दिल्ली में निवेश पर रकम दोगुनी करने का लालच देकर 3 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक ही परिवार के तीन सदस्यों को ईओडब्ल्यू ने पटना से गिरफ्तार किया।
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को मात्र 20 महीने में रकम दोगुनी करने और सालाना 60 प्रतिशत ब्याज का भारी-भरकम लालच देकर ठगी को अंजाम दे रहे थे।
नई दिल्ली में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने करीब तीन करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस ठगी में शामिल एक ही परिवार के तीन सदस्यों को बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सत्यानंद यादव, एक महिला और विकास यादव के रूप में हुई है, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए पटना में छिपकर रह रहे थे। इस मामले में अब तक कुल 27 पीड़ितों ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
इस तरह फैलाया गया ठगी का पूरा नेटवर्क
ईओडब्ल्यू के उपायुक्त इरशाद हैदर के अनुसार, यह पूरा मामला सुशील कुमार शर्मा और अन्य पीड़ितों की शिकायत पर दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी सत्यानंद यादव ‘सत्या फाइनेंशियल कंसल्टेंसी सर्विसेज’ के नाम से एक फर्जी फर्म का संचालन कर रहा था। इस फर्म के माध्यम से वह भोले-भाले निवेशकों को आकर्षित करता था।
आरोपियों ने निवेशकों को भरोसा दिलाया था कि उनकी निवेश की गई रकम महज 20 महीने में दोगुनी हो जाएगी और उन्हें सालाना 60 प्रतिशत की आकर्षक दर से ब्याज मिलेगा। इस प्रकार के प्रलोभन देकर शुरुआत में लोगों से बड़ी मात्रा में धनराशि जुटाई गई। हालांकि, जब निवेश की मियाद पूरी हुई और निवेशकों ने अपने रिटर्न तथा मूलधन की मांग की, तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और फरार हो गए।
निजी खातों में ट्रांसफर की गई निवेशकों की गाढ़ी कमाई
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि निवेशकों से ली गई रकम को केवल फर्म के खातों में ही नहीं, बल्कि आरोपियों के निजी बैंक खातों में भी ट्रांसफर कराया गया था। निजी कारोबार से जुड़े इन आरोपियों ने बहुत कम समय में अधिक पैसा कमाने की लालसा में इस बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क को खड़ा किया था। भारी-भरकम रकम ऐंठने के बाद आरोपी दिल्ली से फरार हो गए और पटना में अपना नया ठिकाना बना लिया था।
गैर-जमानती वारंट और तकनीकी निगरानी से मिली सफलता
फरार चल रहे आरोपियों की तलाश के लिए ईओडब्ल्यू ने कानूनी शिकंजा कसते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट हासिल किए। इसके बाद पुलिस टीमों ने उनके पुराने ठिकानों पर जाकर कानूनी नोटिस भी चस्पा किए। आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस की गिरफ्त से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी का सहारा लिया।
तकनीकी सर्विलांस के जरिए पटना में उनकी मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से तीनों आरोपियों को दबोच लिया। इसके बाद उन्हें स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें दिल्ली लाया गया है। पुलिस अब इस ठगी से जुड़े पैसों के इस्तेमाल, अन्य संभावित पीड़ितों और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में विस्तृत पूछताछ कर रही है।