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गाजीपुर-आजमगढ़ मार्ग पर जाम से मिलेगी मुक्ति, आरओबी निर्माण को लेकर एसओजी और प्रशासन सख्त

गाजीपुर-आजमगढ़ मार्ग पर जाम से मिलेगी मुक्ति, आरओबी निर्माण को लेकर एसओजी और प्रशासन सख्त

गाजीपुर और आजमगढ़ को आपस में जोड़ने वाले व्यस्त मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। पूर्वांचल के इस अहम रूट पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से जल्द ही लोगों को हमेशा के लिए निजात मिलने वाली है। गाजीपुर जनपद के अंतर्गत आने वाले दुल्लहपुर बाजार में रेलवे क्रॉसिंग संख्या 11 (स्पेशल) पर ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण की प्रक्रिया अब अपने अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। इस प्रोजेक्ट के तेजी से आगे बढ़ने से स्थानीय निवासियों और रोजाना आने-जाने वाले चालकों में उत्साह का माहौल है।

प्रशासनिक अमले ने किया मौके का मुआयना

प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कमर कस ली है। हाल ही में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अतुल कुमार और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) रामकृष्ण तिवारी ने एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक टीम के साथ बंद रेलवे क्रॉसिंग संख्या 11 का धरातलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्य के लिए तय किए गए तकनीकी मानकों, भूमि के सीमांकन और इसके दायरे में आ रहे आसपास के अवैध अतिक्रमण का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम अतुल कुमार ने मौके पर मौजूद लेखपाल सौरभ सिंह को तत्काल प्रभाव से एक विस्तृत, सटीक और पारदर्शी रिपोर्ट तैयार करने का सख्त निर्देश दिया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से यह साफ जाहिर होता है कि सरकार इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। इससे पहले लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सहायक अभियंता (एई) अनुराग यादव भी इस क्षेत्र का तकनीकी जायजा ले चुके हैं, जिससे प्रोजेक्ट की रूपरेखा लगभग तैयार हो चुकी है.

व्यापारियों में राहत और चिंता के मिले-जुले अहसास

विकास की इस बयार के बीच दुल्लहपुर बाजार के व्यापारियों के मन में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ जहां उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि सालों पुरानी जाम की समस्या से उन्हें छुटकारा मिलने वाला है, वहीं दूसरी तरफ अपनी रोजी-रोटी और दुकानों के छिनने का डर भी उन्हें सता रहा है।

  • जाम से मुक्ति: वर्षों से बाजार के व्यापारी और ग्राहक घंटों जाम में फंसे रहते थे, जिससे व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था।
  • अतिक्रमण और तोड़फोड़ का डर: ओवरब्रिज के निर्माण मानकों और एप्रोच रोड के दायरे में कई पुरानी दुकानें और निर्माण आ रहे हैं।
  • कारोबार पर असर: दुकानदारों को आशंका है कि पुनर्वास या मुआवजे की प्रक्रिया स्पष्ट न होने पर उनकी आजीविका प्रभावित हो सकती है।

प्रशासन के अधिकारियों ने हालांकि स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य तय मानकों और नियमों के तहत ही आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि आम जनता और व्यापारियों दोनों के हितों का संतुलन बनाया जा सके।

क्यों जरूरी है यह ओवरब्रिज?

जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह रेलवे क्रॉसिंग गाजीपुर और आजमगढ़ के बीच आवागमन का मुख्य और सबसे व्यस्त मार्ग है। दिनभर में गुजरने वाली दर्जनों ट्रेनों के कारण यह फाटक बार-बार बंद होता था। इसके चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं, जिनमें कई बार एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन गाड़ियां भी घंटों फंसी रहती थीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्रॉसिंग पर जाम की समस्या किसी अभिशाप से कम नहीं थी। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और मरीजों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब इस ओवरब्रिज के बन जाने से न केवल इस क्षेत्र की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि पूर्वांचल का सड़क नेटवर्क भी अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।

पूर्वांचल के विकास को मिलेगी नई गति

वाराणसी ओवरब्रिज कॉरपोरेशन और लोक निर्माण विभाग के संयुक्त प्रयासों से आकार ले रहे इस प्रोजेक्ट को साल 2026 के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों में गिना जा रहा है। सरकार की मंशा है कि राज्य के हर हिस्से को बेहतर कनेक्टिविटी दी जाए ताकि व्यापार, परिवहन और आम नागरिकों का जीवन स्तर सुधर सके।

जैसे-जैसे निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है, प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के बीच समन्वय की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में सभी अड़चनों को दूर कर इस ओवरब्रिज के निर्माण की औपचारिक शुरुआत कर दी जाएगी, जो गाजीपुर और आजमगढ़ की जनता के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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