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जब पीएम मोदी ने SRCC में बोला Gen-Z स्लैंग 'OG', छात्रों ने कहा- दिल जीत लिया

जब पीएम मोदी ने SRCC में बोला Gen-Z स्लैंग 'OG', छात्रों ने कहा- दिल जीत लिया

दिल्ली के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह का मंच गवाह बना एक ऐसे अनूठे संवाद का, जिसने पारंपरिक राजनीतिक भाषणों की लकीर को पूरी तरह से पीट दिया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब मंच से युवाओं की अपनी भाषा यानी Gen-Z स्लैंग 'OG' का इस्तेमाल किया, तो हॉल में मौजूद छात्रों का उत्साह देखने लायक था। देश की अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और भविष्य के विजन जैसे गंभीर मुद्दों के बीच प्रधानमंत्री के इस अनूठे अंदाज ने युवाओं के दिलों पर सीधी दस्तक दी।

छात्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री का कॉलेज परिसर में आना और इस अंदाज में संवाद करना उनके लिए एक ऐसा अनुभव रहा, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। आइए जानते हैं कि SRCC के इस ऐतिहासिक शताब्दी समारोह के बाद वहां के छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर क्या कुछ कहा और उनके भीतर किस तरह के बदलाव महसूस हुए।

'ओजी' (OG) शब्द ने युवाओं के साथ जोड़ा सीधा नाताआज के दौर की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z की अपनी एक अलग भाषा और शब्दावली है। जब देश के प्रधानमंत्री इस भाषा से जुड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो जुड़ाव स्वतः ही गहरा हो जाता है। SRCC के प्रथम वर्ष के छात्र युग ने बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा अपने भाषण में ‘OG’ (Original Gangster/Authentic) जैसे शब्दों का प्रयोग करना बेहद आश्चर्यजनक और सुखद था।

युग ने कहा, 'इस तरह के शब्दों को सुनकर हमें ऐसा महसूस हुआ मानो देश का शीर्ष नेतृत्व हमारी अपनी भाषा में हमसे बात कर रहा है और हमारी पीढ़ी की नब्ज को बखूबी समझता है।' वहीं, छात्रा अनन्या ने भी इस बात पर सहमति जताई। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री को इतने करीब से पहली बार सुनना ही अपने आप में एक बड़ा अनुभव था, और जब उन्होंने युवाओं के बीच प्रचलित स्लैंग का इस्तेमाल किया, तो पूरा माहौल हल्का-फुल्का और बेहद ऊर्जावान हो गया2013 से पहले और आज के भारत की तुलना: प्रेरणा का एक नया अध्याय

केवल स्लैंग ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के भाषण का वैचारिक और तथ्यात्मक हिस्सा भी छात्रों के लिए किसी मास्टरक्लास से कम नहीं था। छात्रा आरुषि ने इसे 'अमेजिंग और प्रेरणादायक अनुभव' करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस तरह से पुरानी अर्थव्यवस्था और मौजूदा भारत की स्थिति के बीच तुलना की, उससे नई पीढ़ी को देश के भविष्य के निर्माण के लिए आगे आने की एक मजबूत प्रेरणा मिली है।

आरुषि का मानना है कि SRCC जैसे संस्थान के छात्र होने के नाते देश की अर्थव्यवस्था और सरकार के विकास कार्यों में उनकी भी एक बड़ी भूमिका है, जिसे वे पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगी। वहीं, छात्रा स्वांतिका ने साल 2013 के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को पिछले एक दशक में किस दिशा में आगे बढ़ाया है, इसका बहुत ही स्पष्ट खाका खींचा। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष में कॉलेज परिसर में प्रधानमंत्री का आना हर छात्र के लिए गर्व का विषय ह'आधा गिलास' का नया फलसफा और संसाधनों का सही इस्तेमाल

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान 'आधा गिलास' वाली पुरानी कहावत को एक बिल्कुल नए और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया, जिसने छात्रों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। छात्रा अंशिका भाटिया ने इस उदाहरण की खासी तारीफ की।

अंशिका ने बताया, 'प्रधानमंत्री ने हमें सिखाया कि किसी भी परिस्थिति को देखने के दो तरीके नहीं बल्कि कई आयाम हो सकते हैं। गिलास आधा खाली या आधा भरा देखने के बजाय उसमें मौजूद पानी के साथ-साथ हवा की मौजूदगी को महसूस करना, यानी उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और रचनात्मक इस्तेमाल करना ही असली सफलता है।'

इस बात को आगे बढ़ाते हुए छात्र पीयूष गौड़ ने कहा कि यह उदाहरण विज्ञान और मैनेजमेंट दोनों के लिहाज से बेहद सटीक था। पीयूष के अनुसार, सीमित संसाधनों में देश को किस तरह आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है, यह सीख आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ी पूंजी है। हालांकि, अंशिका ने यह भी जोड़ा कि देश में अभूतपूर्व विकास के बावजूद कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां अभी और सुधार की गुंजाइश है, और सरकार को उन पर भी फोकस करना चाहिराष्ट्रीय सुरक्षा, 'मेक इन इंडिया' और सटीक डेटा का जादू

कॉमर्स के छात्रों के बीच डेटा और आंकड़ों की अपनी एक अलग अहमियत होती है। छात्रा आर्या जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री के भाषण में जिस तरह से सटीक आंकड़ों और डेटा का इस्तेमाल किया गया, उसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। आर्या के मुताबिक, आंकड़ों के जरिए भारत की वर्तमान मजबूत आर्थिक स्थिति को समझना उनके जैसे छात्रों के लिए बहुत ज्ञानवर्धक रहा।

छात्र रचित ने प्रधानमंत्री के आत्मविश्वास भरे संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भाषण के दौरान 'मेक इन इंडिया', विभिन्न विकास योजनाओं और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर खुलकर बात की। रचित ने आतंकवाद के खिलाफ और देश की रक्षा तैयारियों से जुड़े बकवास-मुक्त और कड़े संदेशों को बेहद महत्वपूर्ण बतजिम्मेदारी का अहसास और भविष्य का संकल्प

छात्रा निष्ठा ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कॉलेज के दिनों में ही उन्हें देश के प्रधानमंत्री को इतने पास से सुनने का अवसर मिल जाएगा। प्रधानमंत्री ने छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए जो जिम्मेदारी का अहसास कराया, उससे युवाओं के भीतर राष्ट्र के प्रति कुछ कर गुजरने की भावना और अधिक प्रखर हुई है।

छात्रा सिमरन ने भी इस बात को दोहराया कि इतनी कम उम्र में प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन मिलना उनके जीवन के सबसे खास पलों में से एक है। SRCC के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन सिर्फ एक औपचारिक भाषण बनकर नहीं रह गया, बल्कि इसने युवाओं की सोच, उनके विजन और देश के प्रति उनकी प्राथमिकताओं को एक नई दिशा दे दी है

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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