐसे सभी असुरक्षित ढांचों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। फिलहाल, पूरा देश और शहर सत्य निकेतन के मलबे से सुरक्षित लोगों के बाहर आने की प्रार्थना कर रहा है।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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